हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने जारी किए आदेश, जानें क्या होंगे नए नियम

0
Chandigarh News (citymail news ) हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। कोरोना संक्रमण काल में बिजली उपभोक्ताओं के लिए सरकार की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। इसमें बिजली उपभोक्ताओं को काफी फायदा मिलेगा। आदेश के मुताबिक जिन उपभोक्ताओं को बिजली के बिल अदा करने के लिए 3 मई 2021 से 24 मई 2021 तक का वक्त दिया गया था, अब वो उपभोक्ता बिना किसी चार्ज के 3 जून 2021 तक अपने बिल जमा करवा सकेंगे।
 एचईआरसी ने प्रदेश के बिजली वितरण निगमों के समग्र राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का टैरिफ आर्डर जारी किया
हरियाणा के 70 लाख 54 हजार 796 बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत,जिसमें यूएचबीवीएन के 32 लाख 82 हजार 824 और डीएचबीवीएन के 37 लाख 71 हजार 972 हैं
-नहीं बढ़ाई गई बिजली की दरें, इसके विपरीत कई श्रेणियों को दिया भारी लाभ
-नई बिजली की दरें 1 अप्रैल से होंगी लागू, नई दरें उद्योग एवं अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में बड़ी कारगर साबित होंगी
-गत वर्ष एग्रो इंडस्ट्रीज को दिया था भारी लाभ
-इस वर्ष उद्यमियों को टाइम ऑफ डे (टीओडी) और टाइम ऑफ यूज (टीओयू) की बिजली दरों में की भारी कमी
-थोक आपूर्ति (घरेलू) के फिक्सड चार्ज को भी किया गया कम
-श्मशान और कब्रिस्तान में एलटी/एचटी सप्लाई की न्यूनतम बिजली दर लागू होगी, इनको फिक्सड चार्ज से मिलेगी छूट
-इलेक्ट्रिक्ल व्हीकल चार्जिंग स्टेशन को भी मिलेगी राहत
-पूजा स्थलों के लिए भी एक फ्लैट रेट अर्थात 6.90 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से मिलेगी बिजली
– रेलवे /डीएमआरसी को भी मिली छूट, ऊर्जा चार्ज में 10 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमाण्ड चार्ज में 10 रुपये प्रति केवीए का लाभ
– हरियाणा बिजली निगमों को राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में कमी की गई, आदेश के अनुसार 885.823 करोड़ रुपए जो इक्विटी पर वापिस अनुमोदित की गई है, वो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी से कम की जाएगी।
वकीलों के चैंबरों को भी मिलेगी सस्ती बिजली
– एचटी औद्योगिक उपभोक्ताआें के फिक्सड चार्ज में कमी की गई है, जो 170 रुपए /केवीए प्रति माह से घटाकर 165 रुपए/केवीए प्रति माह किया गया है
– गैर घरेलू सप्लाई-एनडीएस (एचटी) को एचटी आपूर्ति के साथ मर्ज किया गया, लागू दरें जो पहले की एनडीएस (एचटी) की टैरिफ दरें 6 रुपए  75 पैसे से घटा कर कर 6 रुपये 65 पैसे प्रति यूनिट हो जाएगी
-वहीं, घरेलू उपभोक्ता कैटेगरी-एक, जिनकी खतप 100 यूनिट प्रति माह है, उनको पहले की तरह 0 से 50 यूनिट तक 2 रुपए, 51 से 100 यूनिट तक 2रुपए 50 पैसे प्रति यूनिट
-घरेलू उपभोक्ता कैटेगेरी-दो, जिनकी खपत 100 यूनिट से 800 यूनिट प्रति माह तक है, उनको 0 से 150 यूनिट तक 2 रुपए 50 पैसे प्रति यूनिट, 151 से 250 यूनिट तक 5 रुपए 25 पैसे प्रति यूनिट
-एचईआरसी ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए दोनों बिजली वितरण निगमों के एआरआर के लिए 29,986.36 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, जबकि निगमों ने 32,543.78 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया था
