Monday, January 17, 2022

गम के माहौल में बेटी बनी चैंपियन, जनरल बिपिन रावत व बुआ मधुलिका को समर्पित किए आठों गोल्ड मैडल

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नई दिल्ली। जनरल बिपिन रावत के परिवार में मातम के बीच एक ऐसी भी खबर आई, जिस पर कोई भी खुशी नहीं मना पाया। इस परिवार की बेटी ने इस गम के बीच नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में लगातार आठ गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास बना दिया। मगर बेटी की यह खुशी उस समय गम में बदल गई, जब उसे पता चला कि उनकी सगी बुआ और फूफा जी हैलीकॉप्टर क्रैश में उससे हमेशा के लिए जुदा हो गए हैं। यह सुनकर मानो बेटी के सिर पर दुखों का पहाड़ टूट गया हो, पल भर में बेटी की खुशी सबसे बड़े गम में बदल गई। इस दुखद पल में बेटी ने अपने सभी गोल्ड मैडल दिवंगत बुआ और फूफा जी को समर्पित कर दिए। इस दिल दहला देने वाली खबर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।

शूटिंग चैंपियन बनी है बांधवी

दरअसल सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत की सगी भतीजी बांधवी सिंह नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में खेल रही थी। इसलिए बीते वीरवार तक उन्हें इस हादसे की भनक तक नहीं लगने दी गई। इस दौरान ना तो खिलाडिय़ों के पास कोई फोन होता है और ना ही परिवार ने वक्त की नजाकत को देखते हुए बांधवी को यह सूचना देना उचित समझा। हादसे के वक्त बांधवी 64 वीं राष्ट्रीय रायफल शूटिंग चैंपियनशिप 2021 खेल रही थी। वीरवार तक उन्होंने चैंपियनशिप में एक के बाद एक 8 गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस चैंपियनशिप के बाद जब बांधवी को इस दुखद घटना की जानकारी हुई तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। 21 साल की बांधवी की आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे।

बांधवी ने समर्पित किए गोल्ड मैडल

चैंपियनशिप की समाप्ति पर बांधवी को आनन फानन में सेना और खेल विभाग ने दिल्ली भेजा, जहां वह अंतिम संस्कार में शामिल हुई। इस दौरान देश भर की आंखों में आंसू थे और बांधवी भी गमगीन होकर जब अपने फूफा और बुआ की अंतिम यात्रा में पहुंची तो फूट-फूटकर रोने लगी। उन्होंने अपने सभी मैडल अपनी बुआ और फूफा को समर्पित कर दिए। बांधवी ने चार मैडल टीम और चार मैडल व्यक्तिगत स्पर्धा में जीते थे। इस होनहार खिलाड़ी ने सीनियर वर्ग में नेशनल चैंपियनशिप जीतने में सफलता हासिल की है। उन्होंने जूनियर वर्ग में भी नेशनल रिकार्ड बनाया है।

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