Thursday, September 23, 2021

महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं अर्चना, 4 साल की मासूम बेटी को छोडक़र की तैयारी और बनीं अफसर

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नई दिल्ली। अधिकतर जगहों पर शादी के बाद महिलाओं की जिंदगी घर तक सिमट जाती है। वह केवल घर के कामों में ही उलझी रहती है। लेकिन कुछ महिलाएं ऐसी होती है जो घर की जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए अपनी मंजिल को हासिल करती है। ऐसी ही महिलाओं में अर्चना बुगालिया भी शामिल है।

परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ की तैयारी

शादी और बच्चों की परवरिश करने के साथ साथ इंडियन आर्मी से शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत पांच साल सर्विस के बाद कैप्टन के पद से सेवानिवृत अर्चना ने अपने पहले प्रयास में 55वी रैंक के साथ आरएएस की परीक्षा पास की। जब अर्चना परीक्षा में पास हुई तो उनकी चार साल की बेटी थी। उसका पालन करने के साथ साथ अर्चना पूरे परिवार को भी संभालती थी।

सच्चे मन से की मेहनत हासिल हुआ लक्ष्य

अर्चना बताती है कि उन्होंने केवल अपने लक्ष्य पर फोकस किया हुआ था। वह किसी की नहीं सुनती थी। केवल अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करती थी। अर्चना कहती है कि अगर आपके भीतर कुछ हासिल करने का जज्बा है तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

सरकारी स्कूल से की दसवीं तक पढ़ाई

झुंझुनंू की रहने वाली अर्चना दसवीं कक्षा तक डूंडलोद मंडी के सरकारी स्कूल में पढ़ी। उसके बाद कक्षा 11वी और 12वी की पढ़ाई सीकर के मारू स्कूल से की। इसके बाद अर्चना ने मार्च 2012 में आर्मी ज्वाइन की, जिसमें तीन साल चंडीगढ़ और दो साल पूणे में पोस्टिंग रही।

साल 2015 में अर्चना शादी कर ली

अर्चना ने साल 2015 में शादी कर ली। मार्च साल 2017 में शार्ट सर्विस कमीशन के तहत रिटायरमेंट ले ली। परिवार की जिम्मेदारी और बेटी को संभालने के साथ उन्होंने पढ़ाई शुरू की। आरएएस परीक्षा के नोटिफिकेशन आने के केवल तीन महीने पहले से ही अर्चना बुगालिया ने पढ़ाई शुरू की।

किराए पर रूम लेकर शुरू की पढ़ाई

अर्चना ने किराए पर रूम लेकर आरएएस परीक्षा के लिए कोचिंग शुरू कर दी। उन्होंने कलाम अकादमी जयपुर से ही हरी सर और विवेक पारीक के जरिए कोचिंग ली। ग्रेजुएशन करने के बाद वर्तमान में अर्चना साइक्लॉजी से पोस्ट ग्रेजुएशन की तैयारी कर रही है।

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