Sunday, January 16, 2022

केंद्रीय मंत्री गडक़री ने लगाई 6400 करोड़ रुपए की सडक़ परियोजनाओं पर मोहर, अब एक सूत्र में बंध जाएगा हरियाणा

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चंडीगढ़। हरियाणा में जल्द ही सभी स्टेट हाईवे पूरी तरह से चकाचक नजर आएंगे। राज्य की इन 11 सडक़ परियोजनाओं पर केंद्रीय परिवहन एवं यातयात मंत्रालय ने भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। पिछले दिनों राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य की सभी सडक़ परियोजनाओं पर स्वीकृति की मोहर लगवा ली। इन सभी परियोजनाओं पर 6400 करोड़ रुपए का खर्च आना है,जिसके लिए केंद्र सरकार ने सहमति प्रदान कर दी है। इनमें से कई सडक़ परियोजनाओं पर तेज गति से काम चल रहा है और कईयों पर काम शुरू होना है। इन परियोजनाओं के पूरा होते ही हरियाणा प्रदेश की कई राज्यों से सीधे कनेक्टिविटी हो जाएगी, जिसका सीधा सा लाभ प्रदेश के उद्योग, व्यापार एवं बिजनेस को होगा। इसके साथ ही सरकार का दावा है कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार के तौर पर भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

6400 करोड़ रुपए का खर्चा आना है

इन परियोजनाओं पर करीब 6400 करोड़ रुपए से भी अधिक का खर्चा आना है। जिन्हें केंद्र सरकार के माध्यम से ही अमल में लाया जा सकता है। श्री गडक़री ने सभी परियोजनाओं की बारीकियों को समझने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल को उन्हें जल्द ही पूरा करने का आश्वासन दिया। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के संपन्न होने के बाद जहां हरियाणा के विकास को पंख लगने की उम्मीद है, वहीं दिल्ली से जयपुर, पंजाब, आगरा सहित देश के कई राज्यों में पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग की 11 परियोजनाएं

हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग की 11 परियोजनाएं हैं, जिन पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं की लागत 6393 करोड़ 32 लाख रुपये है। अपने दिल्ली दौरे के दौरान भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से मिले थे। मनाली में अपने अफसरों की टीम के साथ उन्होंने एक-एक परियोजना पर केंद्रीय मंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की। इस्माइलाबाद-नारनौल ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए चरखी दादरी जिले के खातीवास गांव में भूमि का कब्जा लिया जाना है। इसके लिए गड़करी ने उनके मंत्रालय की तरफ से सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा, फरीदाबाद बाइपास अतिक्रमण से घिरा हुआ है, जिस कारण आवागमन व्यवस्था खासी प्रभावित होती है। गड़करी ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिया कि डीएनडी-सोहाना एक्सप्रेस-वे के निर्माण में तेजी लाने के लिए फरीदाबाद बाइपास से अतिक्रमण हटाना जरूरी है। इसलिए उनका मंत्रालय इस काम को भी प्राथमिकता के आधार पर तेजी से करेगा।

पिहोवा से कुरुक्षेत्र सड़क

पिहोवा से कुरुक्षेत्र सड़क हरियाणा के दो प्रमुख मार्गों को जोड़ती है। अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 44) तथा अंबाला-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-152)। यह सड़क धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के मध्य से गुजरती है।कुरुक्षेत्र बाइपास का निर्माण होने के बाद अंदर की सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। यह पटियाला, पिहोवा क्षेत्र से हरिद्वार जाने वाले लोगों के लिए भी सुगम होगा। इस सड़क की अनुमानित लंबाई 30 किलोमीटर होगी। 618 करोड़ 50 लाख रुपये की इस परियोजना को भारतमाला चरण-दो में शामिल करते हुए कुरुक्षेत्र बाइपास का निर्माण होगा।

पानीपत-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44

पानीपत-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 (पुराना एनएच-1) पर करनाल जिले में गांव कंबोपुरा के निकट 117.905 किलोमीटर पर (वाहन अंडरपास) का निर्माण होना है। पानीपत-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 कंबोपुरा के निकट वाहन अंडर पास का निर्माण होने से कंबोपुरा व उसके आसपास के लोगों की आवाजाही सुगम होगी। एनएच-44 के दूसरी ओर पड़ने वाले खेतों में किसानों को आने-जाने की सुविधा मिलेगी। 35 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम जल्द शुरू होगा।

अंडरपास का निर्माण कराया जाना है

पंचकूला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग से सेक्टर 26 व सेक्टर 27 को विभाजित करने वाले हिस्से पर अंडरपास का निर्माण कराया जाना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पंचकूला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या सात (पुराना एनएच-73) को चार मार्गीय बनाया है। उन्‍होंने बताया कि अंडरपास के निर्माण से सफर सुरक्षित होगा, क्योंकि पंचकूला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग को क्रास करने वाले सेक्टर 27 व सेक्टर 28 की तरफ से आने वाले वाहन अक्सर विपरीत दिशा से प्रवेश करते हैं। 30 करोड़ की इस परियोजना पर भी जल्द काम चालू होगा।

