Thursday, September 23, 2021

म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं कै, टोक्यो ओलंपिक में धूम मचाएंगी हरियाणा की 16 बेटियां

Must Read

बुजुर्गों को नहीं मिल पा रही थी पेंशन, दर-दर भटक रहे थे सभी, ऐसे में मिला सीएम मनोहर लाल का सहारा

फरीदाबाद । गाँव मलेरना में पिछले तीन महीने से बुजुर्गों को पेंशन नहीं आने की सूचना पर मुख्यमंत्री मनोहर...

DAV शताब्दी महाविद्यालय फरीदाबाद में हुआ सेमीनार, मुख्य वक्ता ने कहा, स्वस्थ शरीर मे ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है

Faridabad News (citymail news) डी ए वी शताब्दी महाविद्यालय फरीदाबाद तथा राष्ट्रीय चेतना शक्ति फाउंडेशन के सौजन्य से 'स्वास्थ्य...

सुप्रीम कोर्ट की फटकार रंग लाई, सूरजकुंड रोड फरीदाबाद के अवैध फार्म हाऊस पर शुरू हुई तोडफ़ोड़

फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नगर निगम प्रशासन ने एक बार फिर से अरावली वन क्षेत्र में...

नई दिल्ली। फिल्म दंगल ने बेटियों को लेकर लोगों की सोच में जबरदस्त तरीके से बदलाव किया है। फिल्म में आमिर खान के डायलॉग म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के, ने बहुत सी छोरियों का जीवन बदल दिया। खासतौर पर इस फिल्म के डॉयलाग ने हरियाणा की बेटियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकने का अवसर प्रदान कर दिया। बता दें कि आमिर खान की फिल्म दंगल भी हरियाणा की पहलवान फौगाट बहनों के संघर्ष और कामयाबी पर बनी हैं। इस फिल्म ने बेटियों के प्रति समाज की सोच ही नहीं बदली, बल्कि अभावों के बीच उन्हें ऊंचा उडऩे के लिए आसमान भी दिया है। यही वजह है कि टोक्यो में होने वाले ओलंपिक में हरियाणा की 16 बेटियों ने अपनी जगह बनाई है।

भारतीय दल में हरियाणा का दबदबा

इन सभी बेटियों ने टोक्यो जाने वाले भारतीय दल में जगह बनाकर अपना लोहा मनवा लिया है। इनके साथ साथ प्रदेश के 13 छोरों ने भी कामयाबी के झंडे गाड़ते हुए भारतीय दल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। यानि कि हरियाणा के 29 खिलाड़ी टोक्यो ओलंपिक के लिए अपनी टिकट पक्की करवा चुके हैं। हरियाणा की बेटियों ने अपने हुनर और मेहनत के दम पर इस बार ओलंपिक में अपना दबदबा कायम कर दिखाया है। हालांकि पहले 11 पुरूष और 7 महिला खिलाडिय़ों को ही इस ओलंपिक में भेजा जा रहा था। पंरत भारतीय हाकी टीम की घोषणा होते ही हरियाणा का दबदबा और बढ़ गया।

हरियाणा की 16 बेटियां लाएंगी मैडल

कुल मिलाकर हरियाणा की सोलह बेटिया ओलंपिक में मैडल लाने के लिए तैयार हो गई हैं। जबकि प्रदेश के 8 खिलाड़ी दूसरी बार ओलंपिक का टिकट पाने में सफल रहे हैं। इनमें पांच बेटियां और 3 छोरे हैं। महिला खिलाडिय़ों में हॉकी खिलाड़ी के तौर पर रानी रामपाल, सविता पूनिया, मोनिका मलिक, नवजोत कौर और पहलवान विनेश फौगाट के नाम शामिल हैं, जबकि पुरूष खिलाडिय़ों में बाक्सर विकास, कृष्ण, हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र कुमार और एथलेटिक्स संदीप कुमार दूसरी बार खेलेंगे।

इन बेटियों पर है मैडल लाने की उम्मीद

हरियाणा की जिन बेटियों पर ओलंपिक से मैडल लाने का दारोमदार है, उनमें पहलवान विनेश फौगाट, अशुं मलिक, सोनम मलिक और सीमा के नाम प्रमुख हैं। शूटिंग में मनु भाकर, यशस्वनी, बाक्सिंग में पूजा का नाम इस टीम में शामिल किया गया है। वहीं हॉकी टीम में शामिल होने वाली हरियाणा की बेटियों में रानी रामपाल, सविता पूनिया, नवजोत कौर, नवनीत कौर, नेहा गोयल, निशा, शर्मिला, उदिता और मोनिका मलिक का नाम शामिल है।

इन युवकों को बनाई है टीम में अपनी जगह

इसी तरह से हरियाणा के जिन युवकों ने ओलंपिक की टिकट हासिल की है, उनमें कुश्ती में बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया, रवि दहिया, हाकी में सुमित, सुरेंद्र कुमार, बाक्सिंग में अमित पंघाल, विकास, कृष्ण, मनीष, शूटिंग में अभिषेक, संजीव राजपूत, एथलेक्टिस में नीरज चोपड़ा, संदीप व राहुल के नाम प्रमुख हैं। वहीं पैरा ओलंपिक में अंबाला के पैरा शूटर दीपक सैनी ने भी अपना टिकट पक्का किया है। उन्होंने लीमा पैरू में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह टिकट हासिल किया है।

बेटियों की उपलब्धि पर जताई खुशी

हरियाणा की बेटियों की इस बड़ी उपलब्धि पर भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित प्रीतम सिवाच का कहना है कि प्रदेश की बेटियों ने अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर यह स्थान बनाया है। वह हर खेल में आगे बढ़ रही हैं। बेटियों की यह उपलब्धि देखकर हार्दिक प्रसन्नता होती है। अब उनके परिवार भी अपने बेटियों को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान कर रहे हैं। बेटियों को किसी भी काम में खुद को कमजोर नहीं आंकना चाहिए। उन्हें हिम्मत और शौर्य के साथ आगे बढऩा चाहिए।

- Advertisement -
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Connect With Us

223,344FansLike
3,123FollowersFollow
3,497FollowersFollow
22,356SubscribersSubscribe

Latest News

बुजुर्गों को नहीं मिल पा रही थी पेंशन, दर-दर भटक रहे थे सभी, ऐसे में मिला सीएम मनोहर लाल का सहारा

फरीदाबाद । गाँव मलेरना में पिछले तीन महीने से बुजुर्गों को पेंशन नहीं आने की सूचना पर मुख्यमंत्री मनोहर...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -
Do NOT follow this link or you will be banned from the site!