हरियाणा में शराब के ठेकों पर सरकार ने दिखाई मेहरबानी, नुक्सान की इस तरह से होगी भरपाई

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Chandigarh News (citymail news) राज्य सरकार ने 31 मई लाकडाउन बढ़ा दिया है। इसके साथ-साथ कुछ छूट भी दी गई हैं। दुकानों को निर्धारित समयावधि के दौरान आड-ईवन सिस्टम से खोलने की छूट दी गई है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने शराब ठेकों को खोलने की अनुमति भी दे दी है। शराब ठेकेदारों को कोविड नियमों का पालन करना होगा।

हरियाणा में लाकडाउन के बदले नियमों के बाद सोमवार को तीन सप्ताह से बंद पड़े बाजार खुल गए। आड-ईवन के आधार पर दुकानें खुलने के साथ ही शराब ठेके भी खुल गए हैं। लाकडाउन के पहले तीन चरणों में शराब ठेके बंद रहने के कारण ठेकेदारों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने मौजूदा आबकारी वर्ष को 11 जून तक बढ़ा दिया है। पहले 19 मई को शराब ठेकों का लाइसेंस खत्म होना था, लेकिन अब अगला आबकारी सत्र 12 जून से शुरू होगा।

तीन सप्ताह के लाकडाउन के चलते शराब ठेकेदार अपना पुराना स्टाक क्लीयर नहीं कर सके हैं। इसके चलते पिछले दिनों शराब ठेकेदारों ने आबकारी एवं कराधान महकमा संभाल रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया था। इस पर उपमुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि उन्हें नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

दुष्यंत ने आश्वासन दिया था कि लाकडाउन के दौरान जितने दिन शराब के ठेके बंद रहेंगे, आगे उन्हें उतने ही दिन पिछले स्टाक की शराब की बिक्री करने की अनुमति दी जाएगी। उसके बाद ही नए आबकारी वर्ष की शुरुआत होगी। अब चूंकि लाकडाउन के चौथे चरण में शराब की दुकानें सोमवार से खाेलने की अनुमति दी गई है, इसलिए ठेकेदारों को अपना स्टाक क्लीयर करने के लिए 19 दिन का समय दिया गया है।

रतलब है कि पिछले साल भी लाकडाउन के कारण शराब ठेके 40 दिन बंद रहे थे। लाकडाउन के तीसरे चरण की शुरूआत होने पर ही शराब के ठेकों को खोलने की छूट दी गई थी। इसके कारण आबकारी पालिसी को 31 मार्च 2020 से बढ़ाकर 19 मई 2020 तक किया गया था। इस साल भी हरियाणा में कोरोना के कारण तीन मई से लाकडाउन लागू है। इसके कारण नए ठेके शुरू नहीं हो पाए हैं। इस बार सरकार ने करीब साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखा है।

साभार- जागरण

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