लॉकडाऊन को लेकर हरियाणा में हुआ तमाशा, शिक्षा मंत्री ने करवाई सरकार की फजीहत, अब महामारी अलर्ट घोषित

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चंडीगढ़। हरियाणा में लॉकडाऊन के मायने पूरी तरह से बदल गए हैं। दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में जहां कोरोना की चेन तोडऩे के लिए सरकारों द्वारा लॉकडाऊन लगाए जा रहे हैं, वहीं हरियाणा सरकार ने इसका नाम बदल दिया है। इसे महामारी अलर्ट सुरक्षित हरियाणा का नाम देते हुए अप्रत्यक्ष लॉकडाऊन की घोषणा की गई है। इससे हरियाणा सरकार प्रदेश की जनता को क्या संदेश देना चाहती है, यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया है। मगर सुरक्षित हरियाणा के अंतर्गत अब प्रदेश में 10 से 17 मई तक सब कुछ बंद रहेगा।

सीएम और विज ने किया टवीट

मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं गृहमंत्री अनिल विज ने एक टवीट के जरिए इसकी जानकारी दी है। पंरतु इससे एक दिन पहले यानि कि शनिवार को लॉकडाऊन की घोषणा को लेकर हरियाणा में जमकर तमाशाा हुआ। सरकार के सूत्रों ने लॉकडाऊन की जानकारी मीडिया को जारी कर दी। इसकी अधिकारिक घोषणा करने की तैयारी की ही जा रही थी कि उससे पहले हरियाणा के शिक्षा मंत्री चौधरी कंवरपाल गुर्जर ने एक टवीट कर हंगामा खड़ा कर दिया।

कंवर गुर्जर ने कहा, नहीं बढ़ा लॉकडाऊन

हालांकि लॉकडाऊन की घोषणा से जुड़ा कोई भी महकमा कंवरपाल गुर्जर के अधीन नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने एक टवीट कर लॉकडाऊन ना बढाए जाने की सूचना जारी कर दी। इससे प्रदेश भर में हंगामा खड़ा हो गया। लोग आश्चर्यचकित हो गए कि आखिर मीडिया लॉकडाऊन की खबर जारी कर रहा है, मगर शिक्षा मंत्री इसका खंडन कर रहे हैं। अभी शिक्षा मंत्री का टवीट वायरल हो ही रहा था, तभी अचानक से गृहमंत्री अनिल विज ने टवीट कर बता दिया कि हरियाणा में लॉकडाऊन लगा दिया गया है।

विज ने महामारी अलर्ट दिया नाम

इस लॉकडाऊन को महामारी अलर्ट सुरक्षित हरियाणा का नाम दिया गया। इसके बाद शिक्षा मंत्री की जमकर किरकिरी हुई। इसे लेकर प्रदेश की जनता भी असमंजस में रही। आखिर वह किसके टवीट को हकीकत मानें। शिक्षा मंत्री कहते हैं कि लॉकडाऊन नहीं है और गृहमंत्री कहते हैं कि लॉकडाऊन बढ़ा दिया गया है। कुल मिलाकर इस मुददे पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर की जमकर आलोचना भी हुई। लोगों का कहना है ािक आखिर जिस विभाग से उनका कोई ताल्लुक ही नहीं है, उस विभाग में वह जबरन अपनी टांग अड़ा कर आखिर क्या संदेश देना चाह रहे थे।

गुर्जर को देना चाहिए स्पष्टीकरण

कंवर पाल गुर्जर के टवीट को लेकर प्रदेश की जनता के सामने अनेक सवाल आ खड़े हुए हैं। लोग इस मसले पर सरकार से सवाल कर रहे हैं कि क्या सीएम के कहने पर शिक्षा मंत्री ने यह टवीट किया। या फिर शिक्षा मंत्री अपने विवेक के आधार पर गृहमंत्री अनिल विज के महकमे में बेवजह दखल दे रहे थे। या फिर वह सरकार में इस टवीट के जरिए कुछ और ही कहना चाह रहे थे। आखिर प्रदेश की जनता इसे समझ नहीं पा रही है। बेहतर हो कि शिक्षा मंत्री श्री गुर्जर खुद ही अपने स्टैंड को जनता के सामने खुलकर रखें। वैसे बता दें कि इस मामले में सरकार की जमकर फजीहत तो हुई ही है और अब मजे की बात तो यह है कि अपने टवीट के बाद जब सीएम ने महामारी अलर्ट का टवीट किया तो गुर्जर ने उनके टवीट को रिटवीट भी किया है।

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