Monday, January 17, 2022

NIT-5 के नेशन हट 83 में कैसे बन गया कर्मिशियल कंपलैक्स, सरकारी जमीन पर खड़ी हो गई अवैध ईमारत

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फरीदाबाद। नगर निगम में लाखों रुपए के खेल पर कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर सकता है। उसे बस निगम अधिकारियों की जेब भरनी होगी। चाहे फिर कोई कितनी ही शिकायत कर ले, सुनने वाले अधिकारियों के कान बहरे हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला है एनआईटी नंबर-5 में नेशन हट के प्लाट नंबर एन.एच.-83 पर बनी ईमारत की। सबसे पहली बात तो यह है कि यह पूरी बिल्डिंग बिना नक्शे के अवैध रूप से बनाई गई है।

बन गया कमिर्शियल कंपलैक्स

दूसरा मामला यह है कि इस प्लाट पर बनाई गई अवैध ईमारत कमिर्शियल कंपलैक्स के तौर पर खड़ी कर दी गई है और यदि इसी मामले में सीएम विंडो पर दी गई शिकायत की बात करें तो इस ईमारत का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर खड़ा किया गया है। यानि कि तमाम नियम कायदे कानून और सरकारी बातें, सभी को जूते की नोंक पर रख दिया गया है। इस बिल्डिंग का निर्माण करवाने में जो लाखों रुपए का खेल खेला गया है, वह एक ऐेसे अधिकारी ने खेला है, जोकि हमेशा से अपनी नौकरी को लेकर विवादों में रहता है। सीना ठोंककर लाखों रुपए की रिश्वत खाने वाला यह अधिकारी चाहे कुछ कर ले, मगर उसे कहने व देखने की हिम्मत नगर निगम कमिश्नर में भी नहीं है।

खाता भी है गुर्राता भी है

यह अधिकारी ना केवल लाखों रुपए खाता है, बल्कि गुर्राता भी है। प्रदेश की एक पूर्व कांग्रेसी मंत्री की सिफारिश पर इस अधिकारी ने फरीदाबाद में गदर मचाया हुआ है, इसके बावजूद कमिश्नर उसे लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। जिसे देखकर लगता है कि दाल में कुछ काला जरूर है, नहीं तो अब तक इस अधिकारी का बोरिया बिस्तर बांध दिया गया होता। बात करें उपरोक्त बिल्डिंग की, उसके निर्माण में नगर निगम के खजाने को काफी बड़े पैमाने पर नुक्सान पहुंचाया गया है। इसमें ना तो कोई नक्शा पास है और ना ही नगर निगम से उसका सीएलयू करवाया गया है। इतनी हिम्मत के बावजूद इस पूरी ईमारत को कर्मिशियल कंपलैक्स के तौर पर खड़ा कर दिया गया है। इसकी शिकायत हुई तो निगम अधिकारियों ने मामूली सी तोडफ़ोड़ का ड्रामा रचकर दोबारा से खेल खेल लिया और अब पूरी तरह से चुप्पी साध ली गई है।

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