पिता के बाद मां भी छोडक़र चली गई, बेटी ने पीपीई किट पहनकर किया अपनी मां का अंतिम संस्कार

कोरोना से देश को पूरी तरह से जकड़ लिया है। लगातार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे है। ऐसे में कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तस्वीरे वायरल हो रही है। 

0
कैप्शन: अपनी मां का अंतिम संस्कार करते हुए बेटी
सोशल मीडिया पर कोरोना से जुड़ी एक तस्वीर वायरल हो रही है। जो अकेलेपन का अहसास कराती है। वहीं दुआ करने पर मजबूर करती है कि कोई भी कोरोना का शिकार न हो। यह फोटो बिहार से जुड़ी हुई है। इस फोटो को बिहार की एक पार्टी ने भी शेयर किया है। उन्होंने शेयर करते हुए सत्ता पक्ष पर निशाना साधा है।
बेटी मा-पिता का अकेले कर रही संस्कार 
इंडिया टूडे के पत्रकार अमरेंद्र का कहना है कि यह मामला रानीगंज के बिशनपुर का है। यहां पर रहने वाले वीरेंद्र मेहता और उनकी पत्नी प्रियंका देवी 28 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। दोनों को इलाज के लिए पूर्णिया ले जाया गया।  परंतु ईलाज के दौरान पति वीरेंद्र का निधन हो गया। वहीं पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आर्थिक स्थिति ठीक न होने से आ गई थी घर 
वीरेंद्र की पत्नी का इलाज चल रहा था। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से वह पांच मई को प्रियंका देवी को अस्पताल से घर ले आए। छह मई को अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। स्थानीय मुखिया सरोज कुमार मेहना की मदद से उनको इलाज के लिए फारबिसगंज के अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। वहां से फिर मधेपुरा कालेज रेफर कर दिया गया। रास्ते में ले जाते समय ही उनकी मौत हो गई।
डर की वजह से अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा कोई 
डर की वजह से अंतिम संस्कार मेें कोई नहीं पहुंचा। परिवार में तीन बच्चे थे। जिसमे सोनी बड़ी थी। किसी के नहीं आने पर बड़ी बेटी सोनी ने पीपीई किट पहनकर मां के शव को गड्ढे में डालकर उनका अंतिम संस्कार किया।  इस दौरान यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। तस्वीर को लेकर लोगों ने अपनी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाए दी।
आक्सीजन लेवल गिरने से हुई मौत 
रानीगंज अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि दोनों की मौत कोरोना से हुर्ई है। दोनों का मझुलता गांव में इलाज के लिए कई बार एंबुलेंस से भेजा गया था। लेकिन ऑक्सीजन का लेवल लगातार गिरता जा रहा था। जिससे उनको बचाना मुश्किल हो गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here