Thursday, September 23, 2021

जानिए इस IAS की प्रेरणादायक कहानी, मां-बाप बचपन में छोड़ गए, मेहनत मजदूरी कर बन गए बड़े अफसर

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नई दिल्ली। मुश्किलें कड़ा इम्तिहान लेती हैं। इस इम्तिहान में सिर्फ वही लोग पास हो पाते हैं जो कड़ी मेहनत और बुलंद हौंसलों के साथ इन मुश्किलों का सामना करते हैं। मुश्किलों के सामने घुटने टेक देने से सफलता को हासिल नहीं किया जा सकता। आज हम आपको एक ऐसे ही IAS अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सफलता के मुकाम को हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष किया। लेकिन इन्होंने मुश्किलों के सामने हार नहीं मानी। मुश्किलों ने भी इस अफसर का खूब इम्तिहान लिया लेकिन अपनी कड़ी मेहनत से इस आईएएस अफसर ने सभी मुश्किलों को पार किया और सफलता के शिखर पर पहुंचे। आइए जानते हैं आईएएस अफसर गौरव सिंह सोगरवाल के सफर से जुड़ी कुछ बातें।

गौरव एक किसान परिवार से हैं

आज हम आपको राजस्थान के भरतपुर में रहने वाले गौरव सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं। गौरव आज भले ही आईएएस अफसर बन चुके हैं लेकिन यहाँ तक पहुँचना उनके लिए आसान नहीं था। गौरव एक किसान परिवार से हैं। गौरव ने अपनी शुरुआती शिक्षा एक हिन्दी मीडियम स्कूल से पूरी की। गौरव की माँ गौरव के बचपन में ही गुजर चुकी थी और जब गौरव 14 वर्ष के हुए तो उनके पिता ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। ये समय गौरव के लिए बेहद कठिन था।

गौरव ने खेती करना शुरू कर दिया

मातापिता के जाने के बाद गौरव के कंधों पर ही घर की सारी ज़िम्मेदारी चुकी थी। गौरव ने खेती करना शुरू कर दिया ताकि अपने भाई बहनों को संभाल सकें। कुछ दिनों बाद गौरव ने ट्यूशन पढ़ाना भी शुरू कर दिया। ट्यूशन से अनुभव होने के बाद गौरव ने नारायण IIT अकादमी में पढ़ाना शुरू किया और उसके बाद उन्हें कोटा के एक संस्थान में भी पढ़ाने का अवसर मिल गया। अब गौरव की आर्थिक स्थिति में भी सुधार रहा था। 2 वर्ष तक कोटा में नौकरी करने के दौरान गौरव ने अपनी बहन की शादी की और भाई की पढ़ाई में सहायता भी की।

गौरव BSF में सिलेक्ट हो चुके थे

बेशक गौरव एक अच्छी नौकरी कर रहे थे लेकिन यूपीएससी को पास कर अफसर बनने का सपना अभी भी उनके ज़हन में था। गौरव अब यूपीएससी की तैयारी करने लगे। पहले प्रयास में गौरव एक अंक से प्री परीक्षा में रह गए और दूसरे प्रयास में गौरव 1 अंक से मेन्स में रह गए। इस बीच गौरव BSF में सिलेक्ट हो चुके थे लेकिन तभी उन्हें पता चला कि उन्होंने 2015 की यूपीएससी परीक्षा में 99वीं रैंक हासिल की है। इसके बाद एक बार फिर गौरव ने यूपीएससी की तैयारी की और 46वीं रैंक हासिल कर परीक्षा में टॉप किया। आज हर कोई गौरव के इस जज़्बे की खूब तारीफ कर रहा है।

 

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