कम पड़ रहे हैं फरीदाबाद में श्मशान घाट, जानें पिछले 12 दिनों में कोरोना से हुई हैं कितनें मौतें

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Faridabad News (citymail news) शहर में कोरोना ने  पूरी तरह से कोहराम मचा दिया है। लोगों को अभी भी पूरी तरह से संभलने की जरूरत है। एक लापरवाही से उनका पूरा परिवार बिखर सकता है। नगर निगम की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 दिनों में शहर के अलग-अलग श्मशान घाटों में 277 शवों को जलाया गया है। इनमें 96 शव फरीदाबाद से बाहर के है। लेकिन 181 शव फरीदाबाद के शामिल है। जबकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा जा रहा है कि बाहर के शव का प्रतिशत अधिक है। लेकिन निगम की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 181 शव फरीदाबाद के ही जलाए गए है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सच क्यो नहीं बताया जा रहा है। यह समझ से परे है।
लापरवाही बरतने वालों पर पुलिस बरत रही सख्ती 
कोरोना संक्रमण के दौर में लापरवाही करने वालों पर पुलिस लगातार सख्ती कर रही है। चैकिंग के दौरान कई पुलिसकर्मी भी संक्रमण की चपेट में आ चुके है। जिन्हें आइसोलेट कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से बार बार लोगों को सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। रोजाना नए कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे है। इसके बावजूद कई जगह लापरवाही सामने आ रही है।
12 से 24 अप्रैल की रिपोर्ट में 277 मौते 
नगर निगम की ओर से तैयार की गई 12 से 24 अप्रैल की रिपोर्ट में अभी तक 277 मौते हो चुकी है। इनमें 181 शव शहर के अलग-अलग श्मशान में जलाए जा रहे है। जबकि 96 शव शहर के बाहर से है। बाहर से आए शवों में अजरौंदा और सेक्टर-37 श्मशान घाट में जलाया गया है।
श्मशान घाट में पैदा हो रही लकडिय़ों की दिक्कत 
लगातार बढ़ रही मौतों के कारण श्मशान घाट में अब लकडिय़ों की दिक्कत आने लगी है। परिजनों को खुद लकडिय़ों का इंतजाम करना पड़ रहा है। श्मशान घाट प्रबंधकों का कहना है कि अभी तक उनके पास लकडिय़ों का स्टाक पड़ा हुआ था। लेकिन अब लकडिय़ां खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में आने वाले समय में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विद्युत शवग्रह में भी करना पड़ रहा इंतजार 
पूरे शहर में एक विद्युत शवग्रह है। इस शवग्रह पर भी लोगों को अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। विद्युत शवग्रह में भी अब तक 50 से अधिक लोगों को जलाया जा चुका है। इसमें लकडिय़ों की बचत हो जाती है। एक शव का संस्कार करने में करीबन तीन क्विंटल लकडिय़ां जलती है।
प्रतिदिन जलाए जा रहे 25 से अधिक शव 
शहर के अलग-अलग श्मशान घाटो पर 25 से अधिक शव जलाए जा रहे है। अधिकतर मौते मरीज को बेड और आक्सीजन की कमी के कारण हो रहे है। लोग बेड के लिए दिल्ली एनसीआर के चक्कर काट रहे है। वहीं आक्सीजन के लिए भी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को समय पर इंजेक्शन नहीं मिल रहे है।
शव के संस्कार को लेकर आसपास के लोगों को होने लगी है परेशानी 
श्मशान घाट में लगातार जल रहे शवों के कारण आसपास के लोगों को परेशानी होने लगी है। इसको लेकर एनआईटी-3 स्थित श्मशान घाट पर कुछ दिन पहले लोगों ने हंगामा भी कर दिया था। आसपास के लोगों का कहना था कि लगातार शव जलने से उनके आसपास घुटन वाला माहौल हो गया है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। निगम अधिकारियों ने पुलिस को बुलाकर मामला शांत करवाया था। वहीं  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन फरीदाबाद की प्रधान पुनीता हसीजा का कहना है कि लोगों को पूरी तरह से सावधान रहने की जरूरत है। बिना जरूरत के घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति मजबूरी में निकलता है तो उसको मास्क लगाकर निकलना चाहिए।

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