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों के समग्र राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का टैरिफ आर्डर जारी किया, 1 अप्रैल से होगा लागू
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने बिजली वितरण कम्पनियों-उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) का टैरिफ आर्डर जारी किया है। इससे प्रदेश के 70 लाख 54 हजार 796 बिजली उपभोक्ताओं को भारी राहत मिली है, जिसमें यूएचबीवीएन के 32 लाख 82 हजार 824 और डीएचबीवीएन के 37 लाख 71 हजार 972 बिजली उपभोक्ता हैं।
बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई, इसके विपरीत कई श्रेणियों को लाभ दिया गया है। यह नई बिजली की दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी, कोविड-19 महामारी के चलते तथा प्रदेश के उद्योग एवं अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने में यह नई दरें विशेष कारगर साबित होंगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि हरियाणा में पिछले छह साल से बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि टैरिफ दरें वित्त वर्ष 2013-14 में लगभग 13 प्रतिशत बढ़ाने के आदेश दिए थे, तथा हरियाणा  विद्युत विनियामक आयोग द्वारा वित्त वर्ष 2015-16 में औसतन टैरिफ दरें 8.5 प्रतिशत बढ़ाने का अनुमोदन किया था। तदोपरान्त, उपभोक्ताआें की टैरिफ दरें ज्यों की त्यों रहीं, इसके विपरीत वित्त वर्ष 2020-21 में श्रेणी-एक के अंतर्गत पडऩे वाले घरेलू  बिजली उपभोक्ताओं की दरों में भारी कमी की गई थी।
वहीं, अब नई बिजली दरों 2021-22 के हिसाब से थोक आपूर्ति (घरेलू) वाले  उपभोक्ताआें को कुछ राहत देने के लिए मांग के अनुसार प्रतिमाह फिक्सड चार्ज 100 रुपए प्रति किलोवाट से घटाकर 90 रुपए प्रति किलोवाट किया गया है।
घरेलू आपूर्ति टैरिफ- में कोई बदलाव नहीं,  हालांकि उपभोक्ताआें की पिछली श्रेणियों की संख्या को 3 से घटाकर 2 कर दिया गया। आपूर्ति खपत  6 रुपए  90 पैसे प्रति यूनिट के होते हुए भी टैरिफ दरों में भारी रियायत दी गई है, पहले की तरह 0 से 50  तक 2 रुपए प्रति यूनिट तथा 51 से 100  तक  2 रुपए 50 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलती रहेगी।
श्मशान व कब्रस्तिान- के मामले में आयोग ने निर्णय लिया है कि एलटी आपूर्ति या एचटी आपूर्ति जैसा भी मामला हो उसमें न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा। एेसे मामलों में कोई फिक्सड चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
अधिवक्ता चैम्बर (न्यायालय परिसर)-  जैसा कि न्यायालय परिसर के भीतर अधिवक्ता को एलटी आपूर्ति की जाती है। आयोग के वर्तमान आदेशों में 5 किलोवाट से 20 किलोवाट तक के लोड के लिए यह एनडीएस/वाणिज्यिक 7 रुपए 05 पैसे प्रति यूनिट दरों की बजाय अब 6 रुपए 90  पैसे प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है, अर्थात प्रति यूनिट 15 पैसे कम किए गए।
टाइम ऑफ डे टैरिफ- इसकी दरों में रियायत दी गई है, जो नवंबर 2021 से मार्च 2022  तक (रात्रि 9 बजे से प्रात: 05:30 बजे) के स्लॉट के लिए होंगी,  इस  पर  विचार किया गया ताकि एचटी उपभोक्ताआें को पीक ऑवर से ऑफ ऑवर अवधि की आेर प्रेरित किया जा सके, तथा इस प्रकार उन द्वारा उत्पादन प्रक्रियाआें में खपत की गई औसत ऊर्जा अपने आप कम होने के साथ-साथ पीक ऑवर के दौरान डिस्कॉम द्वारा दी जाने वाली महंगी बिजली की दरों से भी बच सकें, इसलिए रियायती शुल्क, वृद्घिशील खपत के लिए, निम्नानुसार है:-
