Tuesday, July 27, 2021

हरियाणा के इस किसान बेटे ने किया कमाल, ईंट और गोबर से हर महीने कमा रहे लाखों रुपए, आप भी जानिएं कैसे

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रोहतक । पर्यावरण को धरती का आधार माना जाता है। आज समय-समय पर देश-विदेश में लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। लोग भी आज पर्यावरण को बचाने के लिए इको-फ्रेंडली वस्तुओं के प्रयोग पर ज्यादा ज़ोर दे रहे हैं। इसी बीच हरियाणा के एक रिसर्च स्कॉलर ने भी गोबर के इस्तेमाल से पर्यावरण को बचाने का सराहनीय प्रयास किया है। आज गोबर के इस्तेमाल से यह शख्स इको फ्रेंडली घर बनाने के लिए ईंट और पेंट का निर्माण कर रहा है। इसी के साथ इस रिसर्च स्कॉलर का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये है। आज इस सराहनीय कार्य के साथ अन्य किसानों को भी इस कार्य से जोड़कर उन्हें रोजगार दिया जा रहा है।

रिसर्च करने के लिए छोड़ दी नौकरी

शिव दर्शन हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं। शिव ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने गाँव से ही पूरी की। शिव के पिताजी भी खेती-बड़ी का काम करते थे। उसके बाद शिव ने रोहतक से ही अपनी स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पूरी की। शिव को एक अच्छी नौकरी भी मिल गई और वह कॉलेज में पढ़ाने लगे। लेकिन उसके बाद शिव कुछ ऐसा शोध करना चाहते थे जिससे गाँव के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। इस रिसर्च को करने के लिए शिव दर्शन ने अपनी नौकरी तक छोड़ दी।

विदेशों से आया इको-फ्रेंडली घर बनाने का विचार

नौकरी छोड़ने के बाद शिव आईआईटी (IIT), वर्ल्ड बैंक (World Bank) और यूएनडीपी (UNDP) के साथ मिलकर कई प्रोजेक्ट पर काम करने लगे। जिसके दौरान उन्हें अमेरिका और इंग्लैंड जाने का अवसर प्राप्त हुआ। जब वह विदेश गए तो उन्होंने देखा कि विदेश में लोग इको-फ्रेंडली घर में रहना अधिक पसंद करते हैं। विदेश में उन्होंने देखा की यह लोग भांग की पत्तियों में चूना मिलाकर अपने घरों को तैयार करते है। शिव को यह विचार बहुत पसंद आया और उन्होंने इस पर शोध करना शुरू कर दिया। क्यूंकि वह जानते थे कि यह काम भारत में बहुत ही अच्छे तरीके से किया जा सकता है।

गोबर से तैयार किया सीमेंट लोगों को आया पसंद

कुछ समय बाद शिव ने सबसे पहले गोबर से सीमेंट तैयार किया और उसे खुद भी इस्तेमाल किया। शिव ने लोगों को भी इस सीमेंट की खासियत बताई। जिसके बाद लोगों को भी यह सीमेंट पसंद आने लगा। जब लोगों को यह सीमेंट पसंद आया तो शिव ने गोबर से ईंट और पेंट बनाना भी शुरू कर दिया। आज शिव साल में करीब 5 हज़ार टन गोबर से बने सीमेंट को बाज़ार में बेचते हैं। उनके यह इको-फ्रेंडली प्रॉडक्ट राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड के साथ-साथ अन्य कई राज्यों में प्रचलित हो चुके हैं।

गाँव के लोगों को भी मिला रोजगार

शिव आज अपने प्रोडक्टस की जानकारी सोशल मीडिया के सहारे लोगों तक पहुंचाते हैं। इसके अलावा अपनी वेबसाइट के माध्यम से भी वह इस बिज़नस को बढ़ा रहे हैं। आज उनके इस बिज़नस का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये है। इसके साथ वह इस काम के लिए लोगों को ट्रेनिंग भी देते हैं। अभी तक 100 लोगों को वह इस काम की ट्रेनिंग दे चुके हैं। इसके अलावा शिव गाँव के लोगों को भी इस काम से रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। जिससे गाँव के लोग भी आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

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