पलवल, होडल और हथीन की लोक अदालतों में 1153 केसों में 354 केसों का हुआ निपटारा, देखें पूरी डिटेल

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Palwal News (citymailnews)  जिला अदालत में राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार  राष्ट्रीय लोक  अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन चंद्रशेखर के नेतृत्व एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव पीयूष शर्मा के मार्गदर्शन में लोक अदालत में केसों का निपटारा करने के लिए पलवल, होडल तथा हथीन की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालतें लगाई गई। इन लोक अदालतों में कुल 1153 केसों में से 354 केसों का निपटारा किया गया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव पीयूष शर्मा द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिला पलवल में सभी मामलों के निपटान हेतु अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार खंडूजा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र (फैमिली कोर्ट) डा. सुनीता ग्रोवर, मुख्य न्याय दंडाधिकारी राजेश कुमार यादव, प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट गुलशन वर्मा की राष्ट्रीय लोक अदालतों में नारायण सिंह परमार, श्रीमती कृष्णा शर्मा, हंसराज शांडिल्य, राज सिंह तेवतिया पैनल अधिवक्ताओं को बतौर सदस्य लोक अदालत में  नियुक्त किया गया।

इसी प्रकार होडल में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट श्रीमती नेहा गुप्ता की  राष्ट्रीय लोक अदालत में संदीप अग्रवाल पैनल अधिवक्ता और हथीन में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट श्रीमती मीनू की राष्ट्रीय लोक अदालत में वीरपाल चौहान पैनल अधिवक्ता ने बतौर सदस्य की बेंच स्थापित की गई। इसके अतिरिक्त परमानेंट लोक अदालत में लगने वाले बैंक रिकवरी, बिजली, पानी इत्यादि की केसों को उपयुक्त अदालतों में भेजकर निपटान किया गया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव पीयूष शर्मा ने राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे मे बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालतों में वाहन दुर्घटना, मुआवजा, बैंक वसूली, राजीनामा योग्य फौजदारी मामले, बिजली एवं पानी के बिल संबंधी मामले, श्रम विवाद, सभी प्रकार के पारिवारिक विवाद, चैक बांउस, राजस्व मामले आदि को रखा गया था। इस लोक अदालत में उक्त विवादों के निपटारे के लिए सुलह एवं समझौते के आधार पर निपटारे के प्रयास किए गए, जिसके चलते राष्ट्रीय लोक अदालतों में पारिवारिक मामलों में 32 में से 12 मामलों को सहमति से निपटाया गया।

फौजदारी के 39 मामलों में से 29 मामलों का निपटारा किया गया। चैक बाउंस के 57 केसों में से 5 मामले आपसी सहमति से निपटाए गए। वाहन दुर्घटना के 57 मामलों में से 4 मामलों को निपटाया गया। बैंक वसूली के 55 मामलों में से 31 मामले निपटाए गए। अन्य दीवानी मामलों में 183 में से 140 मामले निपटाए गए। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट, बिजली चोरी के 730 मामलों की भी सुनवाई की गई।

वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले सभी व्यक्तियों को मास्क पहनना और हैंड सेनीटाइजर से अपने हाथों को समय-समय पर साफ करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए अदालतों की कार्यवाही को संपन्न किया गया, जिससे कि इस महामारी को रोका जा सके और कानूनी कार्यवाही को सुचारू रूप से पूर्ण किया जा सके।

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