Monday, January 17, 2022

बिना कोचिंग के ही हरियाणा की ये बेटी बन गई आईएएस, अपनी मेहनत से पांचवीं रैंक पाकर बनीं टॉपर

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नई दिल्ली। सिविल सेवा परीक्षा के लिए कई कैंडीडेट्स कड़ी मेहनत से तैयारी करते हैं। आज भी कई युवा अपनी आँखों में अफसर बनने का सपना संजोए हुए हैं। इसके लिए कोई कोचिंग का सहारा लेता है तो कोई सेल्फ स्टडी के आधार पर ही परीक्षा की तैयारी करता है। लेकिन आमतौर पर कई लोगों द्वारा ये माना जाता है कि UPSC परीक्षा को सिर्फ कोचिंग से ही आसानी से निकाला जा सकता है।

5वीं रैंक को हासिल की

लेकिन आज हम आपको एक ऐसी IAS अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सेल्फ स्टडी और सही रणनीति के आधार पर ही परीक्षा की तैयारी की और परीक्षा में न सिर्फ सफलता को हासिल किया बल्कि उसमें टॉप भी किया। इस अफसर का नाम ममता यादव है। ममता यादव ने UPSC CSE 2020 में 5वीं रैंक को हासिल किया था। आज वे कई परीक्षार्थियों के लिए उनकी प्रेरणा बन चुकी हैं। आइए जानते हैं ममता यादव के बारे में।

हरियाणा की रहने वाली हैं ममता यादव

आमतौर पर आज भी कई परीक्षार्थी यही मानते हैं कि UPSC के लिए कोचिंग लेना जरूरी होता है। लेकिन वहीं कुछ ऐसे परीक्षार्थी भी हैं जिन्होंने इस बात को साबित किया है कि UPSC परीक्षा को सिर्फ सेल्फ स्टडी के आधार पर भी पास किया जा सकता है। इस भ्रम को UPSC 2020 की सिविल सेवा परीक्षा में 5वां स्थान हासिल करने वाली ममता यादव ने भी दूर कर दिया है।

बसई गाँव की निवासी हैं ममता

ममता यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ के बसई गाँव की निवासी हैं। आमतौर पर माना जाता है कि गाँव के लोग शहरों के लोगों से पीछे होते हैं। लेकिन इस बात को भी ममता यादव ने गलत साबित कर दिया है। ममता यादव अपने गाँव की पहली महिला हैं जिन्होंने UPSC परीक्षा पास की है। आज उनका पूरा गाँव ममता पर गर्व कर रहा है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया

स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद ममता ने स्नातक के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। अपनी स्नातक खत्म होने के बाद ही ममता ने UPSC की तैयारी करना शुरू कर दिया था। ममता ने तैयारी के लिए कोचिंग भी ली लेकिन इससे ज्यादा उन्होंने सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। क्यूंकि वे अच्छे से जानती थी कि UPSC को पास करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी सेल्फ स्टडी ही है।

दूसरे प्रयास में मिली सफलता

इसके बाद ममता UPSC परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रही थी। इस परीक्षा में कड़ी मेहनत के साथ साथ सही रणनीति की भी जरूरत होती है। ममता ने भी अपनी रणनीति पर सही तरीके से काम किया जिसका परिणाम ये रहा कि उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता मिल गई। ममता ने UPSC को पहले ही प्रयास में पास कर लिया था जिसमें उन्हें 556वीं रैंक मिली थी।

दूसरी बार UPSC परीक्षा पास की

लेकिन ममता को पहले प्रयास में IAS सर्विस नहीं मिल पाई। जबकि ममता ने सिर्फ प्रशासनिक सेवाओं में जाने का ही सपना देखा था। इसके बाद ममता ने वापस से कड़ी मेहनत करना शुरू कर दिया। ममता दिन राता मेहनत कर रही थी। ऐसे में ममता ने दूसरी बार UPSC परीक्षा को दिया जिसमें उन्होंने 5वीं रैंक के साथ टॉप कर लिया। ये मौका ममता के लिए वाकई खुशी का था। इसके बाद उन्हें मनचाही सर्विस भी मिल गई।

अन्य कैंडीडेट्स को ममता ने दी ये सलाह

दिल्ली नॉलेज ट्रेक को दे साक्षात्कार के मुताबिक ममता ने सबसे पहले UPSC सेविल सेवा परीक्षा के सिलेबस को अच्छे से समझा था। सिलेबस के अनुसार ही ममता ने NCERT किताबों को पढ़ना शुरू किया। जब उनके बेसिक्स क्लियर हो गए तो उन्होंने स्टैंडर्ड किताबों को पढ़ना शुरू किया। इस दौरान ममता ने नियमित रूप से पढ़ाई की और मॉक टेस्ट भी दिए। इसी के साथ साथ ममता ने आन्सर राइटिंग का भी अभ्यास किया था।

शेड्यूल बनाना बेहद जरूरी

ममता के मुताबिक UPSC की तैयारी के लिए शेड्यूल बनाना बेहद जरूरी है। वहीं ममता के अनुसार समय समय पर तैयारी का विश्लेषण भी परीक्षा में सफलता पाना आसान कर सकता है। वहीं ममता गलतियों से सीखने और उन्हें सुधारने की भी सलाह देती हैं। ममता के मुताबिक इस परीक्षा में कड़ी मेहनत के साथ साथ डेडिकेशन की भी बेहद जरूरत होती है। लेकिन आज IAS ममता यादव अनेकों परीक्षार्थियों के लिए उनकी रोल मॉडल भी बन चुकी हैं।

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