Tuesday, December 7, 2021

दिल्ली में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की नो एंट्री, कई और भी प्रतिबंध लगाए

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नई दिल्ली : दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार ने अब सख्त रवैया अपना लिया है. इसके चलते ही दिल्ली में कई बड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. अदालत के आदेश पर जहां एक बार फिर से सभी निर्माण कार्यों को पूरी तरह से बंद करवा दिया गया है. वही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की भी दिल्ली में नो एंट्री कर दी गई है. दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि इन प्रतिबंधों के बाद प्रदेश में प्रदूषण पर लगाम लग सकेगी. इन्हीं निर्णयों के बाद ही दिल्ली सरकार ने प्रदेश भर में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की एंट्री को बैन कर दिया है.

इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाले वाहनों को ही अनुमति

देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, लेकिन इसके बाद भी यह खराब श्रेणी में है. इस बीच दिल्‍ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने घोषणा की है कि 27 नवंबर से इलेक्ट्रिक और सीएनजी कमर्शियल वाहनों को एंट्री मिलेगी, जो कि आवश्यक सेवाओं में लगे हुए हैं. इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर 3 दिसंबर तक पाबंदी रहेगी. वहीं, दिल्‍ली कैबिनेट ने प्रदूषण में सुधार को देखते हुए अब 29 नवंबर से फिर से स्कूल खोलने का फैसला किया है.

कर्मचारियों के लिए चलाई जाएंगी बसें

इसके अलावा गोपाल राय ने कहा कि जिन जगहों से दिल्ली सरकार के अधिकतम कर्मचारी आते हैं वहां के लिए बस चलाई जाएंगी. उन्‍होंने कहा कि सरकार अपने कर्मचारियों के लिए दिल्ली सचिवालय से आईटीओ और इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशनों के लिए शटल बस सेवा भी शुरू करेगी. जबकि पिछले तीन दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. शहर का एक्यूआई दिवाली से पहले के दिनों जैसा ही है.

प्रदूषण को देखते हुए लगाया गया प्रतिबंध

इससे पहले दिल्‍ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से नए वाहनों की एंट्री बंद कर दी गयी थी. इसके अलावा 13 नवंबर को दिल्‍ली सरकार ने शहर के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के साथ निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. वहीं,अपने कर्मचारियों को वायु प्रदूषण से निपटने और इसके स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए घर से काम करने के लिए कहा था. बता दें कि 17 नवंबर को दिल्ली में गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के अलावा प्रतिबंधों को बढ़ा दिया था.

निर्माण कार्यों पर दोबारा से प्रतिबंध

बता दें कि हवा की गुणवत्ता में सुधार और श्रमिकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर लगी रोक सोमवार को हटा ली गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण को देखते हुए निर्माण कार्यों पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया है.

इन कार्यों को दी गई है छूट

कोर्ट ने इलेक्ट्रिकल, कारपेंट्री, इंटीरियर वर्क और प्लंबिंग कार्यों पर छूट दी है. वैसे वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों को पहले ही प्रतिबंधित कर दिया है. इसके अलावा वैद्य पीयूसी को भी अब अनिवार्य है. अब बगैर वैद्य पीयूसी के वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है. यही नहीं, अगर वाहन का पीयूसी नहीं करवाया है तो 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो सकता

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