यह योजना 35 करोड़ रुपये की है

दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 (पुराना एनएच-दो) पर गांव बघौला के निकट 51.300 किलोमीटर पर पृथला औद्योगिक क्षेत्र के ड्राईपोर्ट को कनेक्टिविटी देने की योजना है। इसके तहत अंडरपास बनना है। हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली-पलवल-मुंबई रेलवे लाइन तथा राजमार्ग संख्या-दो के दिल्ली आगरा भाग पर बघौला व जनौली गांवों की पृथला औद्योगिक क्षेत्र के अंतगर्त पड़ने वाली लगभग तीन हजार एकड़ भूमि को ड्राई पोर्ट के लिए चिन्हित किया गया है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लाजिस्टिक एवं वेयरहाउस कम्पनियां संचालित हैं। उद्योगों को आने वाली कठिनाइयों से बचने के लिए बघौला गांव के निकट वाहन अंडरपास बनाया जाना है। यह योजना 35 करोड़ रुपये की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परियोजना की 50 प्रतिशत लागत वहन करने की सहमति दी है।

राठीवास बुदखा पर अंडरपास का निर्माण

बिलासपुर चौक, कापड़ीवास, बावल चौक तथा राठीवास बुदखा पर अंडरपास का निर्माण होना है। गुरुग्राम-जयपुर परियोजना पर आवश्यकता के अनुसार अंडरपास की संभावना पर भी चर्चा हुई। इन अंडरपास के निर्माण से दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचने की सुविधा आसान होगी। राठीवास बुदखा पर ऊपरगामी पुल (फुटओवर ब्रिज) स्वीकृत किया जा चुका है। राठीवास बुदखा में भारी यातायात की आवाजाही को देखते हुए वाहन अंडरपास का निर्माण की आवश्यकता है। इस परियोजना की लागत 140 करोड़ रुपये है।

इस्टर्न पैरीफिरियल एक्सप्रेस-वे

इस्टर्न पैरीफिरियल एक्सप्रेस-वे से पलवल जिले में पलवल-अलीगढ़ राजमार्ग पर लिंक देने के लिए इंटरचेंज का निर्माण होगा। 65 करोड़ रुपये की इस परियोजना के पूरा होने से वाहनों का आवागमन सुगम होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में वृद्धि होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने एनएचएआइ को निर्देश दिए कि इंटरचेंज का निर्माण यथाशीघ्र करवाया जाए। नूंह-मंदकौला-पलवल सड़क को वेस्टर्न पैरिफिरियल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे (एनएच-148एन) के साथ सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। इसकी लंबाई डेढ़ किलोमीटर है और सर्विस रोड से स्थानीय कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ेगी। 10 करोड़ की इस परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा सर्विस लेन के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लोक निर्माण विभाग को सर्विस लेन के निर्माण के निर्देश दिए।

छायसां गांव के पास ईपीई इंटरचेंज

फरीदाबाद बाइपास से शुरू होकर छायसां गांव के पास ईपीई इंटरचेंज के अंतिम छोर तक नए राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित है। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग फरीदाबाद शहर से होकर गुजरता है। 255 करोड़ की इस परियोजना के पूरा होने पर फरीदाबाद शहर सीधे ईपीई से जुड़ जाएगा।

रोहतक बाइपास (एनएच-नौ) पर आरओबी से शुरू होकर रोहतक-भिवानी रेलवे लाइन से गांव भाली आनंदपुर के पास सिंचाई नहर तक सर्विस रोड का निर्माण करने का मुद्दा भी मुख्यमंत्री ने उठाया। बहादुरगढ़-बादली-गुरुग्राम रोड क्रासिंग पर गांव डोभ और मारोढ़ी के बीच बेरी-सांपला रोड क्रासिंग पर बलौर मोड़, रोहद चौक पर एनएच-9 (पुराना एनएच-10) पर पांच अंडरपास का निर्माण किया जाना है।

फ्लाईओवर के साथ-साथ सर्विस रोड का निर्माण

खरावड़ से नोनंद सड़क तथा गांधरा गांव के पास फ्लाईओवर के साथ-साथ सर्विस रोड का निर्माण भी प्रस्तावित है। 225 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए गड़करी ने मनोहर लाल को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में सहयोग कराने को कहा। जींद शहर के बाइपास वाले हिस्से के एकमुश्त सुधार के लिए डब्ल्यूआरटी फंड जमा होगा। एनएचएआइ ने जींद-नरवाना-पंजाब सीमा की चार लेन परियोजना में जींद शहर के लिए बाइपास का निर्माण किया है और जुलाई 2018 में एनएचएआइ को 9.82 करोड़ रुपये के अनुमान भेजे गए थे। नितिन गड़करी ने अधिकारियों को आदेश दिए कि अनुमानों को स्वीकृत किया जाए और राज्य सरकार को फंड की प्रतिपूर्ति की जाए।

यह परियोजना पांच हजार करोड़ रुपये की

डबवाली से पानीपत तक ईस्ट-वेस्ट एक्सप्रेस-वे के निर्माण से हरियाणा का पश्चिमी भाग जुड़ जाएगा, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र में त्वरित कनेक्टिविटी और हरियाणा राज्य के पूर्वी भाग में कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। यह परियोजना पांच हजार करोड़ रुपये की है। केंद्रीय मंत्री ने इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की संभावनाएं प्राथमिकता के आधार पर तलाशने के निर्देश दिए।

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