Thursday, September 23, 2021

गंगा मां की बेटी ने तोड़ा रिकार्ड, टोक्यो ओलंपिक में दनादन गोल कर दी अपने पिता को श्रद्धाजंलि

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नई दिल्ली। हरिद्वार को गंगा मां का शहर भी कहा जाता है। इसी शहर की बेटी ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचते हुए भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन गोल दागे और टीम को जीत दिलाने में भूमिका निभाई।

साल 1984 के बाद पहली बार लगाई किसी ने हैट्रिक

वंदना ने ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी का यह खिताब भी अपने नाम कर लिया। साल 1984 के बाद से किसी भारतीय ने ओलंपिक में हैट्रिक नहीं लगाई थी। हरिद्वार की बेटी ने यह रिकार्ड भी तोड़ दिया। वंदना ने अपनी इस उपलब्धि से पिता को श्रद्धांजलि दी। अपनी तैयारी के चलते पिता के निधन पर वह गांव नहीं आ सकी थी। वंदना के इस उपलब्धि पर परिजनों, ग्रामीणों और जिले के अधिकारियों में जश्र का माहौल है।

कॅरियर बनाने के लिए जीतोड़ मेहनत

बहादराबाद ब्लाक क्षेत्र के गांव रोशनाबाद निवासी वंदना कटारिया ने पढ़ाई के साथ हाकी को अपना कॅरियर बनाने के लिए पूरी मेहनत की। वंदना कटारिया का जन्म 15 अपै्रैल 1992 में रोशनाबाद में ही हुआ था। वंदना कटारिया ने पहली बार जूनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 2006 में भाग लिया। साल 2013 में वह सबसे अधिक गोल करने में सफल रही।

जूनियर महिला विश्वकप में बनी कांस्य पदक विजेता

जर्मनी में हुए जूनियर महिला विश्वकप में वंदना कटारिया कांस्य पदक विजेता बनी। वंदना ने हॉकी में फिर कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा। वंदना भारतीय महिला हाकी टीम की कप्तान भी रह चुकी है। साल 2021 में उनके पिता का निधन हो गया था। तब वह ओलंपिक के लिए बेंगलुरु में चल रहे ट्रेनिंग कैंप में तैयारी कर रही थी। इसलिए वह अपने गांव नहीं आ पाई।

पूरे गांव में जश्र का माहौल

अब पूरे गांव में जश्र का माहौल है। ग्रामीण परिवार को शुभकामनाएं देने के लिए पहुंच रहे है। उपजिला खेल अधिकारी वरुण बेलबाल ने वंदना कटारिया को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि वंदना को देखकर अन्य लड़कियां भी खेल में आए आएंगी। वहीं भारतीय महिलाएं हाकी में स्वर्ण पदक जीतेगी।

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