Thursday, September 23, 2021

हरियाणा के छोरे रवि दहिया ने टोक्यो में मचाया तहलका, कोलंबिया के पहलवान को चटाई धूल, गांव में बजे ढोल

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नई दिल्ली। पहलवान सोनम मलिक की हार के बाद हरियाणा के दूसरे पहलवान रवि दहिया ने अपने देश के लिए गोल्ड मैडल की उम्मीद को जीवित कर दिया है। हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले रवि दहिया ने टोक्यो ओलंपिक में ना केवल अपने प्रदेश बल्कि देश का नाम भी रोशन कर दिया है। रवि दहिया ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश के लिए एक मैडल पक्का कर दिया है। अब रवि से गोल्ड की उम्मीद लगाए हुए लोगों में बुधवार को खासा उत्साह देखा गया। रवि के फाईनल में पहुंचने के बाद सोनीपत के नाहरी गांव में जश्न का माहौल देखा गया। रवि दहिया ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में बढिय़ा प्रदर्शन करते हुए फाईनल मैच में अपनी जगह बना ली है। जिसके बाद देश के लिए एक मैडल पक्का हो गया है। रवि की जीत पर गांव के लोगों ने ढोल बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

इस पहलवान को दी शिकस्त

रवि दहिया ने प्री क्वार्टर फाईनल में कोलंबिया के पहलवान ऑस्कर को 13-2 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाईनल में अपने लिए जगह सुरक्षित की थी। बुधवार को रवि दहिया ने फाईनल मैच में एंट्री पा ली। जिसके बाद देश के लिए एक और पदक सुरक्षित हो गया है। रवि के पिता राकेश दहिया को अपने बेटे से गोल्ड मैडल की उम्मीद है। उनका कहना है कि वह इंटरनेशल स्तर पर अपने बेटे को चमकते हुए देखना चाहते हैं, इसलिए पूरा देश चाहता है कि रवि अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर गोल्ड मैडल जीतकर लाए। पूरे देश की निगाहें रवि दहिया पर टिक गई हैं

रवि के पिता भी करते थे पहलवानी

बता दें कि रवि के पिता राकेश दहिया भी पहलवान थे और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलना चाहते थे। परंतु परिवार की माली हालत ठीक ना होने की वजह से उनका यह सपना अधूरा रह गया। जिसे आज उनके बेटे रवि ने पूरा किया है। रवि के फाईनल में प्रवेश करने से हरियाणा के खेलप्रेमियों में गजब का उत्साह है। काबिलेगौर है कि रवि ने दस साल की उम्र में ही पहलवानी शुरू कर दी थी। उसने गांव के संत हंसराज अखाड़े में पहलवानी के दांव पेंच सीखे थे। बाद में उसे पहलवानी के गुर सिखाने के लिए छत्रसाल स्टेडिम भेज दिया गया था। रवि ने साल 2015 में जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अपने परिवार का नाम रोशन किया था। रवि ने एक बार फिर से देश के लिए गोल्ड मैडल की उम्मीद को जिंदा कर दिया है।

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