फरीदाबाद के गांव खोरी व लकड़पुर में रोकी गई तोडफ़ोड़, ड्रोन से होगी मैपिंग, 10 हजार मकानों पर खतरा

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कैप्शन: अपनी रणनीति की जानकारी देते हुए डीसी यशपाल यादव एवं नगर निगम कमिश्नर डा. गरिमा मित्तल

फरीदाबाद। दिल्ली के बार्डर पर स्थित हरियाणा के फरीदाबाद में गांव खोरी व लकड़पुर में फिलहाल तोडफ़ोड़ की कार्रवाई को रोक दिया गया है। हालांकि नगर निगम प्रशासन को इन दोनों कालोनियों में बनाए गए सभी मकानों को तोडक़र सुप्रीम कोर्ट में 6 हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी है। पंरतु प्रशासन ने अपनी रणनीति को बदल लिया है और सीधे तौर पर वहां तोडफ़ोड़ करने से बच रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि वह लोगों को खुद ही अपने मकान खाली करने की लिए राजी कर लेंगे। यदि लोगों ने प्रशासन की बात नहीं मानी, तब आखिरी विकल्प के तौर पर तोडफ़ोड़ की कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा। इस गंभीर मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त गरिमा मित्तल और डीसी यशपाल यादव ने एक प्रेस वार्ता के जरिए अपने रणनीति से अवगत करवाया।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फरीदाबाद व दिल्ली के बार्डर पर बसी गांव लकड़पुर व खोरी को जंगल की जमीन बताते हुए वहां बनें मकानों को तोडऩे के आदेश जारी किए हैं। इन दोनों कालोनियों में करीब दस हजार मकान बनें हैं और वहां हजारों लोगों की आबादी है। अदालत ने कहा है कि इन सभी मकानों को तोड़ दिया जाए और जंगल की जमीन को खाली करवा लिया जाए। इसके लिए प्रशासन को 6 सप्ताह का समय दिया गया है।

जिला उपायुक्त यशपाल यादव और नगर निगम कमिश्नर गरिमा मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खोरी गांव तोड़फोड़ को लेकर जानकारी दी। गरिमा मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी सुप्रीम कोर्ट ने 6 हफ्ते का समय दिया है और 6 हफ्ते के अंदर ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना करनी है। गरिमा मित्तल ने बताया कि अभी फिलहाल तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोक दिया गया है। पहले उस एरिया की ड्रोन की मदद से मैपिंग की जाएगी। इसके बाद वहां रहने वाले सभी लोगों को वहां से जगह खाली करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद 2 हफ्ते की रिपोर्ट कोर्ट में जमा करने के बाद भी खोरी गांव से लोग खुद वहां से नहीं जाते तो पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की तरफ से तैयारी पूरी कर ली गई है उसके बाद वहां पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी

कॉन्फ्रेंस में मौजूद जिला उपायुक्त यशपाल यादव ने भी इस पर जानकारी देते हुए कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश सभी को मानना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आया है उसी दशा में काम किया जाएगा। खोरी गांव में रहने वाले लोगों को भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को मानना चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि इससे पहले भी खोरी गांव में दो बार तोड़फोड़ की जा चुकी है। इसलिए वहां रहने वाले लोगों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को मानना चाहिए।

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