Sunday, October 17, 2021

जानिएं एक मां की प्रेरणादायक कहानी, घरों में पोंचा-झाडू कर बेटे को फोर्ड कंपनी में बना दिया इंजीनियर

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New Delhi । पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइमैन एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि अगर आपको सूरज की तरह चमकना है तो सूरज की तरह जलना भी पड़ेगा। वहीं उन्होंने यह भी कहा था कि अगर सपने देखना है तो जागकर देखिए। सोकर नहीं। इस बात को राजस्थान के रहने वाले भावेश लोहार ने साबित कर दिया है। उन्होंने वह कर दिखाया है जो किसी को भी प्रेरित कर देगा।

 पता नहीं होता था शाम को खाना मिलेगा या नहीं

उदयपुर के रहने वाले भावेश लोहार लोगों के घरों में काम करती थी। रोजाना मां थोड़े बहुत पैसे कमाती थी। ताकि उनके घर का गुजारा चल सके। कभी कभी सुबह पता नहीं होता था कि शाम को खाना मिलेगा या नहीं। भावेश ने लिंकदेन पर अपनी सफलता की कहानी को शेयर किया। जो काफी वायरल हो रही है। भावेश फोर्ड कंपनी में इंजीनियर नियुक्त हुए है।

 नंगे पैर जाते थे पढऩे के लिए स्कूल

भावेश ने अपनी सफलता की स्टोर को शेयर करते हुए कहा कि उनको अभी भी वह दिन याद है कि जब वह हाइवे से गुजरकर नंगे पैर सरकारी स्कूल जाते थे। उनके पास चप्पल खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। बचपन से ही हमारे सपने बड़े बड़े थे। मैं और मेरे दोस्तों कारों के बारे में चर्चा करते रहते थे। मुझे फोर्ड फिगो कार बहुत बढिय़ा लगती थी। हम कहते थे कि पैसे आने पर हम इस कार को जरूर खरीदेंगे।

एक ही कमरे में रहत थे छह सदस्य

उनके परिवार के पास एक ही कमरा था। इस कमरे में परिवार के छह सदस्य रहते थे। वह बताते है कि पिछले दो साल में उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन सबसे सुखद बात है कि उन्होंने कई बड़ी कंपनियों के इंटरव्यू की तैयारी इसी कमरे में बैठकर की। मेरी किस्मत और मेहनत का परिणाम है कि मैं फोर्ड जैसी बड़ी कंपनी में सिलेक्ट हो गया।

अपना काम ईमानदारी से करो और पॉजिटिव सोचो

भावेश ने अपनी सफलता का श्रेय बड़ी बहन और मां को दिया। वह कहते है कि पिता की सैलरी सात हजार रुपए थी। यह सैलरी परिवार का खर्च चलाने में निकल जाता था। परिवार पर कर्ज उतारने का भी दवाब था। अब स्थिति थोड़ा सही होने लगी है। वह कहते है कि आप अपना काम पूरी ईमानदारी से करो। भगवान से आपके लिए भी कुछ पॉजिटिव सोच रखा होगा। आपको एक दिन सफलता अवश्य मिलेगी।

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