Sunday, January 16, 2022

हेलीकॉप्टर हादसा : कोई पत्नी तो कोई मां-बाप और कोई बच्चों को बेसहारा छोड़ गया

Must Read

ये है हरियाणा के एक मजबूर पिता की भावुक कहानी, अपने ही बेटे से लड़ी अस्तित्व बचाने की लड़ाई

हम सभी ने अमिताभ बच्चन की बागबान फिल्म को तो देखा ही है। इस फिल्म में बच्चे जो माता...

प्रेरणादायक कार्य, दिल्ली में हजारों लोगों का पेट भर रही है सीता जी की रसोई

आज भी ऐसे कई लोग हैं जो दो वक़्त की रोटी जुटा पाने में भी असमर्थ हैं। आज भी...

हरियाणा के इस शख्स ने दिखाया रोजगार का नया तरीका, तैयार कर दी ईट बनाने की ऑटोमेटिक मशीन

आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। आज भी भारत में हुनर की कोई कमी नहीं है। आज भी कई...

वायुसेना के हेलिकॉप्टर के क्रैश होने के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इस दुर्घटना में 13 जवानों ने अपनी जान गंवा दी है। आज पूरा देश इन सभी वीर सपूतों को याद कर रहा है। आज पूरे देश की आँखें वीर सपूतों के कारनामो को याद कर नम हो रही हैं। वहीं इन शहीदों के परिवार का भी बुरा हाल है।

इनके परिवार में कोई सदमे में चला गया है तो कोई रो रोकर अपने लाल को पुकार रहा है। शहादत से पहले इन शहीदों ने भी अपने परिवार से कई वादे किए और कई सपने भी देखे थे। लेकिन अब ये वादे और सपने सब अधूरे रह गए हैं। इन वादों और सपनों को याद कर करके परिवार अपने वीर सपूतों को याद कर रहा है।

नायक गुरसेवक सिंह की पत्नी को लगा सदमा, पिता का रो-रोकर बुरा हाल

इस हेलिकॉप्टर में नायक गुरसेवक सिंह भी सवार थे जो अब शहीद हो चुके हैं। गुरसेवक सिंह पंजाब के तरणतारण के डोडे सोढियां गाँव के रहने वाले थे और उनके शहीद होने की खबर सुनकर पूरा गाँव अपने वीर सपूत को याद कर रहा है। हादसे से केवल 2 हफ्ते पहले ही गुरसेवक सिंह घर पर छुट्टियाँ बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे लेकिन किसी को नहीं पता था कि ये छुट्टियाँ उनकी उनके परिवार से आखिरी मुलाक़ात है।

गुरसेवक के पाँच भाई और दो बहने हैं। उनकी पत्नी का नाम जसप्रीत कौर है और उनके तीन बच्चे हैं। जिसमें 9 वर्षीय सिमरतदीप कौर, 7 वर्षीय गुरलीन कौर और 3 वर्षीय फतेहदीप सिंह शामिल हैं। जैसे ही जसप्रीत को अपने पति गुरसेवक के शहीद होने की खबर मिली उसी एक बाद से उनकी पत्नी सदमे में है। जसप्रीत अपने बच्चों से सिर्फ एक ही बात दोहरा रही है कि “पापा का फोन जल्दी आएगा, वो किसी मीटिंग में होंगे”

वहीं गुरसेवक के पिता कबल सिंह का भी बुरा हाल है। वे बार बार गुरसेवक को याद करते हुए कह रहे हैं कि “सेवका तू कित्थै चला गया? इक बारी आवाज़ तां दे दे मैनूं। इस दौरान गुरसेवक के परिवार ने बताया कि गुरसेवक हर रोज अपने परिवरा से फोन पर बात किया करते थे और उनका हाल चाल लिया करते थे लेकिन अब उनके परिवार को गुरसेवक के बिना घर सूना सूना लग रहा है।

ये जवान पिता को देने वाला था सरप्राइज़

इस दुर्घटना में आगरा के रहने वाले विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान ने भी अपनी जाना को गंवाया है। पृथ्वी अपने माता पिता के इकलौते बेटे थे। पृथ्वी की चार बहनें भी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पृथ्वी आने वाली 31 दिसंबर 2021 को अपने परिवार से मिलने और अपने पिता को उनके जन्मदिन पर सरप्राइज़ देने वाले थे। जिसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी भी कर ली थी। सरप्राइज़ पार्टी की भी तैयारियां ज़ोरों शोरों से चल रही थी। लेकिन क्या पता था कि पृथ्वी ऐसा सरप्राइज़ देने वाले हैं।

पृथ्वी के शहीद होने की खबर सुनकर पूरे घर में मातम छा गया। पृथ्वी की बहन के मुताबिक आखिरी बार रक्षाबंधन पर पृथ्वी अपने घर आए थे लेकिन वे फोन पर परिवार से बात करते रहते थे। साथ ही उन्होंने अपने पिता से अपनी माँ के आँखों के ऑपरेशन की बात भी की थी और आगरा के मिलिट्री अस्पताल में बात भी कर ली थी। UP के CM योगी आदित्यनाथ ने भी पृथ्वी के परिवार से मुलाक़ात की और उन्हें सांत्वना दिया।