टाइम ऑफ डे/टाइम ऑफ यूज टैरिफ
क)11/33 किलोवाट के एचटी उपभोक्ताआें के लिए 4.25 रुपए प्रति यूनिट
ख) 66 केवी या उससे अधिक के एचटी उपभोक्ताआें के लिए 3.75 रुपए रुपये प्रति यूनिट  तय की गई है।
-इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन-आयोग ने हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों का विकल्प तेजी से अपनाने को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विचार करते हुए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन के लिए रियायती शुल्क को मंजूरी देते हुए यह दरें 5.55 प्रति केडब्ल्यूएच या 5.00 रुपए प्रति केवीएएच अनुमोदित की है। इसके अलावा, प्रतिमाह 100 रुपए प्रति किलोवाट/किलोवोल्ट एम्पियर निर्धारित शुल्क करने का प्रस्ताव दिया है।
इसके अतिरिक्त, टीआेडी/टीआेयू टैरिफ के अनुसार ऊर्जा शुल्क भी ऑफ-पीक डिमांड अवधि (नवंबर से मार्च) के दौरान रात्रि 9 बजे से प्रात: 5:30 बजे के बीच लागू होंगी और उक्त समयावधि के दौरान इसकी गणना वृद्घिशील खपत की बजाय एचटी आपूर्ति उपभोक्ताआें की कुल आपूर्ति से होगी।
पूजा के स्थलों‘‘ के लिए शुल्क-आयोग ने कोविड-19 महामारी की कठिन परिस्थितियों में  श्रद्घालुआें को सहायता प्रदान करने के लिए पूजा स्थलोंं द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए आयोग का यह मत है कि पूजा स्थलों पर पारंपरिक सामुदायिक गतिविधियों के सांस्कृतिक केंद्र हैं। तदनुसार, आयोग राजस्व तटस्थ आधार पर टूट/रियायत को मंजूरी प्रदान की है। इसके बाद, एलटी लागत आपूर्ति की एक फ्लैट दर अर्थात 6.90 रुपए प्रति यूनिट होगी।
एग्रो उद्योग- राज्य में आयोग ने एमएसएमई क्षेत्र में एग्रो आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विचार करने के बाद 01.06.2020 को जारी अपने आदेश में पैक हाउस, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्री-कूलिंग और पकने वाले चैम्बर, मधुमक्खी शहद, हनी प्रोसेसिंग, टिशू कल्चर, जिंगा और फिश फार्मिंग, पोल्ट्री फार्म, पिग फार्म, मिल्क चिलिंग प्लांट और कोल्ड स्टोरेज, मशरूम की खेती के लिए 20 किलोवट तक के लोड के लिए सिंगल पार्ट टैरिफ निर्धारित की है अर्थात 4 रुपए 75 पैसे प्रति यूनिट रहेगी।
एचटी इंडस्ट्रियल उपभोक्ता -इंडस्ट्री को कुछ राहत देने के लिए आयोग ने कन्ट्रैक्ट डिमांड के आधार पर फिक्सड चार्ज प्रति माह 170 रुपए प्रति केवीए से घटा कर 165 रुपए  प्रतिमाह किया था। इससे एचटी इंडस्ट्रियल उपभोक्ताआें को कुछ राहत मिलेगी।
इससे एचटी औद्योगिक उपभोक्ताआें के निर्धारित शुल्क में वृद्घि नहीं होगी और एनडीएस (एचटी) को एचटी आपूर्ति के साथ मर्ज कर दिया जाएगा। इस प्रकार, पहले की एनडीएस (एचटी) की लागू टैरिफ दरें 6 रुपए  75 पैसे से घटा कर कर अब 6 रुपये 65 पैसे हो जांएगी।
रेलवे (ट्रैक्सन)/आपूर्ति/डीएमआरसी :जैसा कि  रेलवे (टै्रक्सन) टैरिफ तथा डीएमआरसी टैरिफ  श्रेणी को एचटी आपूर्ति के साथ जोड़ दिया गया है। एेसे उपभोक्ताआें को ऊर्जा चार्ज में 10 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमाण्ड चार्ज में 10 रुपये प्रति केवीए का लाभ होगा।
