Thursday, September 23, 2021

फरीदाबाद में अवैध निर्माणों की जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, सरकारी खजाने को लग रहा चूना

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Faridabad News । शहर में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत अब सरकार तक भी पहुंच गई है। स्टेट विजिलेंस ने हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को लेटर लिख कर इस मामले में जांच के लिए कहा है ताकि शहर में हो रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। एनआईटी में रहने वाले शिकायतकर्ता विष्णु गोयल ने शिकायत की थी जिसके बाद स्टेट विजिलेंस ने मुख्य सचिव को पत्र लिख दिया है।
एनआईटी में रहने वाले शिकायतकर्ता विष्णु गोयल ने बताया कि जून महीने में उन्होंने स्टेट विजिलेंस को एक शिकायत की थी जिसमें कहा गया था कि पूरे शहर में धड्ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं और नगर निगम अधिकारी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। नगर निगम से बिना नक्शा पास कराए ही अवैध बिल्डिंग बन रही है। बिना सीएलयू के धड्ल्ले से अवैध निर्माण किये जा रहे हैं जिससे नगर निगम को करोड़ों रूपये के रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है। इस शिकायत के बाद स्टेट विजिलेंस ने हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर इस मामले की जांच के लिए कहा है ताकि जिने भी अवैध निर्माण कर्ता है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

1-एनआईटी 1-डी/ प्लाट नंबर-5 में अवैध दुकान का निर्माण हो रहा है। इसी तर्ज पर 5 एम/ 21 में भी सरेआम अवैध रूप से फ्लैटों का निर्माण हो रहा है। इस प्लाट पर पहले बनी बिल्डिंग को सील किया गया था। पंरतु अब इस सीलिंग को खुलवाए बिना उसी प्लाट पर धड्ल्ले से फ्लैट बनाए जा रहे हैं। मित्तल कंपलैक्स के ठीक बगल में एनआईटी नंबर-5 में एक बड़ा शोरूम बनाया जा रहा है। जिसके लिए ना तो निगम से सीएलयू लिया गया है और ना ही किसी प्रकार की सरकारी अनुमति है। इसके बावजूद लाखों रुपए की डील के बाद वहां कमिॢशयल निर्माण किया जा रहा है।

2- इसी प्रकार से एनआईटी नंबर-5 नेशन हट के प्लाट नंबर 83 पर भी अवैध रूप से कमिर्शियल बिल्डिंग तैयार कर दी गई है। इस प्लाट के साथ पुर्नवास विभाग की जमीन भी लगती थी। निर्माण करने वाले लोगों ने इस जमीन पर भी कब्जा कर लिया और इस तरह से अवैध ईमारत का निर्माण कर दिया गया है।

3-एनआईटी-5-एफ/36 में अवैध रूप से 8 फ्लैटों का निर्माण किया गया है। अवैध फ्लैट बनाने वालों को इससे कोई लेना देना नहीं है कि वह आम जनता के हिस्से के सीवर व पानी पर डाका डाल रहे हैं। तोडफ़ोड़ विभाग के सरंक्षण में यह बिल्डिंग बिना किसी नक्शे को स्वीकृत करवाए बिना बना दी गई है। इससे सरकारी खजाने को नुक्सान पहुंचाया गया है।

4- एनआईटी नंबर-5/ एच-51 में भी अवैध रूप से एक बड़ी ईमारत खड़ी कर दी गई है। जिसका ना तो सरकार से सीएलयू लिया गया है और ना ही कोई सरकारी फीस जमा करवाई गई है। मात्र तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारियों की सहमति से ही सरकारी खजाने को नुक्सान पहुंचाते हुए यह व्यवसायिक ईमारत खड़ी कर दी गई है।

5-एनआईटी नंबर-3 में अवैध फ्लैटों के जरिए पानी व सीवर का अवैध रूप से दोहन किया जा रहा है। ना तो इसका शुल्क दिया जाता है और ना ही नक्शा पास करवाने के लिए सरकारी फीस जमा करवाई गई है। 3 ई-16 बीपी और 3 ई-31 बीपी में सरकारी खजाने को नुक्सान पहुंचाते हुए अवैध रूप से फ्लैटों का निर्माण किया गया है। जोकि सरकार के साथ सीधे तौर पर धोखा माना जाएगा।

6-इसी प्रकार से नीलम बाटा रोड पर रिहायशी नक्शे पास करवाकर वहां व्यवसायिक ईमारतें बनाई जा रही हैं। नियम अनुसार सरकार से सीएलयू लेकर फीस की अदागी करने के बाद ही इनका निर्माण किया जा सकता है। मगर यह फीस लाखों रुपए बनती है, इसलिए तोडफ़ोड़ विभाग की सहमति से सरकारी खजाने को चूना लगाकर इनका निर्माण किया गया है।

7- अनाज-गोदाम रोड पर डबुआ कालोनी के पास एनआईटी नंबर -2 के सामने भी इसी प्रकार से कई अवैध इंडस्ट्रीज बनाई जा रही हैं। जबकि इन निर्माणों के साथ ही बकायदा लाईसेंस लेकर औद्योगिक क्षेत्र बनाया गया है, जिसके एवज में सरकार को सभी फीस चुकाई गई हैं। मगर वहीं इस औद्योगिक क्षेत्र की बगल में ही अवैध रूप से औद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है। मगर ना कोई देखने वाला है और ना ही कोई सुनने वाला।

8- इसी प्रकार से ग्रेटर फरीदाबाद जोकि ओल्ड फरीदाबाद नगर निगम के अंतर्गत आता है, वहां भी जगह जगह तमाम अवैध निर्माण बनते हुए दिखाई दे जाएंगे। जिससे सरकार द्वारा बनाए गए मास्टर प्लान को तो खराब किया ही जा रहा है, साथ ही ग्रेटर फरीदाबाद की सुंदरता को भी नुक्सान पहुंचाया जा रहा है।

9- वहीं बल्लभगढ़ के अधीन आने वाले क्षेत्रों में तमाम स्थानों पर अवैध निर्माण होते हुए दिखाई दे जाएंगे। बल्लभगढ़ नगर निगम के अधीन आने वाले एनआईटी इंडस्ट्रीज एरिए में भी तमाम स्थानों पर अवैध निर्माण हो रहे हैं। मगर इन्हें कोई रोकना ही नहीं चाहता।

बता दें कि इस प्रकार के तमाम अवैध निर्माण फरीदाबाद में बेखौफ हो रहे हैं। निगम के तोडफ़ोड़ विभाग की मिलीभगत के बिना अवैध निर्माण होना मुश्किल हैं। मगर अवैध उगाही के बदले इन निर्माणदाताओं को सरंक्षण दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से अवैध निर्माणों की वजह से शहर में पार्किंग के साथ साथ सीवर जाम और पेयजल की किल्लत में भी बढ़ोत्तरी हुई है। अधिकारी इन पर अंकुश लगाना ही नहीं चाहते। जिसके चलते ही यह गैरकानूनी कार्य की वजह से ना केवल आम लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकारी खजाने को भी नुक्सान पहुंचाया जा रहा है। तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारी अवैध निर्माण करने वालों को नक्शा पास करवाने की बजाए गैरकानूनी रास्ता दिखाकर अपनी जेंबे भर रहे हैं। यही नहीं जिन अवैध निर्माणों की सीलिंग की गई हैं,उन्हें भी अब खोल दिया गया है। इनमें ईएसआई चौक पर बनी दुकान व गोल्फ क्लब पेट्रोल पंप के सामने बनें दो निर्माण उदाहरण के तौर पर सामने हैं।

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