बता दें कि पृथ्वी ने 6वीं कक्षा में सैनिक स्कूल में दाखिला लिया था और उसी के बाद उन्हें NDA में चुन लिया गया था। 2000 में पृथ्वी वायुसेना में शामिल हुए और हैदराबाद में तैनाती भी मिली। इसके बाद उन्होंने कई एयरफोर्स स्टेशनों पर अपनी सेवाएँ दी। पृथ्वी की एक 12 वर्षीय बेटी और 9 वर्षीय बेटा भी है।

ये जवान बनने वाला था मेजर

इस हादसे में ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर भी शहीद हुए हैं। लिड्डर CDS बिपिन रावत के DA थे और उनका प्रोमोशन भी हो चुका था। अगले ही महीने लिड्डर मेजर के पद को संभालने वाले थे। लिड्डर के पिता भी भारतीय सेना में ब्रिगेडियर के पद पर रिटायर हुए थे। लिड्डर को उनके दोस्त प्यार से टोनी कहकर भी बुलाते हैं। लिड्डर की पत्नी एक शिक्षिका हैं और उनकी एक बेटी भी है जो 12वीं कक्षा में पढ़ रही है।

हरियाणा के रहने वाले लिड्डर को सेना के कई मेडल से सम्मानित भी किया गया था। लिड्डर जम्मू कश्मीर राइफल में भी कमीशन हुए थे। उन्होंने जम्मू कश्मीर राइफल की दूसरी बटालियन को संभाला था। अब हर कोई लिड्डर के शहीद होने के बाद शोक मना रहा है। उनके दोस्त भी लिड्डर को याद कर रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि भी दे रहे हैं।

परिवार को घुमाने का किया था वादा

इस दुर्घटना में हवलदार सतपाल राय ने भी अपनी जान को गंवा दिया है। सतपाल पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के रहने वाले थे। लेकिन उनके शहीद होने के बाद उनके घर लोगों का तांता लगा हुआ है। हर किसी की आँखें नम है और भारत माँ के इस वीर सपूत को याद कर रही हैं। उनके परिवार ने PTI से बातचीत के दौरान बताया कि सतपाल आखिरी बार दिवाली पर अपने परिवार से मिलने के लिए आए थे। इस दौरान सतपाल ने अप्रैल में वापस आने का बोला था और अपने परिवार से अप्रैल में घुमाने लेके जाने का भी वादा किया था।

लेकिन अब ये वादा कभी पूरा नहीं हो पाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शहीद के परिवार को पत्र लिखकर शोक व्यक्त किया और कहा कि इस वीर सपूत की शहादत को कभी कोई भूल नहीं सकेगा।

इस जवान ने घर बनाने का देखा था सपना

photo/india times

हेलिकॉप्टर हादसे में अपनी जान गँवाने वाले प्रदीप अरक्कल का भी एक सपना था जो अब पूरा नहीं हो पाएगा। प्रदीप केरल के त्रिशूर के रहने वाले थे। सुलूर से प्रदीप इस हेलिकॉप्टर में फ्लाइट गनर के तौर पर सवार हुए थे। बता दें कि हादसे के सिर्फ 4 दिन पहले ही प्रदीप अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। IANS के मुताबिक इस दौरान ज़्यादातर समय प्रदीप ने अपने पिता के साथ बिताया क्यूंकि उनके पिता काफी बीमार रहते हैं।

प्रदीप का सपना था कि वे अपना एक घर बनाएँगे जो अब अधूरा रह गया है। 2002 में प्रदीप IAF में शामिल हुए थे। वहीं प्रदीप ने कई बचाव कार्यों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन अब प्रदीप को हर कोई याद कर रहा है। उनके परिवार बार बार अपने बेटे को याद कर रो रहा है।

इस जवान का गाँव के स्कूल में होगा अंतिम संस्कार

हादसे का शिकार हुए वायुसेना के स्कवॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह के शहादत की खबर सुनते ही पूरे राजस्थान में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई कुलदीप के सराहनीय कामों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। कुलदीप का अंतिम संस्कार गाँव के सरकारी स्कूल के मैदान में करने का फैसला किया गया है जहां उनकी प्रतिमा भी लगवाई जाएगी। कुलदीप के पिता भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।

अब पूरा परिवार अपने इस सपूत को याद कर रो रहा है। परिजन भी गाँव पहुँचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

- Advertisement -
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Connect With Us

223,344FansLike
3,123FollowersFollow
3,497FollowersFollow
22,356SubscribersSubscribe

Latest News

ये है हरियाणा के एक मजबूर पिता की भावुक कहानी, अपने ही बेटे से लड़ी अस्तित्व बचाने की लड़ाई

हम सभी ने अमिताभ बच्चन की बागबान फिल्म को तो देखा ही है। इस फिल्म में बच्चे जो माता...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!
error: Content is protected !!