किसान आंदोलन, Delhi-NCR में दिखाई नहीं दिया बंद का असर, किसानों ने कहा, नहीं करना चाहते जनता को परेशान

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दिल्ली-एनसीआर में किसान संगठन एवं राजनैतिक दलों द्वारा किए गए भारत बंद का कोई बड़ा असर दिखाई नहीं दिया। हालांकि तमाम किसान संगठनों ने दिल्ली-एनसीआर के बार्डर पर अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज करवाई, मगर पुलिस ने समय रहते ही वैकल्पिक रास्तों का प्रबंध कर लिया था, इसलिए लोगों को इससे अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

सुबह सडक़ों पर उतर आए किसान और नेता

भारत बंद के आहवान के दौरान दिल्ली में सुबह साढे 10 बजे दिल्ली, नोएडा, गुरूग्राम, फरीदाबाद और अन्य शहरों में यातायात सामान्य दिखाई दिया। सडक़ों पर आम दिनों की भांति वाहन चलते रहे। दिल्ली-एनसीआर के जो रास्ते किसान आंदोलन की वजह से पहले से ही बंद थे, वहां से यातायात का रास्ता बदल दिया गया था। पुलिस ने इस आंदोलन के चलते सुरक्षा व्यवस्था इतनी पुख्ता कर रखी थी कि लोगों को इससे अधिक दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा।

नजरबंद रहे आंदोलन का समर्थन करने वाले-

हरियाणा में तो किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले कर्मचारी और राजनैतिक दलों के नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया था। इसके मद्देनजर हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेश शास्त्री के घर पर पुलिस ने पहरा बिठा दिया। जिसकी वजह से नरेश शास्त्री घर से गायब रहे और उनका परिवार पुलिस के साए में रहा। वहीं फरीदाबाद में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मवीर भड़ाना को भी उनके सैक्टर 21 स्थित घर में नजरबंद कर दिया गया था।

किसान नेता डागर ने सडक़ पर लगाया जाम-

किसान नेता सतबीर डागर ने राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-2 पर जाम लगाने का प्रयास किया। पंरतु कुछ देर के अंदर ही पुलिस ने इस जाम को खुलवा दिया। पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस नेता जगन डागर को पुलिस ने एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इनके अलावा सडक़ जाम करने वाले अनेक लोगों को फरीदाबाद क्राईम ब्रांच ने समय रहते गिरफ्तार कर लिया था। इस तरह से दिल्ली-एनसीआर में भारत बंद का असर दिखाई नहीं दिया। वहीं किसान नेताओं ने कहा कि उनका मकसद जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है। जब तक सरकार किसानों के लिए बनाए गए तीनों अध्यादेश वापिस नहीं लेती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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