Sunday, January 16, 2022

जिदंगी की जंग जीत नहीं पाए कैप्टन वरूण सिंह, देश की आंखों में छोड़ गए आंसू अब हर कोई दे रहा श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली। हैलीकॉप्टर हादसे में आखिरकार कैप्टन वरूण सिंह जिदंगी और मौत से जूझते हुए अपनी जंग हार गए। वह एक फाईटर की तरह से आखिरी दम तक मौत से लड़ते रहे, मगर दुखद है कि वह इस जंग को जीत नहीं पाए और देश की आंखों में आंसू छोडक़र चले गए। अब हर कोई उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। बता दें कि हैलीकॉप्टर हादसे में कैप्टन वरूण उस 14 सदस्यों के दल में शामिल थे, जिसमें वह अकेले ही जिंदा बचे थे। तमिलनाडू के कुन्नूर में 8 दिसंबर को यह हादसा हुआ था। कैप्टन वरूण सिंह से पहले जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी सहित 13 लोग शहीद हो चुके हैं। भारतीय वायुसेना ने अधिकारिक रूप से कैप्टन वरूण सिंह के निधन की सूचना दी है। पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती कैप्टन जिदंगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे। पीएम मोदी सहित पूरे देश ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

शौर्य पुरस्कार से हुए थे सम्मानित

कैप्टन वरूण सिंह मुख्य रूप से देवरिया के कन्हौली गांव के निवासी थे। साल 2007 से 2009 तक वह गोरखपुर में तैनात रहे थे। मूलरूप से पायलट कैप्टन वरूण जगुआर फाईटर प्लेन उड़ाने में महारथ रखते थे। हादसे के वक्त वह तमिलनाडू के वेलिंगटन में तैनात थे। वेलिंगटन स्थित डिफेंस एकेडमी के एक कार्यक्रम में सीडीएस बिपिन रावत को शामिल होने के लिए जाना था और कैप्टन वरूण उनके साथ ही थे, पंरतु समारोह में शामिल होने से पहले ही यह दुखद घटना घटित हो गई। उन्हें एक फाईटर प्लेन को दस हजार फुट की ऊंचाई से सही सलामत लैडिंग करने के लिए बहादुरी के प्रतीक के रूप में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।

देश में है दुख का माहौल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा है कि उनके निधन की खबर अत्यंत ही दुख देने वाली है, जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। वह एक सच्चे फाईटर थे और देश उनके स्वास्थ्य की कामना कर रहा था, पंरतु यह असहनीय दर्द और पीड़ा का समय है कि वह हमें छोडक़र चले गए। देश हमेशा उनकी शहादत को याद रखेगा और वह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।

कांग्रेस विधायक हैं कैप्टन के चाचा

कैप्टन वरूण के चाचा अखिलेश प्रताप सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक हैं। 12 अक्टूबर 2020 को फलाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के दौरान कैप्टन वरूण दस हजार फुट की ऊंचाई पर फाईटर प्लेन में थे, मगर उन्होंने अपनी बहादुरी से इस प्लेन को ना केवल सफल लैडिंग करवाई, बल्कि अपनी वीरता का परिचय भी दिया था। मगर अब उनके निधन पर देश में दुख की लहर है। सिटीमेल हरियाणा भी कैप्टन वरूण को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा उनके परिवार को यह असहनीय दुख सहने की प्रार्थना करता है।

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