Sunday, January 16, 2022

गजब है छोटे से गांव की बेटी का हौसला, दिन-रात की मेहनत के बाद ISRO में बन गई वैज्ञानिक

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नई दिल्ली : हौंसलें बुलंद हों तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। जहां कुछ लोग आज भी महिलाओं को कमतर ही आँकते हैं वहीं महिलाएं भी अपनी काबिलियत से बार बार इस बात को साबित करती हैं कि आज की स्त्री किसी से कम नहीं है वे चाहे जो कर सकती है। हाल ही में एक और महिला लोगों के लिए उनकी प्रेरणा बन चुकी हैं। इस लड़की का नाम नाज़नीन यास्मीन है।

इसरो में बनी जूनियर साइंटिस्ट

हाल ही में नाज़नीन को ISRO में जूनियर साइंटिस्ट के रूप में चुना गया है। इस मक़ाम को हासिल करने के लिए नाज़नीन ने कड़ी मेहनत भी की है। वहीं छोटे से गाँव से ISRO तक का सफर तय करना नाज़नीन के लिए भी आसान नहीं था। लेकिन आज हर कोई नाज़नीन के प्रयासों और कड़ी मेहनत की तारीफ कर रहा है। आइए जानते हैं नाज़नीन से जुड़ी खास बातें।

छोटे से गाँव की रहने वाली हैं नाज़नीन

आज महिलाएं भी हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत का परिचय दे रही हैं। जहां कभी महिलाओं का काम सिर्फ चूल्हा चौका ही माना जाता था वहीं आज महिलाएं रॉकेट तक उड़ा रही हैं। अब हाल ही में एक और लड़की ने ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जिससे वे हर महिला के लिए उनकी रोल मॉडल बन चुकी हैं। असम के नागाँव ज़िले के जुरिया की रहने वाली नाज़नीन यास्मीन को हाल ही में ISRO में जूनियर वैज्ञानिक के पद पर चुना गया है।

गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की

अपने गाँव से ही पढ़ाई पूरी करने के बाद नाज़नीन ने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के NITS मिर्जा कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री को पूरा किया। इसके बाद नाज़नीन ने तेजपुर यूनिवर्सिटी से एमटेक की डिग्री को हासिल किया। एमटेक में भी नाज़नीन फ़र्स्ट क्लास से पास हुई थी। इसके बाद उन्होंने साइंटिस्ट बनने के सपने पर भी काम करना और उसके लिए मेहनत करना भी शुरू कर दिया था।

कल्पना चावला से बेहद प्रेरित हैं नाज़नीन

मीडिया से बातचीत के दौरान नाज़नीन ने बताया कि कल्पना चावला हमेशा से उनकी प्रेरणा स्त्रोत रही हैं। बचपन से ही नाज़नीन को रॉकेट के बारे में जानने और उसे कैसे लॉंच किया जाता है जैसी बातों को जानने में बेहद रुचि रखती हैं। इस दौरान नाज़नीन के एक मित्र ने भी उनके सपने को पूरा करने में उनका साथ दिया वहीं नाज़नीन ने इंटरनेट की मदद से भी अपने सपने को हासिल करने का प्रयास किया।

परीक्षा देकर हो गई पास

2019 में नाज़नीन ने ISRO द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा को दिया था जिसमें उन्हें सफलता मिली और उन्हें साक्षात्कार के लिए शिलोंग में नॉर्थ ईस्ट स्पेस एप्लिकेशन सेंटर में बुलाया गया था। जब उनसे पूछा गया कि वे ISRO में क्यूं शामिल होना चाहती हैं तब उन्होंने बताया कि “मैं रॉकेट चलाना चाहती हूँ”

पिता टीचर और मां ग्रहणी है

बता दें कि नाज़नीन के पिता एक शिक्षक हैं और उनकी माँ गृहणी हैं। 30 दिसंबर से नाज़नीन अपना ऑफिस भी जॉइन करने वाली हैं।

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