Monday, November 29, 2021

MCF में एम.बी. बुक से फिर होंगे घोटाले, अस्थाई जूनियर इंजीनियरों को दी जा रही बड़ी पावर

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फरीदाबाद। नगर निगम में हर रोज होने वाले घोटालों से सबक लेने की बजाए उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए नए नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला सामने आ रहा है, जिसके जरिए फिर से नए घोटालों को जन्म दिया जा सके। यह मामला भी जुड़ा है इंजीनियरिंग ब्रांच से, जहां से पिछले कुछ सालों के भीतर ही तमाम घोटालों को अंजाम दिया गया है। चर्चा है कि निगम आयुक्त यशपाल यादव को गुमराह करके एक बार फिर से इंजीनियरिंग ब्रांच के कुछ अधिकारी बड़े गोलमाल को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके चलते ही निगम में अस्थाई नौकरी पर लगे जूनियर इंजीनियरों को मेजरमेंट बुक (एम.बी. बुक) में एंट्री के लिए अधिकृत किया जा रहा है। जबकि सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि एम.बी. बुक में अस्थाई तौर पर नौकरी करने वाले जूनियर इंजीनियरों को एंट्री करने का अधिकार हो। यह बुक नगर निगम में सबसे अधिक संवदेनशील मानी जाती है और उसके जरिए ही आसानी से घोटालों को अंजाम दिया जा सकता है।

 

बेहद महत्वपूर्ण होती है एम.बी. बुक

बता दें कि नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा करवाए जाने वाले कार्यों की पूरी डिटेल एम.बी. बुक में एंट्री की जाती है। इसके बाद उन कार्यों के बिल बनाए जाते हैं। इस बुक में एंट्री करने की डयूटी जूनियर इंजीनियर की होती है। जेई द्वारा एंट्री करने के बाद बुक पर एसडीओ के साईन होते हैं। अभी तक यह नियम था कि जिस वार्ड में अस्थाई जेई कार्यरत है, वहां की एम बी बुक एसडीओ द्वारा भरी जाती थी। मगर अब इस नियम को बदला जा रहा है तथा अस्थाई तौर पर कार्यरत जूनियर इंजीनियरों को एम.बी. बुक सौंपने की तैयारी कर ली गई है।

निगम में हुए हैं करोड़ों के घोटाले

हालांकि यह कार्य तो तब किया जा रहा है, जब निगम में कई सौ करोड़ रुपए के घोटाले को अंजाम दिया जा चुका है तथा इस खेल में कई अस्थाई जेई भी जांच का सामना कर रहे हैं। यह जांच तेज गति से हो रही है और लगातार आरोपी अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। लेकिन हैरत की बात है कि इतने बड़े घोटालों से सबक लेने की बजाए निगम में एक बार फिर से कई बड़े घोटालों को अंजाम देने का षडयंत्र रचा जा रहा है।

गुरूग्राम ने अस्थाई जेई से छीने अधिकार

जबकि दूसरी ओर गुरूग्राम नगर निगम ने ऐसे मामलों से सबक लेते हुए एम.बी. बुक में एंट्री करने की पावर अस्थाई जूनियर इंजीनियरों से वापिस ले ली है। अपने निर्णय से गुरूग्राम नगर निगम ने सरकार को भी अवगत करवा दिया है। पंरतु नगर निगम फरीदाबाद, जोकि प्रदेश भर में अपने कारनामों से बदनाम है और जहां तमाम घोटालों की विजिलेंस जांच चल रही है, वहां उन्हें रोकने की बजाए प्रोत्साहित किया जा रहा है। निगम की कार्यप्रणाली के जानकार लोगों का कहना है कि शहरवासियों को यशपाल यादव से बहुत उम्मीदें हैं। वह ऐसे मामलों पर लगाम लगाने में सक्षम हैं। इसलिए फरीदाबाद शहर को उन पर विश्वास है कि वह इस मामले की पूरी जांच करेंगे और उन पर अंकुश भी लगाएंगे।

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