Sunday, January 16, 2022

हरियाणा में कैथल-अंबाला टोल पर ग्रामीणों का कब्जा, अब 18 गांवों के लोगों को नहीं देना होगा टोल टैक्स

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अंबाला। देश में बेशक किसान आंदोलन समाप्त हो गया है, मगर किसानों का गुस्सा आज भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। खासतौर पर प्रदेश में लगने वाले टोल रोड पर किसान खासे नाराज हैं। इसके चलते ही प्रदेश में कई स्थानों पर टोल नाकों पर किसान कब्जा कर उन्हें फ्री करने लगे हैं। ऐसे ही एक टोल नाके पर किसानों ने धावा बोल दिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। कैथल-अंबाला रोड पर गांव क्योडक के पास किसानों ने टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा कर लिया और उसे आम जनता के लिए फ्री करवा दिया। ऐसा किसान और ग्रामीणों के धरने की वजह से किया गया है। इस रोड प्लाजा के मुफ्त होने से जहां आसपास के करीब 18 गांवों के लोगों को लाभ होगा ।

टोल की वजह से परेशान हुए ग्रामीण

बता दें कि आसपास के गांवों मे रहने वाले लोगों का इस टोल की वजह से जीना दूभर हो गया था। हर रोज ग्रामीण और टोल कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति रहती थी और प्रतिदिन दोनों पक्षों के बीच झगड़े होते थे। ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्लाजा के पास ही उनके खेत हैं और दो से तीन किलोमीटर के बीच उनकी रिश्तेदारी भी हैं, जहां उन्हें लगभग हर रोज जाना होता था, इस वजह से वह टोल पर जब भी जाते तो वहां के कर्मचारियों से उनका विवाद होता था। यह भी जानकारी में ला दें कि किसान आंदोलन के दौरान यह टोल बंद हो गया था।

टोल शुरू होते ही बढ़ाया शुल्क

मगर जैसे ही आंदोलन समाप्त हुआ तो दोबारा से टोल प्लाजा शुरू हो गया और प्रमुख बात तो यह है कि इसका किराया बढ़ाकर 140 रुपए कर दिया गया था। इससे ग्रामीणों में खासी नाराजगी थी। उन्हें हर रोज अपने खेतों पर जाना होता था, मगर टोल प्लाजा की वजह से उनका जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा था। यही वजह थी कि किसान और ग्रामीण इस टोल प्लाजा से इतने दुखी थे कि उन्होंने इसे बंद करने का निर्णय ले लिया।

कोई समस्या सुनने को तैयार नहीं था

स्थानीय लोगों ने बताया कि वह अपनी इस समस्या से जिले के उपायुक्त और एसडीएक को भी अवगत करवा चुके थे। यही नहीं बल्कि टोल प्लाजा के पास ही उनके खेत हैं, जहां जाने के लिए उनसे टोल वसूला जाता था, इससे बड़ी विडंबना उनके साथ और क्या हो सकती है कि अपने खेतों पर जाने के लिए भी उन्हें टोल देना पड़े। इसे देखते हुए ही उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। इसके लिए उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को भी कई बार फोन कर ग्रामीणों के गुस्से से अवगत करवाया था, मगर इसका समाधान नहीं किया जा रहा था।

इन गांवों को नहीं देना होगा शुल्क

इसके बाद जाकर ही उन्होंने जब आंदोलन किया तो अधिकारी तत्काल हरकत में आ गए। उन सभी ने अंत में यह फैसला लागू किया कि टोल प्लाजा के अंतर्गत आने वाले गांवों से टोल नहीं लिया जाएगा। मगर इसके लिए उन सभी को अपने वाहन की आरसी, लाईसेंस दिखाने होंगे तो उनसे यह राशि नहीं वसूली जाएगी। व्यवासयिक वाहनों को इससे छूट नहीं दी गई है। फिलहाल जिन गांवों को इससे राहत दी गई है, उनमें उझाना, दयारा, जसवंती, बलवंती, नौच, खेड़ी शेरखान, गुमथला, मदनपुर, रसूलपुर, बेगपुर, खेड़ी रायवाली, सोलुमाजरा, टीक, बरोट, बंदराना, क्योदक, पोबाला, जदौला बनाया गया शामिल हैं।

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