Sunday, October 17, 2021

अंग्रेजी ना आने पर लोग उड़ाते थे मजाक, इस किसान के बेटे ने फिर भी नहीं हारी हिम्मत और बनकर दिखाया IPS

Must Read

दिल्ली में बन रही है सबसे बड़ी सुरंग सडक़, बिना जाम के फर्राटा भरेंगे एनसीआर और हरियाणा के लोग

नई दिल्ली। दिल्ली के लोगों के लिए यह बड़ी खुशखबरी हो सकती है। अब उन्हें दिल्ली के जाम से...

खूबसूरत होने के साथ ही बेहद ही इंटेलीजेंट हैं IAS टीना डाबी, UPSC स्टुडेंटस को देती हैं टिप्स

नई दिल्ली। यूपीएससी पास करने के बाद आईएएस अधिकारियों को कौन सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह...

केंद्रीय मंत्री गुर्जर ने कहा, राशन कार्ड है तो जरूर मिलेगा मुफ्त अनाज, टेंशन लेने की जरूरत नहीं

फरीदाबाद । प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण महत्वकांक्षी योजना है। यह विचार ऊर्जा एवं...

नई दिल्ली। यूपीएससी की परीक्षा को पास करना बेहद कठिन है। इस परीक्षा के लिए अनेकों परीक्षार्थी निरंतर प्रयास करते हैं लेकिन इसके बावजूद भी कई लोगों को इस सफर में सफलता पाने में लंबा समय लग जाता है। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान जरूरी है कि आप धैर्य बनाए रखें और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करें। आज हम आपको एक ऐसे ही अफसर के बारे में बताने जा रहे जिसने कड़ी मेहनत और लंबे संघर्ष के बाद यूपीएससी परीक्षा में सफलता को हासिल किया है। आज हर कोई इस अधिकारी की कहानी से प्रेरित हो रहा है। आइए जानते हैं निकेतन बंसीलाल के बारे में।

निकेतन ने  पढ़ाई मराठी से की

आज हम आपको महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले निकेतन बंसीलाल के बारे में बताने जा रहे हैं। निकेतन के पिता बतौर किसान काम किया करते थे। निकेतन के घर की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। निकेतन ने शुरुआती पढ़ाई मराठी माध्यम से ही पूरी की है। निकेतन अंग्रेजी में भी कमजोर थे। 12वीं के बाद निकेतन ने इंजीनियरिंग करने के लिए कॉलेज में दाखिला ले लिया। अंग्रेजी आने के कारण कॉलेज में भी निकेतन का मज़ाक उड़ाया जाता था। इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद निकेतन ने नौकरी करना भी शुरू कर दिया।

निकेतन को असफलता हाथ लगी

बता दें कि इंजनीयरिंग के दौरान ही निकेतन ने UPSC की तैयारी करने का मन बनाया था। UPSC की तैयारी के लिए निकेतन ने दिल्ली आने का फैसला किया और अब निकेतन दिल्ली आकर पढ़ाई करने लगे। इसके बाद निकेतन ने UPSC की परीक्षा को दिया लेकिन पहले दो प्रयासों में निकेतन को असफलता ही हाथ लगी। लेकिन निकेतन ने निरंतर प्रयास करना नहीं छोड़ा और तीसरे प्रयास में यूपीएससी को पास कर अपना सपना पूरा कर लिया। बता दें कि निकेतन को प्री परीक्षा में तीनों बार ही 120 नंबर से ज्यादा मिले थे।

ज़ीरो से शुरुआत करनी चाहिए

दिल्ली नॉलेज ट्रेक को दिए साक्षात्कार के अनुसार निकेतन का मानना है कि यूपीएससी में ज़ीरो से शुरुआत करनी चाहिए। निकेतन के मुताबिक जो पढ़ाई में होशियार लोगों को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। निकेतन का कहना है कि परीक्षार्थी को प्री और मेन्स की तैयारी एक साथ ही करनी चाहिए। निकेतन के अनुसार सही रणनीति से भी परीक्षा में सफलता पान आसान हो जाता है।

 

- Advertisement -
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Connect With Us

223,344FansLike
3,123FollowersFollow
3,497FollowersFollow
22,356SubscribersSubscribe

Latest News

दिल्ली में बन रही है सबसे बड़ी सुरंग सडक़, बिना जाम के फर्राटा भरेंगे एनसीआर और हरियाणा के लोग

नई दिल्ली। दिल्ली के लोगों के लिए यह बड़ी खुशखबरी हो सकती है। अब उन्हें दिल्ली के जाम से...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!