Sunday, January 16, 2022

हरियाणा के मंझावली पुल से सीधे जुड़ जाएंगे Delhi-NCR के कई बड़े शहर, मिनटों में तय होगा घंटों का सफर

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नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के दो बड़े शहरों को सीधे तौर पर जोडऩे वाला मंझावली पुल नए साल में लोगों को समर्पित किया जा सकता है। इस फ्लाईओवर को ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर फरीदाबाद की लाईफ लाईन माना जा रहा है। हालांकि इसके निर्माण में सात साल की देरी हो चुकी है, मगर अब संभावना जताई जा रही है कि साल 2022 में इस पुल पर अनेक शहरों के बीच का आवागमन शुरू हो जाएगा। इस पुल के निर्माण के बाद हरियाणा के फरीदाबाद शहर और ग्रेटर नोएडा एवं गाजियाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर के कई शहरों के बीच की दूरी मिनटों में सिमट कर रह जाएगी। यानि कि अभी तक नोएडा, गाजियाबाद व मेरठ जाने के लिए जहां लोगों को कई घंटों का जाम भरा सफर करना पड़ता है, वहीं मंझावली फ्लाईओवर पर यातायात शुरू होने के बाद यह सफर ना केवल जाम फ्री हो जाएगा, बल्कि घंटों का सफर मिनटों में तय होने में देर नहीं लगेगी।

दिल्ली-मुंंबई एक्सप्रेस वे से भी जुड़ेगा

बताया जा रहा है कि मंझावली फ्लाईओवर का निर्माण होने के बाद इसे देश के सबसे बड़े हाईवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस से भी जोड़ा जा सकता है। इसे लेकर सरकार की योजना पर काम चल रहा है। इसके बाद एनसीआर के कई शहरों का तेज गति से विकास होना भी तय माना जा रहा है। फिलहाल इस फ्लाईओवर के आंरभ होने में तीन से चार महीने का समय और लगने की बात कही जा रही है। संभावना है कि नए साल के आगमन के बाद मार्च से अप्रैल 2022 में इस फ्लाईओवर को आम जनता के लिए खोला जा सकता है।

नींव 15 अगस्त 2014 को रखी गई थी

फरीदाबाद को ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए यमुना नदी पर 315 करोड़ रुपये के पुल के निर्माण की परियोजना जिले की सबसे विलंबित और समय लेने वाली परियोजना के रूप में उभरी है। सात साल से अधिक बीत जाने और पांच समय सीमा समाप्त होने के साथ, परियोजना 31 मार्च, 2022 की अगली समय सीमा तक तैयार होने की संभावना नहीं है। परियोजना की नींव 15 अगस्त 2014 को रखी गई थी।

65 फीसदी सिविल वर्क पूरा

इसकी नींव के बाद तीन साल से अधिक की प्रारंभिक देरी से प्रभावित, यमुना पर पुल का निर्माण फरवरी 2018 में 31 दिसंबर, 2019 तक पूरा होने के आश्वासन के साथ किया जा सकता था। बाद में समय सीमा को मार्च 2020, जून में संशोधित किया गया था। 2020, दिसंबर 2021 और जून 2021, मुख्य रूप से काम से जुड़ी देरी के कारण। पीडब्ल्यूडी के सूत्रों का दावा है कि काम गति नहीं मिलने पर अगले साल मार्च की डेडलाइन भी छूट सकती है । लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप सिंधु ने कहा कि 65 फीसदी सिविल वर्क पूरा हो चुका है और अगले चार महीनों में काम पूरा होने की उम्मीद है। देरी को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीनों से नदी के तल में पानी के भारी बहाव के कारण काम रुका हुआ है।

पुल निर्माण में कई वजह हैं देरी की

इस बारे में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण में देरी की असली वजह बहुत सी हैं। जमीन के एक्वायर को लेकर भी काफी समय तक पेंच फंसा रहा। फिर यमुना पर बहाव की वजह से भी पुल में देरी हुई और इसके बाद कोविड-19 की भी एक बड़ी वजह सभी के सामने हैं। मगर अब जिस तरह से काम पूरा होने की दिशा में कदम उठाए गए हैं, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि नए साल में लोग इस फ्लाईओवर पर सफर का आनंद ले सकेंगे।

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