Sunday, January 16, 2022

MSP पर लिखित भरोसे के बाद खत्म हुआ किसान आंदोलन, 11 दिसंबर से खुल जाएगा दिल्ली-हरियाणा का रास्ता

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नई दिल्ली : एमएसपी पर लिखित भरोसे के बाद किसान आंदोलन खत्म करने का ऐलान हो गया है. इस बात की घोषणा किसान संगठनों के नेताओं ने सिंधु बॉर्डर दिल्ली से की है. किसान नेताओं ने बताया कि 11 दिसंबर से सभी किसान धरना स्थल से उठना शुरू कर देंगे. इस प्रेस वार्ता में राकेश टिकैत सहित सभी किसान नेता मौजूद थे. इन सभी ने साफ तौर पर कहा है कि यदि सरकार अपने वायदे से पीछे हटी तो वह फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे

ऐतिहासिक रहा है किसानों का आंदोलन

संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा के साथ कहा है किसानों की एकता ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया. जिसके बाद सरकार ने अपने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए. संयुक्त किसान मोर्चा को एमएसपी पर लिखित तौर पर गारंटी दी गई है. जिसके बाद वह अपना आंदोलन खत्म करने जा रहे हैं.

मिलेगी लाखों लोगों को राहत

बता दें कि इस आंदोलन के समाप्त होने के बाद लाखों लोगों को राहत मिलेगी. इस किसान आंदोलन की वजह से सिंधु बॉर्डर पर लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. किसानों के आंदोलन को देखते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों किसी कानून वापस लेने की घोषणा कर दी तथा संसद में उस पर मुहर भी लगा दी गई थी. अब किसानों ने कहा है कि उनकी यह जीत ऐतिहासिक है. सभी किसान 3 से 8 दिन के धरने के बाद 11 दिसंबर से धरना स्थल को छोड़कर जाएंगे.

पीड़ित किसानों को मिलेगा मुआवजा

किसान नेता योगेंद्र यादव ने प्रेसवार्ता में बताया कृषि सचिव के लिखित आश्वासन के बाद
आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया गया है. यूपी उत्तराखंड हिमाचल हरियाणा और मध्य प्रदेश में जिन किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे सभी सरकारें वह केस खारिज करेंगी. इसके अलावा सभी राज्य सरकारें किसानों को मुआवजा देने के लिए भी राजी हो गई हैं. सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद ही किसान आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. योगेंद्र यादव ने कहा कि यदि एमएसपी पर सरकार मुकरी तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए तैयार रहेंगे. 15 जनवरी को सभी किसान संगठन समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें तय होगा कि सरकार ने उनकी मांगों को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं. इसके बाद वह दोबारा आंदोलन को लेकर कोई निर्णय लेंगे.

किसानों पर दर्ज मुकदमे चिंता का विषय था

वहीं भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि 11 दिसंबर को वह विजय दिवस के रूप में मनाएंगे. जिसके बाद धरना स्थल को खाली कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों पर दर्ज मुकदमे उनके लिए बड़ी चिंता का विषय था. जिन्हें रद्द करने के मुद्दे पर सहमति बन गई और वह अब सामूहिक रूप से अपना आंदोलन समाप्त करने जा रहे हैं.

 

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