 हरियाणा बिजली निगमों को राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में कमी की गई, आदेश के अनुसार 885.823 करोड़ रुपए जो इक्विटी पर वापिस अनुमोदित की गई है, वो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी से कम की जाएगी।
-एचईआरसी ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए दोनों बिजली वितरण निगमों के एआरआर के लिए 29,986.36 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, जबकि निगमों ने 32,543.78 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया था
वितरण घाटे – पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान आयोग ने एचटी और एनडीएस की बिक्री में कमी के साथ कोविड-19 महामारी के प्रभाव के कारण 18.5 प्रतिशत की वितरण हानि की अनुमति दी थी, जैसा कि अब बिक्री लगभग सामान्य स्तर पर वापस आ गई है, आयोग ने वितरण हानि के स्तर को 15 प्रतिशत यानी पूर्व-महामारी के स्तर वाला बहाल कर दिया है, जिससे बिजली उपभोक्ताआें को वितरित बिजली की लागत कम हो गई है।
अन्य राहत – एचटी औद्योगिक उपभोक्ताआें / गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने आयोग के साथ बातचीत करते हुए डिस्कॉम द्वारा जारी कई नोटिसों के बारे में गंभीर मुद्दों के बारे जानकारी दी, जिसमें एचटी औद्योगिक परिसर में एनडीएस गतिविधि के लिए बिजली के आंशिक उपयोग के कारण भारी मात्रा में धनराशि जमा करने को कहा गया। इसके लिए संक्षेप में कहा गया है कि एचटी उद्योग आपूर्ति श्रेणी के तहत औद्योगिक एस्टेट में डिस्कॉम द्वारा कनेक्शन जारी किया गया है, हालांकि, कुछ उपभोक्ताआें ने अपनी निर्माण प्रक्रियाआें के लिए कार्यालय या पैकेजिंग इकाई सहायक भी स्थापित किए हैं।
बिजली की अनाधिकृत उपयोग के रूप में डिस्कॉम द्वारा एचटी औद्योगिक कनेक्शन वाले औद्योगिक एस्टेट में किए गए इन सहायक गतिविधियों का निपटान किया जा रहा है, क्योंकि उपभोक्ताआें के एचटी एनडीएस श्रेणी के लिए आयोग द्वारा निर्धारित अलग-अलग टैरिफ और शुल्क हैं। आयोग ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया और सरकार की ईज-ऑफ डुइंग बिजनेस  और कोई मुकदमेबाजी नहीं नीति को आगे बढ़ाते हुए इसमें एचटी उद्योग श्रेणी और एचटी एनडीएस श्रेणी को एक श्रेणी यानी एचटी आपूर्ति में मर्ज करने का निर्णय लिया है।
आयोग का मानना है कि दो श्रेणियों को मिला दिया गया है, आयोग को श्रेणियों की संख्या कम करने का जनादेश भी दिया गया है। चूंकि, कोविड-19 महामारी के दौरान, जहां एचटी औद्योगिक उपभोक्ता अर्थव्यवस्था को पट्टी पर लाने के लिए कोरोना वारियर्स के रूप में लड़ रहे हैं, आयोग का मानना है कि इस तरह के छोटे कदम उद्योग की रीढ़ को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था के पुनरुद्घार के लिए एक मार्ग प्रसस्त करेंगे। यह देखते हुए कि पूरे हरियाणा में बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं, आयोग का आदेश है कि एक मुश्त उपाय के रूप में, इस मुद्दे को नोटिस जारी करने की तिथि के अनुसार लागू जुर्माना में अंतर शुल्क लगाकर सुलझाया जाना चाहिए। डिस्काम को निर्देश दिया गया है कि एेसे सभी मामलों की सूची, जिसमें इस खाते पर राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, और उनकी सूची तैयार कर दो महीने में आयोग को इसकी रिपोर्ट भेजें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here