विकास शुल्क के भारी भरकम नोटिसों से फरीदाबाद के उद्योग जगत में मचा हडकंप, कमिश्नर से की ये मांग

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फरीदाबाद। प्रमुख औद्योगिक संगठन मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन फरीदाबाद ने हरियाणा सरकार व स्थानीय निकाय विभाग द्वारा फरीदाबाद में औद्योगिक प्लाटों को रैगुलाईज करने की योजना के लिये जहां सरकार की सराहना की है वहीं प्लाटधारकों को भेजे जा रहे भारी भरकम डेवलपमैंट चार्ज के नोटिसों पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे तुरंत प्रभाव से वापिस लेने का आग्रह किया गया है। यहां फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त  गारिमा मित्तल से मिले एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि मौजूदा समय में जबकि उद्योग बंदी व मंदी के दौर से गुजर रहे हैं ऐसे में संबंधित भारी भरकम चार्जिज के नोटिस तर्कसंगत व व्यावहारिक नहीं हैं।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए एमएएफ के महासचिव  रमणीक प्रभाकर ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित करने की घोषणा का सभी वर्गों द्वारा स्वागत किया गया है क्योंकि इससे एक लंबित मांग पूरी हुई है परंतु जिस प्रकार रैगुलर करने की एवज में भारी भरकम चार्जिज मांगे जा रहे हैं वह वर्तमान परिवेश में उद्योगों पर एक बहुत बड़ा आर्थिक भार है और उस पर भी चिंताजनक पहलू यह है कि इस पालिसी को ३१ अगस्त २०२१ तक के लिए वैध घोषित किया गया  है जो किसी भी दृष्टि से उद्योगों के लिए हितकर नहीं हैं।
श्री प्रभाकर ने निगम आयुक्त को बताया कि इन औद्योगिक क्षेत्रों से लगभग पौने दो लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है और सरकार को 30 फीसदी तक का टैक्स दिया जा रहा है। यही नहीं अभी तक इन औद्योगिक क्षेत्रों में न तो पर्याप्त सडक़ें हैं और न ही आधारमूल सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। सफाई व स्ट्रीट लाईट सहित अन्य सुविधाओं का नितांत अभाव बना हुआ है परंतु इसके बावजूद इन औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित करने का स्वागत इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इससे औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढऩे की उम्मीद है।
श्री प्रभाकर ने स्पष्ट करते कहा कि कोविड व इसके कारण चल रहे लॉकडाउन से उद्योगों की स्थिति काफी खराब है ऐसे में भारी भरकम चार्जिज तथा कम समयसीमा उद्योग प्रबंधकों के लिये एक प्रताडऩा ही बन रही है जिसपर ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने निगमायुक्त से आग्रह किया कि निर्धारित चार्जिज को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए और उद्योगों को इस योजना की समय अवधि को बढ़ाया जाए।  निगमायुक्त  गारिमा मित्तल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे उद्योगों की मांग के अनुरूप हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर वास्तुस्थिति से अवगत कराएंगी।  विश्वास दिलाया कि सरकार के आदेशों के अनुरूप ही अगली कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री तेजीश प्रभाकर, पुष्पेंंद्र सिंह,ऋषि त्यागी, जगदीश शर्मा,कैलाश मोदगिल, सुनील सचदेवा,जितेंद्र धीर, गगन धमीजा, मानव साहनी, सुनील गुलाटी, दीपक सांखला, पी एम ढींगड़ा, नेहा भुटानी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

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