इस ठेकेदार के सामने विधायक पति की खराब हो गई थी हवा, 1 F/41 को नोटिस और 1 F/ 31 पर मेहरबानी

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1 F/ 41
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अवैध निर्माणों को लेकर नगर निगम के अधिकारियों का दोगला रवैया सामने आता है। हाल ही में ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत अटकान ने अवैध निर्माणों को लेकर एक ऐसा फरमान जारी किया है, जिससे उनके खुद के तोडफ़ोड़ विभाग में आश्चर्य जताया जा रहा है। अटकान ने एनआईटी बस अडडे के सामने बन रहे अवैध निर्माण 1 एफ/41 को सील करने के लिए कई नोटिस जारी किए हैं। यही नहीं बल्कि इस बिल्डिंग के मालिक और ठेकेदार पर भी एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना कोतवाली पुलिस को पत्र भेजा है। हालांकि उनके ये दोनों ही फरमान कूडे के ढेर में फेंक दिए गए हैं। इसके बावजूद बाकि अवैध निर्माणों की ओर से इस अधिकारी ने अपनी आंखें बंद की हुई हैं।

ये है पावरफुल ठेकेदार का कारनामा

इसका असल कारण भी बता दें कि शहर में ऐसे तमाम अवैध निर्माण हो रहे हैं, जिनसे लाखों रुपए की उगाही की जाती है। मगर उन पर इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इसी अवैध बिल्डिंग के साथ एक और बड़ा अवैध निर्माण 1 एफ / 31 भी धड़ल्ले से बन रहा है। मगर ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत अटकान उसकी तरफ देखते ही नहीं। इसका क्या मतलब है, यह अब किसी को बताने की जरूरत नहीं है। इस तरह से दोगले व्यवहार को लेकर शहर में लोग हैरानी जता रहे हैं। दरअसल 1 एफ/ 31 का अवैध निर्माण एक ऐसे ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है, जिसका काम इस शहर को अवैध निर्माणों की भठठी में झोंकना है।

विधायक पति की भी निकली हवा

इस ठेकेदार का दावा है कि नगर निगम के कमिश्नर क्या ज्वाइंट कमिश्नर और तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारियों की वह ऐसी सेवा करता है कि कोई उसकी अवैध निर्माण की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देख सकता। इस ठेकेदार के दावे में दम भी है। पिछले दिनों एक महिला विधायक के पति ने पूरा दम लगा लिया कि वह उसका एनआईटी नंबर-2 में बनने वाले अवैध निर्माण को धाराशायी करवा दें। मगर इस ठेकेदार का दावा हकीकत निकला और विधायक पति की सारी पावर धरी की धरी रह गई।

अपनी जेब में रखता है अधिकारियों को

निगम के हर अधिकारी को ये ठेकेदार अपनी जेब में रखता है। उनके घर की सारी जरूरतें पूरी करता है। इसलिए मौजूदा विधायक का पति भी इस ठेकेदार केे सामने बौना ही साबित हुआ। इस तरह से और भी अवैध निर्माण हैं, जो इस ठेकेदार द्वारा सीना चौड़ा करके बनाए जाते हैं। इस ठेकेदार का साफ कहना है कि जो अवैध निर्माण कोई ना कर सके, वह उसे दे दिया जाए। फिर कमिश्नर तो क्या किसी भी अधिकारी की औकात नहीं कि वह उसे हिला भी सके । 1 एफ/41 के मामले में यह साबित भी हो गया है। प्लाट नंबर 1 एफ/31 और 1एफ/41 साथ साथ दो अवैध निर्माण बनाए जा रहे हैं, मगर एक अवैध निर्माण को सील करने के आदेश दिए गए हैं तो दूसरे पर पूरी मेहरबानी बनाकर रखी जा रही है। अब ऐसा क्यों हो रहा है, यह शायद किसी को बताने की जरूरत नहीं है।

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