Tuesday, July 27, 2021

मौसम अपडेट, लेट हुआ मानसून, अगले तीन दिनों में दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में होगी जोरदार बारिश

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नई दिल्ली। इस बार केरल में मानसून की समय से पहले एंट्री तो हो गई, मगर इसका फायदा देश के लोगों को बहुत अधिक नहीं मिला। हालांकि मुंंबई और बिहार में बारिश ने जमकर उत्पात मचाया है। यदि हम बात करें दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की तो इन राज्यों में अभी भी मानसून के देर से पहुंचने के आसार है। संभावना जताई जा रही है कि अगले तीन दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के जिलों में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पहले चेतावनी जारी की गई थी कि 15 जून को मानसून दिल्ली में प्रवेश कर सकता है। मगर अब नई घोषणा के अनुसार पूरी तरह से मानसून के तीन से चार दिन देरी से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में पहुंचने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी भारत और तटीय राज्यों में इस बार मानसून की अधिकता रही है और वहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

लेकिन जहां तक हरियाणा और दिल्ली की बात है तो मौसम विभाग की तमाम भविष्यवाणी सटीक साबित नहीं हुई है। हरियाणा में प्रवेश के साथ ही मानसून अंबाला आकर रूक गया और आगे नहीं बढ़ पाया है। मौसम की जानकारी उपलब्ध करवाने वाले स्काईमेट वेदर ने कहा है कि अभी इन राज्यों में मानसून देरी से आ सकता है। उत्तर भारत में मानसून के सुस्त पडऩे की बात कही जा रही है। इसके चलते ही अब हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में 27 जून तक मानसून के पूरी तरह से पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि वीरवार को दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश जरूर हुई है, मगर इसे मानसून की बरसात नहीं कहा जा सकता है। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा है कि यह मानसून की बारिश नहीं है।

स्काईमेट वेदर के अनुसार पूर्वी हवाओं के चलने की वजह से ही मानसून अपनी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। मगर 27 जून के बाद मानसून अपनी रफ्तार दिखा सकता है। तब तक पूरी तरह से लोगों को मानसूनी बरसात से राहत नहीं मिल पाएगी। उन्होंने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटों के भीतर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।

स्काईमेट वेदर के अनुसार टर्फ रेखा में बदलाव होने की वजह से ही मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसलिए लोगोंं को जून के अंतिम सप्ताह में ही मानसून की बारिश का इंतजार करना होगा। इससे पहले मानसून के प्रति लोगों को अधिक उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। स्काईमेट वेदर के अनुसार राजस्थान के पश्चिमी जिलों में बारिश के आसार दिखाई दे रहे हैं। उत्तर-पूर्वी जिलों बूंदी, कोटा, झालावाड़ , टोंक आदि में भी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि अभी दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा सहित पंजाब को भी बारिश का इंतजार करना होगा। मगर मानसून के लेट होने के बावजूद इन राज्यों में बारिश हो सकती है, जिसे मानसून की बारिश नहीं कहा जाएगा।

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