इस बार मेहरबान रहेगा मानसून, गर्मी से मिलेगी राहत, दिल्ली-एनसीआर सहित हरियाणा में होगी जोरदार बारिश

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New Delhi (citymail news) देशवासियों के लिए अच्छी खबर है। इस साल भी इंद्र देव देश पर मेहरबान रहेंगे। इस साल देश में मानसून सामन्य रहेगा और 3 जून तक केरल में मानसून दस्‍तक देगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि ‘एक जून से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं धीरे-धीरे जोर पकड़ सकती हैं, जिसके चलते केरल में वर्षा संबंधी गतिविधि में तेजी आ सकती है। लिहाजा केरल में तीन जून के आसपास मॉनसून के पहुंचने की उम्मीद है।’ मानसून को लेकर मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य रहेगा। इस दौरान जून से लेकर सितंबर तक देश में अच्छी बारिश होगी। आपको बता दें कि पिछले दिनों पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने कहा था कि मानसून की लंबी अवधि का औसत (LPA) 98 फीसदी होगा, जो सामान्य श्रेणी में आता है। LPA 1961-2010 के बीच मॉनसून में हुई बारिश का औसत है जो कि 88 सेंटीमीटर बैठता है। 98 फीसदी के पूर्वानुमान का मतलब है कि इस साल मानसून सीजन के दौरान करीब 86.2 सीएम बारिश होगी।

मौसम विभाग के मुताबिक विभाग ने कहा कि एक जून से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं धीरे-धीरे जोर पकड़ सकती हैं जिसके चलते केरल में वर्षा संबंधी गतिविधि में तेजी आ सकती है। लिहाजा केरल में तीन जून के आसपास मॉनसून के पहुंचने की उम्मीद है।मौसम विभाग का कहना है कि केरल तट पर पहुंचने के बाद मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक 12 या 13 जून को इसके बिहार में प्रवेश करने की उम्मीद है। बिहार में समान्यत: जून से लेकर सितंबर तक मानसून की बारिश होती है। इस साल सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार 20 जून के आसपास मानसून उत्तर प्रदेश में दस्तक देगा। यानी जून के तीसरे सप्ताह के बाद उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश होगी। जून के आखिर में मानसून दिल्‍ली में पहुंच सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि देश के पूर्वी और उत्तर पूर्वी भागों को छोड़कर सभी इलाकों में सामान्य वर्षा होगी। हालांकि ओडिशा, बंगाल, झारखंड और बिहार के साथ साथ उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में सामान्य से थोड़ी कम बारिश होने के आसार हैं।आपको बता दें कि ये लगातार तीसरा साल है, जब मानसून के सामान्य रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक़ इस साल जून से सितंबर के बीच दीर्घावधि औसत का 98 फीसद बारिश होने का अनुमान है। अगर औसत के 96 फीसद से 104 फीसद के बीच बारिश हो तो उसे सामान्य मानसून कहा जाता है। 2019 और 2020 के बाद ये लगातार तीसरी बार है जब मानसून के सामान्य रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है।

साभार-न्यूज 24

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