शहीदों को श्रद्धाजंलि देने का अनोखा तरीका, उनके घरों से इकठठी की देशभक्ति की मिटटी

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नई दिल्ली। देश की रक्षा के लिए मरने मिटने वाले वीर सैनिकों के प्रति हर किसी के मन में श्रद्धा भाव रहता है। देश के लोग वीर सैनिकों के प्रति अपने दिल में मान सम्मान रखते हैं। पिछले दिनों देश के दुश्मनों के घर में घुसकर जिस तरह से वीर सैनिकों ने आंतकियों को मौत के घाट उतारा है उसके बाद से तो देश की सेना के प्रति लोगों के मन में और अधिक मान सम्मान दिखाई देने लगा है। इसी दौर में आज हम बात करेंगे एक ऐसे शख्स की, जोकि देश पर अपनी जान न्यौछावर कर चुके शहीद सैनिकों के घर की मिटटी को इकठ्ठा कर उनका स्मारक बना रहे हैं।

ये शख्स है एक म्यूजिक टीचर

उमेश गोपीनाथ जाधव पेशे से एक म्यूजिक टीचर हैं। उनका अपना एक म्यूजिक स्कूल भी है। बेंगलूरू के रहने वाले उमेश ने 9 अप्रैल 2019 को अपनी निजी कार से यह अभियान शुरू किया था। उन्होंने 28 राज्य और 9 केंद्रशासित प्रदेशों की यात्रा की है। उनका उद्देश्य शहीद सैनिकों के घर से उनकी मिटटी इकठ्ठा कर उनका स्मारक बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना है। वह इन यात्राओं के अंतर्गत अब तक 1 लाख 20 हजार किलोमीटर सफर तय कर चुके हैं।

106 शहीद परिवारों से मिले हैं उमेश

उमेश गोपीनाथ अपनी इस यात्रा के दौरान 106 शहीद हुए जवानों के परिवारों से मिल चुके हैं। उन्होंने इन सभी परिवारों से मुलाकात कर उन्हें अपने उद्देश्य से अवगत करवाते हुए उनके घरों की मिट्टी इकठ्ठी की है। उन्होंने बताया कि वह जोधपुर सहित देश पर शहीद हो चुके सैनिकों के परिवारों से मुलाकात कर उनके घर की मिट्टी इकठ्ठी कर चुके हैं। वह चाहते हैं कि देश के वीर सैनिकों के लिए एक ऐसा स्मारक तैयार होना चाहिए, जोकि अनूठी मिसाल बने।

स्मारक में लगाई जाएगी ये मिट्टी

उमेश गोपीनाथ बताते हैं कि इसके लिए ही उन्होंने यह अभियान आंरभ किया है। इस स्मारक में शहीद जवानों के आंगन की मिट्टी का प्रयोग किया जाएगा, ताकि वहां से हर समय वीर सैनिकों की शहादत की बयार बहती रहे और हमेशा उनकी याद ताजा रहे। उनका कहना है कि श्रीनगर में देश का ऐतिहासिक नक्शा भी बनाया जा रहा है, इस नक्शे में शहीद सैनिकों की शहादत का भी जिक्र किया जाएगा। उनके अनुसार हमें देश पर मर मिटने वाले सैनिकों की शहादत को कभी नहीं भुलाना चाहिए और आने वाले पीढी को भी इससे अवगत अवश्य करवाना चाहिए।

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