Monday, January 17, 2022

हरियाणा, उत्तराखंड व हिमाचल से दिल्ली आने वाले वाहनों पर 7 दिसंबर तक प्रतिबंध, हजारों करोड़ का भठ्ठा व्यवसाय ठप्प

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नई दिल्ली। दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार ने कई तरह के नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। दिल्ली में 7 दिसंबर तक पड़ोसी राज्यों से आने वाले कमिर्शियल डीजल वाहनों की एंट्री पूरी तरह से बैन कर दी गई है। मगर इसमें सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रवेश से छूट दी गई है। यदि कोई कमिर्शियल वाहन सीएनजी और इलेक्ट्रिक है तो उसे दिल्ली में आने दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली सभी गतिविधियों को बंद करवा दिया गया है। सरकार के इस प्रतिबंध से दिल्ली में करीब 400 करोड़ रुपए तक का ईंट- भठ्ठा उद्योग प्रभावित हुआ है, इसके साथ ही हजारों दिहाड़ीदार मजदूरों एवं ड्राईवरों का रोजगार भी चला गया है। हालांकि सरकार ने घोषणा की है कि दिहाड़ीदार मजदूरों को पांच हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इन प्रदेशों से आते हैं वाहन

बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में हरियाणा, उत्तराखंड, यूपी, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित तमाम राज्यों से हजारों की संख्या में कमिर्शियल वाहनों का आना जाना रहता है। इसके अलावा इन प्रदेशों से बड़ी तादाद में परिवहन सेवाओं का भी आवागमन रहता है। जिससे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर नीचे नहीं आ पा रहा है। इसके चलते ही दिल्ली सरकार ने डीजल से चलने वाले इन वाहनों पर रोक लगाई है, जिनके धुँए से दिल्ली का दम घुट रहा है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से दिल्ली को काफी राहत महसूस हो सकती है और इन वाहनों के प्रवेश को रोकर सरकार ने सही कदम उठाया है।

रेड लाईट ऑन गाड़ी ऑफ

इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने रेड लाईट ऑन गाड़ी ऑफ करने के अभियान को भी आगे बढ़ा दिया है। अब यह अभियान 18 दिसंबर तक जारी रहेगा। सरकार का मानना है कि इस अभियान से भी दिल्ली को खासी राहत महसूस होगी। दिल्ली में हर रोज सडक़ों पर लाखों वाहन घूमते हैं, जिस वजह से रेड लाईट पर गाड़ी खड़ी होते ही ना केवल पेट्रोल व डीजल की बर्बादी होती है, बल्कि उनसे निकलने वाले धुंए से प्रदेश में प्रदूषण की समस्या रहती है। इसलिए सरकार ने रेड लाईट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान को आगे बढ़ा दिया है। यदि लोग इस दिशा मे ंसहयोग करेंगे तो दिल्ली को राहत मिलेगी।

वर्क फ्रॉम होम की छूट वापिस

दिल्ली सरकार ने सरकारी कामकाज को देखते हुए कर्मचारियों को दी गई वर्क फ्रॉम होम की छूट को वापिस ले लिया है। सरकार के अनुसार इसके लिए एक नया नियम लागू कर दिया गया है। सरकार ने कर्मचारियों को घर से दफ्तर लाने व शाम को वापिस छोडऩे के लिए बस सेवा शुरू कर दी है। सुबह 8 बजे सरकारी कर्मचारियों की कालोनी में परिवहन विभाग की बस पहुंचती है और शाम को 5 बजे उन्हें वापिस लेकर घर छोड़ती है। इससे भी प्रदूषण में राहत मिलने की संभावना है। सरकार के अनुसार कर्मचारियों से अपने निजी वाहन ना लाने के लिए कहा गया है, उनसे अपील की गई है कि वह सार्वजनिक वाहन सेवा का उपयोग करें, ताकि दिल्ली को प्रदूषण से बचाया जा सके।

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