MCF में जंगलराज, अवैध निर्माणों से जमकर हो रही वसूली, 1 F/41 सील के बाद भी काम जारी

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फरीदाबाद में अवैध निर्माणों से उगाही का धंधा इस कदर हावी है कि तोडफ़ोड़ विभाग ने सभी कायदे कानूनों को जूते की नोंक पर रख दिया हैं। अवैध निर्माणों पर रोकथाम के लिए नगर निगम में गठित तोडफ़ोड़ विभाग ने इस काम को अपना मुख्य धंधा बना लिया है, यही वजह है कि शहर में जहां देखो, वहीं अवैध निर्माण होते दिखाई देते हैं। हैरत की बात है कि ईमानदार कहे जाने वाले निगमायुक्त यश गर्ग भी अपनी आंखों पर पर्दा डाले बैठे हैं। सब कुछ पता होने के बावजूद वह खुली आंखों से तोडफ़ोड़ विभाग की मनमानी देख रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार तक भी अवैध निर्माणों से अवैध वसूली की शिकायतें पहुंच रही हैं। इसके चलते ही मुख्यमंत्री फ्लाईंग ने भी अवैध निर्माणों की सूची बनाकर तोडफ़ोड़ विभाग की शिकायत सरकार को भेजनी शुरू कर दी हैं, मगर इसके बाद भी तोडफ़ोड़ विभाग की करतूतों पर लगाम नहीं लग पा रही है।

सील हो चुकी ईमारतों में जारी है अवैध निर्माण-

यही वजह है कि जिन अवैध ईमारतों को सील किया जा चुका है, तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारी वहां भी धड़ल्ले से काम करवा रहे हैं। प्रत्यक्ष उदाहरण के तौर पर एनआईटी नंबर-1 एफ./ प्लाट नंबर-41 (एनआईटी बस अडडे के सामने) में बनाई जा रही अवैध ईमारत का नाम लिया जा सकता है। इस ईमारत का नक्शा रिहायशी तौर पर पास करवाया गया, मगर वहां निर्माण हो रहा है कमिर्शियल ईमारत के मुताबिक। इससे निगम के खजाने को चूना भी लग रहा है। हालांकि इस ईमारत को एक बारगी अधिकारी सील भी कर चुके हैं, लेकिन जब वहां से मोटी उगाही हो गई और वह भी आयुक्त के नाम की आड़ में तो सभी कायदे कानून तेल लेने चले गए।

आयुक्त के नाम से होती है उगाही ?

बता दें कि शहर में अधिकांश अवैध निर्माण ऐसे हैं, जहां से आयुक्त के नाम का खौफ दिखाकर बड़े पैमाने पर उगाही की जा रही है।  हालांकि यह भी सच्चाई है कि आयुक्त श्री गर्ग को राज्य भर में ईमानदार अधिकारी माना जाता है और उन्हें इसकी जानकारी भी ना हो। आयुक्त यश गर्ग ने अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए तोडफ़ोड़ विभाग में एसडीओ हक्मूददीन को नियुक्ति दी थी। लेकिन लगता है ये एसडीओ साहब अपने आयुक्त की उम्मीदों को ठेंगा दिखाते हुए अवैध निर्माणों के रंग में पूरी तरह से रंग गए हैं। यही वजह है कि एनआईटी एरिया में चारों तरफ अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं और अधिकारियों की गाडिय़ां उगाही के कामों में जुटी हुई हैं ?

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