Wednesday, September 22, 2021

मां दूध बेचकर कमाती थी 50 रुपए, नंगे पैर रहने वाले इस युवक ने खड़ी कर दी 474 करोड़ की कंपनी

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नई दिल्ली। हर किसी के जीवन में कई मुश्किलें आती हैं लेकिन आगे वही बढ़ पाता है जो इन मुश्किलों का डट कर सामना करता है। कई लोगों ने अपने समय में गरीबी का भी सामना किया लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आज ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं जिन्होंने मुश्किलों के चलते सफलता के सर्वोच्च शिखर को हासिल किया है। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका बचपन गरीबी में बीता लेकिन फिर इस शख्स ने कड़ी मेहनत से करोड़ों की कंपनी को खड़ा कर दिया। आज इस शख्स की कहानी अनेकों लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

मां दूध बेचकर 50 रूपये कमाती थी

आज हम आपको thyrocare के मालिक अरोकियास्वामी वेलुमणि के बारे में बताने जा रहे हैं। अरोकियास्वामी का जीवन संघर्षों भरा रहा है। अरोकियास्वामी कोयम्बटूर के रहने वाले हैं। एक समय था जब अरोकियास्वामी के पास कोई जमीन जायदाद नहीं थी। अरोकियास्वामी के परिवार की आर्थिक स्थिति इस कदर खराब थी कि उनके पिता के पास जूते और चप्पल लेने तक के लिए भी पैसे नहीं थे। अरोकियास्वामी की मां भैंस का दूध बेचकर सप्ताह के 50 रूपये कमाती थी।

पढ़ाई को कभी नहीं रुकने दिया

लेकिन इन सबके बीच अरोकियास्वामी ने अपनी पढ़ाई को कभी नहीं रुकने दिया। गाँव से शुरुआती पढ़ाई के बाद शहर जाकर अरोकियास्वामी ने स्नातक की डिग्री हासिल की। 19 वर्ष की उम्र में अरोकियास्वामी ने एक फार्म कंपनी में काम करना शुरू कर दिया। इस काम के लिए अरोकियास्वामी को 150 रूपये ही मिलता था। इस कंपनी के बंद होने के बाद अरोकियास्वामी ने BARC में भी काम किया।

पत्नी पहली कर्मचारी बनी

भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में 14 वर्ष काम करने के बाद अरोकियास्वामी ने खुद की कंपनी को शुरू करने का फैसला किया। अरोकियास्वामी ने Thyrocare नाम की कंपनी को शुरू किया। अरोकियास्वामी की पत्नी ने भी इस काम के लिए अपनी नौकरी को छोड़ दिया था। मुंबई में Thyrocare की पहली ब्रांच शुरु हुई जिसमें अरोकियास्वामी की पत्नी पहली कर्मचारी बनी। आज thyrocare के देश विदेश में 1122 आउटलेट्स हैं। अरोकियास्वामी ने गरीबों को ध्यान में रखते हुए इस सेवा के दाम तय किए थे। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार अरोकियास्वामी का 2020 में कुल 474 करोड़ का रेवेन्यू  थी ।

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