MCF की बजट मीटिंग में हंगामा, स्वच्छता की आड़ में घोटाला, एक पार्षद ने की इस्तीफे की घोषणा

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Faridabad News (citymail news) बजट को लेकर सोमवार को नगर निगम सदन की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। निगम की ओर से जो बजट तैयार किया गया, उसमें सभी पार्षदों ने असंतोष जता दिया। नगर निगम अधिकारियों से नाराज होते हुए वार्ड-3 के पार्षद जयवीर खटाना ने तो रिजाइन की चेतावनी डे डाली। वही वार्ड-34 के पार्षद कुलवीर ने बजट की कापी को फाड़ डाला। उन्होंने कहा कि जब बजट में शहर की समस्याओं को लेकर कोई बजट नहीं निर्धारित किया गया तो इस बजट का कोई औचित्य नहीं है। सदन की बैठक का आयोजन सेक्टर-12 स्थित लुघ सचिवालय में किया गया।
कुल 2500 करोड़ का बजट तैयार किया
निगम सदन की बैठक में मेयर सुमन बाला, आयुक्त यशपाल यादव, सीनियर डिप्टी मेयर  देवेंद्र चौधरी, डिप्टी मेयर मनमोहन गर्ग सहित तमात पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में निगम सचिव ने बताया कि वर्ष-2021-22 के लिए निगम ने कुल 2500 करोड़ का बजट तैयार किया गया। जिसमें निगम की अनुमानित आय और खर्चों की जानकारी दी गई। सचिव ने यह भी बताया कि पैसे को कहां-कहां पर खर्च किया जाना है।
2-2 करोड़ देने का प्रावधान रखा जाए
निगम सचिव के बजट सुनाने के बाद पार्षदों ने एक सुर में कहा कि 2500 करोड़ के उनके लिए क्या प्रावधान रखा गया है। पहले प्रत्येक पार्षद को एक-एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई थी। लेकिन वह अभी तक नहीं मिला। पार्षदों ने मांग रखी कि बजट में पार्षदों के लिए 2-2 करोड़ देने का प्रावधान रखा जाए। ताकि वह अपने वार्ड में विकास कार्य करवा सके।
स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला
पार्षद अजय बैसला ने निगम आयुक्त और मेयर से कहा कि अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन में घोटाले कर रहे हैं। बिना काम ही भुगतान किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला कर लिया है। इसकी जांच होनी चाहिए। जब कोई मेयर या पार्षद अधिकारियों के काम को चेक करने के लिए जाते है तो अधिकारी खीझ जाते हैं। ऐसे अधिकारियों की जांच होनी चाहिए। इस पर आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को लेकर विजिलेंस जांच करवाई जा रही है। वहीं जो भी अधिकारी मेयर और पार्षद से बदतमीजी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
ऐसे में बजट का कोई फायदा नहीं
वार्ड-34 के पार्षद कुलवीर ने कहा कि नगर निगम में 2500 करोड़ का बजट तैयार कर दिया। लेकिन यह बजट असलियत से कोसो दूर है। उन्होंने कहा कि वह छह माह से एक पाइप की मांग कर रहे हैं। लेकिन उन्हें अभी तक पाइप नहीं मिला है। ऐसे में बजट का कोई फायदा नहीं है। यह कहते हुए कुलवीर ने बजट की कापी सदन में फाड़ दी।
निगम लोगों को सुविधाएं नहीं दे पाता 
वार्ड-3 के पार्षद जयवीर खटाना ने बजट ने विकास के मुद्दों को लेकर बजट में कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी बजट को लेकर तैयारी करके नहीं आए है। सीवर की समस्या को लेकर निगम के धक्के खाने पड़ते हैं। इसके बाद उन्होंने कार्यकारी अभियंता विवेक गिल से पूछा कि आपने बजट में जमीन बेचकर कमाई करने का प्रावधान रखा है। उन्होंने कहा कि सदन की बैठक में बताया जाए कि कितनी जमीन बेची गई है। अगर जमीन नहीं बिकी है तो किस कारण से नहीं बिकी है। कार्यकारी अभियंता विवेक गिल ने कहा कि अभी तक एक ही जमीन बिकी है। जिस पर पार्षद जयवीर खटाना ने कहा कि जमीन बिकी है। वह वाईएमसीए को दी है। नगर निगम लोगों को सुविधाएं नहीं दे पाता है। इसलिए जमीन की नीलामी नहीं हो पाती है।
आयुक्त को अपना रिजाइन सौंप देंगे
पूरे मामले पर आयुक्त ने बीच में हस्तक्षेप कर दिया। उन्होंने मेयर से कहा कि कोई भी पार्षद अधिकारियों से इस तरह ऊंची आवाज में बात नहीं कर सकता है। जिस पर जयवीर खटाना ने कहा कि जब उन्हें बात करने का अधिकार ही नहीं है तो वह पार्षद क्यों रहे। वह मंगलवार को आयुक्त को अपना रिजाइन सौंप देंगे। वह अपनी कुर्सी से रिजाइन दे रहे है। आयुक्त उनके वार्ड को गोद ले लेंगे।  इसके बाद जयवीर कुर्सी से उठकर बाहर जाने लगे। जिस पर पार्षद बिल्लू और मेयर सुमन बाला ने उन्हें समझाबुझा कर शांत कराया।

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