Wednesday, July 28, 2021

फरीदाबाद के बादशाह खान अस्पताल का नाम बदलने पर कड़ा एतराज, पूर्व मेयर ने इसे शर्मनाक बताया

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फरीदाबाद के पूर्व मेयर अशोक अरोड़ा ने पूर्व स्वतंत्रता सेनानी बादशाह खान अस्पताल का नाम बदलने पर कड़ा एतराज जताया है। इसके चलते ही वीरवार को पूर्व मेयर ने अपने विरोध के साथ उपायुक्त के माध्यम से सरकार को पत्र भेजकर अस्पताल का नाम ना बदलने की मांग की है। उन्होंने उपायुक्त के जरिए राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से अपील की है कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है, मगर फरीदाबाद शहर की स्थापना करने वाले बादशाह खान के नाम को हटाना बेहद ही शर्मनाक है।

बादशाह खान ने अपने खून पसीने की अथक मेहनत के साथ पाकिस्तान से उजडक़र आए लोगों के लिए यह शहर बसाया था। इसलिए मौजूदा भाजपा सरकार को इस हरकत के लिए फरीदाबाद से माफी मांगनी चाहिए और अपने उक्त निर्णय को बदलना चाहिए। पूर्व मेयर ने कहा कि बादशाह खान अस्पताल का नाम किसी भी सूरत में नहीं बदला जाना चाहिए। यह परंपरा बेहद ही गलत है और पूरे देश में इसका गलत संदेश जाएगा।

वहीं दूसरी ओर पूर्व मेयर के पुत्र एवं युवा कांग्रेस नेता भरत अशोक अरोड़ा ने भी इस मामले को लेकर एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा फरीदाबाद के सबसे पुराने अस्पताल बादशाह खान का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व श्री अटल बिहारी बाजपेई के नाम पर किए जाने के फैसले को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि बादशाह खान अस्पताल का नाम पूर्व स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल गफ्फार बादशाह खान के नाम पर रखा गया। उन्होंने कहा की आज फरीदाबाद शहर को सुविधाओं कि जरूरत है तो प्रदेश की भाजपा सरकार नाम बदलने में लगी है।

बादशाह खान अस्पताल बरसों पुराना फरीदाबाद का मुख्य अस्पताल है और बरसों से लोग इसको बादशाह खान यानी कि बी के अस्पताल के नाम से जानते है। मगर भाजपा सरकार केवल ओर केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है।  भाजपा सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए नाम बदलकर लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। आज जब शहर के लोगों को मेडिकल सुविधाएं चाहिए, नए डॉक्टर्स चाहिए, मेडिकल स्टाफ चाहिए, आधुनिक उपकरण चाहिए, तो सरकार नाम बदलकर काम चला रही है। मगर भाजपा सरकार को शायद यह नहीं मालूम की अब लोग उनके झांसे में आने वाले नहीं है। लोगों को काम चाहिए, ताकि उनका भला हो सके ना की नाम बदलने से किसी का भला होगा।

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