ठेंगे पर मनोहर सरकार, जूते की नोंक पर सभी कायदे कानून, अब एस.ई. से चीफ बनने जा रहा है विवादों में फंसा ये अधिकारी

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कायदे कानून व सुशासन की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली हरियाणा की मनोहर सरकार में सभी नियमों को जूते की नोंक पर रखकर अधिकारियों की प्रमोशन करने का नजायज धंधा खूब फल फूल रहा है। सरकार द्वारा बनाए गए सभी कायदे कानून व नियमों को ठेंगा दिखाकर अधिकारी अपनी प्रमोशन करवाने में जुटे हैं। हैरत की बात है कि इन प्रमोशन के खेल में चंडीगढ़ बैठे अधिकारी खुद ही ठेके ले रहे हंै।

प्रमोशन की हो जाएं निष्पक्ष जांच तो

पिछले दिनों नगर निगम में कई अधिकारियों की प्रमोशन व तबादले हुए हैं। यदि इन सभी की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच हो जाए तो प्रमोशन लेने व देने वाले अधिकारी जेल के भीतर जा सकते हैं। लेकिन हैरत की बात है कि मनोहर सरकार में शामिल मंत्री व बड़े अधिकारी आंखें बंद किए बैठे हैं। इसका परिणाम यह निकल रहा है कि बड़े बड़े घोटालों में शामिल अधिकारी धड़ाधड़ प्रमोशन ले रहे हैं।

सुर्खियों में है विजय ढाका का नाम

इसी कड़ी में हाल ही में एक्सईएन से सुपरीडेंट इंजीनियर की प्रमोशन लेकर नगर निगम फरीदाबाद में नियुक्त अधिकारी विजय ढाका का नाम भी सुर्खियों में है। इस अधिकारी को बिजली महकमे से ऑन डेपुटेशन के आधार पर जूनियर मोस्ट एक्सईएन के तौर पर नगर निगम में नियुक्ति दी गई थी। इसका सीधा से मतलब है कि पहले नगर निगम के अधिकारियों को प्रमोशन मिलेगी, उसके बाद इस एक्सईएन के विषय में विचार किया जा सकता है। पंरतु इस अधिकारी ने अपनी पावर के दम पर तमाम नियमों को ठेंगा दिखाते हुए एक्सईएन से एस.ई. की प्रमोशन हासिल कर ली।

9 साल का होना चाहिए अनुभव

हालांकि नियम ये भी है कि एक्सईएन से एस.ई. की प्रमोशन के लिए कम से कम 9 साल की सीनियरटी होनी चाहिए। मगर जब सैया भए कोतवाल तो फिर डर काहे का। इस आधार पर तेल लेने गए इस नियम को जूते की नोंक पर रखते हुए विजय ढाका को एक्सईएन से एस.ई. बना दिया गया। इस अधिकारी के बारे में बता दें कि गुरूग्राम में रहते हुए इस अधिकारी पर बिना टेंडर के 566 लाख रुपए का ठेका देने जारी करने का आरोप है। इसके चलते इस अधिकारी को निलंबित भी किया जा चुका है। तत्कालीन निकाय मंत्री कविता जैन के आदेश पर ही यह कार्रवाई की गई थी। इतना बड़ा मामला होने के बावजूद विजय ढाका नाम के इस अधिकारी को एक्सईएन से एस.ई. बना दिया गया। सिटीमेल न्यूज के पास इस अधिकारी की भूमिका से संबंधित अनेक दस्तावेज उपलब्ध हैं।

अब एस.ई. से चीफ बनाने की तैयारी

बताया गया है कि एस.ई. बनें विजय ढाका को अब चीफ इंजीनियर की प्रमोशन दी जा रही है। विजय ढाका को एस.ई. बने हुए जुम्मा जुम्मा कुछ महीने ही हुए हैं, मगर उन्हें अब चीफ इंजीनियर बनाकर उनकी पोस्टिंग गुरूग्राम नगर निगम में किए जाने की खबरें भी चर्चाओं में है। जबकि बता दें कि एस.ई. से चीफ इंजीनियर बनने के लिए कम से कम 3 साल की सीनियरटी होनी अनिवार्य है। बताया गया है कि प्रशासन व सरकार में इस अधिकारी के बड़े रसूख हैं, जिसका लाभ लेकर ये अधिकारी मोस्ट जूनियर एक्सईएन होने के बावजूद धड़ाधड़ प्रमोशन ले रहा है। हालांकि स्थानीय निकाय विभाग में विजय ढाका से कई अधिकारी पहले ही सीनियर हैं। एस.ई. से चीफ बनने के लिए पहले इन अधिकारियों का हक बनता है, मगर मनोहर सरकार में सभी हकों को डस्टबिन में डालकर पहले उन्हें प्रमोशन दी जाती है, जिन्हें सोलह कलाओं में संपूर्ण होने की महारत हासिल है।

 

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