Monday, November 29, 2021

यदि आपकी गाड़ी 10 साल पुरानी है तो नो टेंशन, अब Delhi-NCR और हरियाणा में कबाड़ नहीं होगी आपकी कार

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नई दिल्ली। यदि आपके पास दस साल पुरानी गाड़ी है तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। आपकी गाड़ी कबाड़ नहीं होगी और ना ही सरकार उसे जब्त करेगी। दिल्ली सरकार ने एनसीआर और हरियाणा के 14 जिलों में पुराने वाहनों को कबाड़ करने की पॉलिसी का तोड़ निकाल लिया है। यदि दिल्ली सरकार की यह योजना सटीक साबित हुई तो फिर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में कोई भी पुरानी गाड़ी चलने से नहीं रोकी जाएगी। लेकिन इसके लिए सरकार की यह शर्त भी आपको माननी होगी, इसके बाद ही आपकी स्क्रैप होने वाली गाड़ी चलाने के लायक बन पाएगी। तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या है दिल्ली सरकार की वह योजना, जिसके लागू होते ही कबाड़ वाली गाडिय़ों की उम्र बढ़ जाएगी।

 

लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर

दिल्लीएनसीआर सहित हरियाणा के उन 14 जिलों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है, जिनके डीजल वाहनों की उम्र 10 साल को पार करने वाली है या फिर कर चुकी है। दिल्ली सरकार ऐसे वाहन मालिकों के लिए एक ऐसी पॉलिसी ला रही है, जिसके तहत 10 साल पुराने वाहन भी दिल्लीएनसीआर की सडक़ों पर फर्राटे से दौड़ सकेंगे। सरकार ने कहा है कि इन पुराने वाहनों में कुछ शर्तों के साथ इलेक्ट्रिक किट लगाए जाने की अनुमति दी जा सकती है, जिनकी उम्र समाप्त हो चुकी है या फिर होने वाली है।

एक तीर दो निशाने

दिल्ली का परिवहन विभाग इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है, ताकि लोगों को राहत प्रदान की जा सके। बता दें कि दिल्लीएनसीआर में ऐसे वाहनों की संख्या लाखों में है, जिनके वाहनों की समय सीमा या तो समाप्त हो चुकी है या फिर होने वाली है। इसे देखते हुए ही दिल्ली सरकार इस पॉलिसी के जरिए प्रभावित लोगों को दिल जीतना चाहती है, ताकि वह सरकार के मुरीद हो जाएं। इससे एक तीर दो निशाने साधने की दिशा में भी बेहतर कदम माना जा सकता है। डीजल वाहनों में इलेक्ट्रिक किट फिट होने के बाद उनकी समय सीमा में इजाफा हो जाएगा, साथ ही प्रदूषण की समस्या भी अपने आप समाप्त हो जाएगी। जहां इसका सीधा सा लाभ लाखों लोगों तक पहुंचेगा, वहीं इस पॉलिसी के लागू होने का सीधा सा फायदा दिल्ली की सरकार को भी मिलने की संभावना है।

ताकि इन वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाया जा सके

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने घोषण कर दी है कि पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक किट के साथ दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. ट्रांसपोर्ट विभाग सामान्य इंजन से चलने वाली कारों में इलेक्ट्रिक किट लगाने वाली निर्माता कंपनियों से संपर्क में है ताकि इन वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाया जा सके. ये रेट्रोफिटिंग कराने के बाद अगले 10 साल के लिए पुराने डीजल वाहनों को दिल्ली में चलाया जा सकेगा. ये खबर दिल्ली में 10 साल पुराने डीजल वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है.

इलेक्ट्रिक किट लगवाने की अनुमति

कैलाश गहलोत ने कहा कि, “दिल्ली में अब सामान्य ईंधन वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक किट लगवाने की अनुमति दे दी गई है. जो डीजल वाहन टैस्ट में फिट पाए जाते हैं उनके पास इलेक्ट्रिक इंजन में बदलने का मौका होगा. विभाग परीक्षण एजेंसियों द्वारा स्वीकृत पूरी तरह इलेक्ट्रिक किट के निर्माताओं से बात करेगा. ये किट लगवाने के बाद 10 साल से पुराने डीजल वाहन राजधानी में चलाए जा सकते हैं.” नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून ने 2015 और सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में आदेश जारी कर दिल्लीएनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जाए

इलेक्ट्रिक वाहनों को और बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में राज्य सरकार ने हल्के इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को नोएंट्री के समय भी राजधानी की करीब 250 सड़कों पर चलने की अनुमति दे दी है. गहलोत ने आगे कहा कि, “हल्के इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए अच्छी खबर है. इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जाए, इसके लिए हमने इन वाहनों से प्रतिबंध हटा लिया है और नोएंट्री के समय भी इन्हें सड़कों पर चलाया जा सकता है. हमने जबसे EV नीति लॉन्च की है तबसे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग 95% तक बढ़ी है.

दिल्ली सरकार ने रास्ता ढूंढा

बता दें कि दिल्ली में ऐसे डीजल वाहनों का आंकड़ा बड़ी संख्या में हैं जो 10 साल पूरे कर चुके हैं और इन्हें दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने की अनुमति नहीं है. इनमें से बहुत सारे वाहन बेहद अच्छी कंडीशन में है लेकिन नियमानुसार अगर यें वाहन सड़क पर दौड़ते दिखाई देते हैं तो इन्हें जब्त कर लिया जाएगा. ऐसे में इन वाहन मालिकों की परेशानी को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने रास्ता ढूंढा है. दिल्ली सरकार के इस फैसले को दिल्ली के लोगों के लिए AAP सरकार की ओर से नए साल का तोहफा माना जा रहा है.

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