Thursday, September 23, 2021

मिलिए देश के सबसे कम उम्र के जज मयंक प्रताप सिंह से, न्याय की कलम से करते हैं इंसाफ

Must Read

बेरोजगारों के लिए बड़ी खबर ,फरीदाबार में 26 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला, कई बड़ी कंपनियां बाटेंगी नौकरियां

फरीदाबाद । हरियाणा कौशल विकास मिशन की परियोजना प्रबंधक अधिकारी  नेहा छाबड़ा ने बताया कि हरियाणा कौशल विकास मिशन...

बुजुर्गों को नहीं मिल पा रही थी पेंशन, दर-दर भटक रहे थे सभी, ऐसे में मिला सीएम मनोहर लाल का सहारा

फरीदाबाद । गाँव मलेरना में पिछले तीन महीने से बुजुर्गों को पेंशन नहीं आने की सूचना पर मुख्यमंत्री मनोहर...

DAV शताब्दी महाविद्यालय फरीदाबाद में हुआ सेमीनार, मुख्य वक्ता ने कहा, स्वस्थ शरीर मे ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है

Faridabad News (citymail news) डी ए वी शताब्दी महाविद्यालय फरीदाबाद तथा राष्ट्रीय चेतना शक्ति फाउंडेशन के सौजन्य से 'स्वास्थ्य...

नई दिल्ली । कहते हैं कि मन के हारे हार है और मन के जीते जीत। यदि आप कुछ सफलता पाने की ठान ले तो आपके इस मार्ग में आई हर बाधा को आप बहुत ही आसानी से पार कर लेंगे। यदि आप सफलता को पाना चाहते हैं तो इसके लिए कड़ी मेहनत के साथ साथ बुलंद हौंसलों और मजबूत इरादों की भी आवश्यकता होती है। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने कड़ी मेहनत, बुलंद हौंसलों और मजबूत इरादों के साथ बहुत ही कम उम्र में अपने सपनों को पूरा कर लिया है। आज हम आपको देश के सबसे कम उम्र के जज मयंक प्रताप सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं मयंक के इस सफर से जुड़ी कुछ खास बातें।

जयपुर के रहने वाले हैं मयंक

आज हम आपको मयंक प्रताप सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं। मयंक राजस्थान में जयपुर के रहने वाले हैं और पेशे से एक जज के पद पर कार्यरत हैं। मयंक को बचपन से ही पढ़ने लिखने का बेहद शौक था। मयंक बचपन से ही वकालत के क्षेत्र में जाना चाहते थे और हमेशा ही अपने इस लक्ष्य पर फोकस भी करते थे। चूंकि मयंक ने पहले ही वकालत के क्षेत्र में जाने का सोच रखा था इसलिए मयंक ने 12वीं कक्षा के बाद ही एलएलबी(LLB) में दाखिला ले लिया और वकालत की पढ़ाई करना शुरू कर दिया।

पहले ही प्रयास में पास की न्यायिक सेवा की परीक्षा

मयंक का सपना था कि वे जज बनकर जनता के साथ इंसाफ करें। इसके लिए मयंक पहले से ही कड़ी मेहनत कर रहे थे। साथ ही मयंक के मजबूत इरादें भी इस सफर में उनका साथ देते थे। जब मयंक ने न्यायिक सेवा की परीक्षा दी तो वे पहले ही प्रयास में पास हो गए। ये बेहद ही गर्व की बात थी। अपनी इस सफलता से मयंक भी बहुत खुश हुए। इसके लिए मयंक ने दिन रात कड़ी मेहनत की है। बता दें कि अपनी कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास से मयंक आज देश के सबसे कम उम्र के जज बन चुके हैं।

लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए बने जज

एक इंटरव्यू के दौरान मयंक ने बताया था कि आज भी ऐसे कई लोग हैं जिन्हें कई कारणों से इंसाफ नहीं मिल पाता है। इसी कारण से मयंक ने जज बनने का ठाना ताकि वे सभी को न्याय दिला सकें। मयंक अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने शिक्षकों को देते हैं। वाकई आज मयंक की बुलंद हौंसलों और कड़ी मेहनत की कहानी हर किसी को बेहद प्रेरित कर रही है।

- Advertisement -
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Connect With Us

223,344FansLike
3,123FollowersFollow
3,497FollowersFollow
22,356SubscribersSubscribe

Latest News

बेरोजगारों के लिए बड़ी खबर ,फरीदाबार में 26 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला, कई बड़ी कंपनियां बाटेंगी नौकरियां

फरीदाबाद । हरियाणा कौशल विकास मिशन की परियोजना प्रबंधक अधिकारी  नेहा छाबड़ा ने बताया कि हरियाणा कौशल विकास मिशन...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!