Monday, November 29, 2021

सीखने की नहीं होती कोई उम्र, हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने दी 10 वीं की परीक्षा

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सिरसा । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जिस दिन मैं सन्यास लूंगा। उस दिन मैं कुछ न कुछ सीख रहा हूंगा। उन्होंने कहा कि सीखने के लिए कोई उम्र नहीं होती है। आप कभी भी शुरू कर सकते है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने 86 साल की उम्र में दसवीं की परीक्षा देकर इस बात को सही साबित कर दिया है।

अंग्रेजी भाषा में सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठे

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा दी। सिरसा में आयोजित दसवीं कक्षा के लिए अंग्रेजी भाषा में वह सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठे। 86 साल के चौटाला का हाथ टूट गया है। इसलिए वह लिख नहीं सकते है। इसलिए उनको नौवी क्लास का एक स्टूडेंट्स राइटर के तौर पर उपलब्ध करवाया गया। ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के दादा है।

अपने काफिले के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे चौटाला

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला बुधवार को दसवीं की परीक्षा देने के लिए अपने काफिले के साथ पहुंचे। परीक्षा केंद्र स्टाफ ने हाथ जोडक़र इनेलो सुप्रीम ओमप्रकाश चौटाला का स्वागत किया। कुछ लोगों ने उनका आशीर्वाद भी लिया। चौटाला को एक बजकर 50 मिनट पर पार्टी कार्यकर्ताओ ने हाथ का सहारा देकर परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 13 में बैठाया। परीक्षा का समय दोपहर 2 से 5 बजे तक था। अंग्रेजी की परीक्षा करेन के लिए चौटाला को राइटर की अनुमति दी गई। क्योंकि वह अपने हाथ से लिखने में पूरी तरह से असमर्थ थे।

दसवीं की अंग्रेेजी परीक्षा में हो गए थे फेल

ओमप्रकाश चौटाला ने बारहवीं की परीक्षा ओपन बोर्ड से दी थी। उनकी बाहरवीं का परीक्षा परिणाम रोक लिया गया था। क्योंकि वह दसवीं में अंग्रेजी क्लियर नहीं कर पाए थे। जिसके बाद उन्होंने पहले अंग्रेजी की परीक्षा देने का निर्णय लिया। वह अपने पूरे काफिले के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री को 2013 में जेबीटी भर्ती घोटाले में सीबीआई की कोर्ट ने दोषी ठहराया था। उनको 10 साल की सजा सुनाई गई थी। तिहाड़ में जेल की अवधि के दौरान उन्होंने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। लेकिन अंग्रेजी की परीक्षा को वह पास नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने ओपन से बारहवीं बोर्ड की परीक्षा दी। बोर्ड ने बारहवीं का परिणाम पांच अगस्त को घोषित कर दिया था। लेकिन इनका परीक्षा परिणाम रोक लिया गया था। वह दसवीं कक्षा की अनिवार्य परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे।

पत्रकारों को बोले मैं स्टूडेंट हूं

चौटाला को सिरसा के आर्य गल्र्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल में कमरा नंबर 13 दिया गया था। वह परीक्षा केंद्र से पूरी तरह से मुस्कुराते हुए निकले। उन्होंने बाहर खड़े पत्रकारों से कहा कि वह केवल एक छात्र है। इसके अलावा उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया । पत्रकारों ने उनसे कई सवाल पूछने का प्रयास किया।

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