Tuesday, July 27, 2021

ये शख्स गया था मजदूरी करने, मगर बन गया सबसे बड़ा दौलतमंद, जानें क्या है इसके अमीर बनने का रहस्य

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नई दिल्ली । हर साल लाखो भारतीय काम की तलाश में अपने देश से बाहर जाते है। उनको अपने देश में काम नहीं मिल पाता है। तो वह दूसरी कंट्री की तरफ निकल लेते है। लेकिन अधिकतर लोगों को वहां पर जाकर मजदूरी ही करनी पड़ती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जो अपने एक आइडिया से किस्मत को पलट देते है। ऐसे ही केरल के एक मजदूर ने अपने एक आइडिया से अपनी जिंदगी बदल दी। आज वह अरब के सबसे अमीर भारतीयों में से एक है।

खरबों डॉलर की शिफा अल जजीरा समूह के मालिक

केरल के रहने वाला ये व्यक्ति आज खरबों डॉलर के शिफा अल जजीरा समूह के मालिक है। जो गल्फ देशों के सबसे बड़े मेडिकल ग्रुप में शामिल है। केरल के मल्लापुरम गांव में एक गरीब परिवार में पैदा हुए डा. केटी रविउल्लाह करीब 30 साल पहले मजदूर की नौकरी करने के लिए अरब देश रवाना हुए थे। उन्होंने वहां पर 600 डीहराम में एक निर्माणधीन बिल्डिंग में नौकरी की। नौकरी के दौरान उन्होंने महसूस किया कि मजदूर के लगातार काम करने से उसके स्वास्थ्य में गिरावट होती जा रही है। वह विपरित परिस्थितियों में भी कड़ी मेहनत करता है।

एक मजबूत आइडिया पर शुरू किया काम

रवि ने अपनी चुनौतियों को मजबूती बनाते हुए कठिन परिस्थितियों में काम करना शुरू कर दिया। जो गरीबों को कम पैसे में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर सके। लेकिन यह सोचना जितना आसान था करना उतना ही कठिन था। क्योंकि यह सब करने के लिए उनको अधिक पैसे ही जरूरत थी। उन्होंने हार नहीं मानते हुए अपनी कमाई के छोटे छोटे हिस्से को जोडऩा शुरू कर दिया। करीबन 10 सालों तक यह सिलसिला चलता रहा। वह अपनी कमाई को जोडक़र सेविंग करते रहे। ताकि अपने लक्ष्य को हासिल कर सके। उनके इस मिशन पर डाक्टरों ने भी उनका सहयोग दिया। उनकी मेहनत रंग लाने लगी।

उनकी स्वास्थ्य सुविधा ने जीत लिया लोगों का दिल

उनकी स्वास्थ्य सुविधा लोगों को पसंद आने लगी। उनकी सोच ने लोगों का दिल जीत लिया। कुछ समय बाद उन्होंने अपनी बेटी नजिहा के साथ मिलकर शिफा अल जजीरा समूह के बैनर तले एक आधुनिक चिकित्सालय की स्थापना की। रविउल्लाह का सपना बहुत बड़ा है। वह आने वाले समय में भारत समेत सभी देशों में मेडिकल इंस्टिट्यूशन की भी स्थापना करना चाहते है। वह एक ऐसा अस्पताल बनाना चाहते है जिसमे तमाम सुविधाएं मौजूद हो। इसके लिए उन्होंने प्रयास भी शुरू कर दिए है। आज जजीरा समूह 700 युवा डाक्टर और एक हजार से अधिक लोगों की मदद से प्रतिदिन लोगों को समुचित सुविधाएं मुहैया करा रहा है। इसका श्रेय केवल रविउल्लाह को जाता है।

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