Sunday, January 16, 2022

हरियाणा के नरेंद्र ने दुनिया में लहराया अपना तिरंगा, विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर लगातार दो बार की चढ़ाई

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चंडीगढ़। हरियाणा के नौजवान कई मामलों में दुनिया भर में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रदेश सरकार भी अपने युवाओं को प्रोत्साहित करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देती। यही वजह है कि आज खेल की दुनिया में प्रदेश के युवाओं ने दुनिया भर में हरियाणा का डंका बजाया है। प्रदेश के खिलाडिय़ों ने तमाम मैडल जीतकर यह साबित किया है कि वह अव्वल प्रदेश के रहने वाले हैं और सरकार के प्रोत्साहन से वह दुनिया भर में हरियाणा का नाम बढ़ा रहे हैं।

इस युवक का नाम है नरेंद्र कुमार

आज हम ऐसे ही एक युवक का नाम बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी अटूट मेहनत, हौंसला और कठिन संघर्ष के दम पर दुनिया भर में हरियाणा का परचम लहराया है। इस युवक का नाम है नरेंद्र कुमार,जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर भारत का तिरंगा फहराया है, वह भी एक बार नहीं, बल्कि लगातार दो बार। तो आईए जानते हैं हरियाणा के रहने वाले नरेंद्र कुमार के बारे में दिलचस्प बातें।

एक दिन में दो बार की चोटी की यात्रा

नरेंद्र ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को एक दिन में दो बार फतह किया है। इस चोटी का नाम है माऊंट किलोमंजारो। दरअसल नरेंद्र ने 28 दिसंबर को अपनी यात्रा शुरू की, उन्होंने दोपहर को 2 बजकर 30 मिनट पर पर्वत पर चढऩे का अपना सफर आरंभ किया और तमाम कठिन संघर्ष और मुश्किलों का सामना करते हुए 28 दिसबंर की शाम को 6 बजे पहली बार चोटी पर तिरंगा फहराया और अपने प्रदेश तथा देश का नाम रोशन कर दिया। इसके बाद उन्होंने नीचे जाने की यात्रा शुरू की तथा 29 दिसंबर को दोपहर 2 बजे वापिस किलिमंजारो नेशनल पार्क लौट आए।

सोचा इतिहास कैसे बनाऊं

वापिस आने के बाद नरेंद्र को कुछ खालीपन का अहसास हुआ, वह सोचने लगे कि यह तो सभी कर लेते हैं, उन्होंने इसमें ऐसा क्या किया, जिससे देश का नाम रोशन हो। यह सोचते हुए नरेंद्र को एक घंटा बीत गया। बस वह दोबारा से उठे और बिना सोचे एक ऐसा इतिहास बनाने की दिशा में आगे बढ़ गए, जिसे बनाने का हौंसला मतवाले लोगों में ही होता है। नरेंद्र ने एक बार फिर से महज एक घंटा आराम करने के बाद दोबारा से चढ़ाई शुरू कर दी। 29 दिसबंर को को दोपहर तीन बजे नरेंद्र ने अपनी कमर कसी और लगातार दूसरी बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतेह करने की ठान ली।

नरेंद्र ने बनाया अनोखा रिकार्ड

अगले ही दिन यानि कि 30 दिसंबर को नरेंद्र ने तमाम मुश्किलों पर जीत पाते हुए दोबारा से किला फतेह कर दिखाया। वह दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर माऊंट किलिमंजारो पर राष्ट्रीय ध्वज को फहराते हुए दिखाई दिए। इस तरह से नरेंद्र ने एक ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे बनाने के लिए अनेक युवा सपना देखते हैं। मगर नरेंद्र जैसा हौंसला दिखाने की हिम्मत वह नहीं कर पाते। यह रिकार्ड है कि आज तक दुनिया का कोई भी पर्वतरोही ऐसा गजब का हौंसला और हिम्मत नहीं दिखा पाया है, जोकि हरियाणा के इस वीर ने दिखाया है। इतने कम समय में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को दो बार फतेह करना अपने आप में विश्व रिकार्ड है। इस चढ़ाई की यात्रा करने पर नरेंद्र ने 3 लाख 60 हजार रुपए खर्च किए। बता दें कि नरेंद्र एक राष्ट्रीय स्तर के जूडो खिलाड़ी हैं। जिन्होंने अपने गजब के हौंसले और हिम्मत से दुनिया भर में अपने देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

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