फरीदाबाद में अवैध निर्माणों पर अब सीएम उडऩदस्ते की नजरें, ईमानदार कमिश्नर की चुप्पी पर सभी हैरान

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Faridabad News (citymail news) एनआईटी क्षेत्र में अवैध निर्माणों से जहां नगर निगम का तोडफ़ोड़ विभाग जमकर उगाही में जुटा है, वहीं अब मुख्यमंत्री उडऩदस्ते ने इस घालमेल पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं। मुख्यमंत्री उडऩदस्ते को लगातार अवैध निर्माणों की शिकायतें मिल रही हैं। इन शिकायतों में कहा गया है कि निगम के तोडफ़ोड़ विभाग और अवैध निर्माण माफियाओं की मिलीभगत ने इस शहर को बदसूरत बना दिया है।

हालांकि आयुक्त यश गर्ग एक ईमानदार छवि के साथ अपना कार्य कर रहे हैं, मगर अवैध निर्माणों के मामले में वह भी फेल साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि सीएम उडऩदस्ते ने अवैध निर्माणों को लेकर तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नजरें गड़ा दी हैं।  बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद और एनआईटी में सबसे अधिक अवैध निर्माण एनआईटी क्षेत्र में हो रहे हैं। चर्चा है कि इन अवैध निर्माणों से लाखों रुपए की उगाही की जाती है, जिसकी बंदरबांट नीचे से लेकर ऊपर तक की जाती है। यही वजह है कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई में हर किसी की बोलती बंद ही रहती है।

निगम के तोडफ़ोड़ विभाग द्वारा अधिकांश बार कार्रवाई वहीं की जाती है, जहां से उगाही नहीं होती। यदि ऐसा ना होता तो सोमवार को एनआईटी नंबर-5 में गुरूद्वारा गुजराते टे्रन के पास बनी हुई पांच दुकानें सील ना होती और 5 जी/ 53 की तरह से ही धड़ल्ले से वहां अवैध निर्माण जारी रहता। इसे कहते हैं दोगली नीति। एक ओर अवैध निर्माण बाखूबी चल रहा है तो दूसरी ओर वहीं पास में बने अवैध निर्माणों को सील कर दिया जाता है। लोगों का कहना है कि या तो निगम प्रशासन किसी के खिलाफ कार्रवाई ना करे या फिर सभी को बनने की छूट दी जाए। जहां से माल मिले उसे छोड़ दो और जहां से कुछ ना मिले उसे तोड़ दो। निगम के तोडफ़ोड़ विभाग की इसी दोगली नीति पर कभी भी मुख्यमंत्री उडऩदस्ते की गाज गिर सकती है।

वहीं दूसरी ओर ईमानदारी का तमगा लेकर सरकार में अपनी स्वच्छ छवि बना चुके निगम आयुक्त यश गर्ग भी अब तोडफ़ोड़ विभाग का सारा खेल अच्छी तरह से समझ चुके हैं, मगर इसके बावजूद वह इस गजब खेल पर आंखें बंद किए बैठे हैं। इसमें अब कमिश्नर यश गर्ग की क्या मजबूरी है ये तो वहीं जानें, मगर फरीदाबाद वासियों को उनकी यह चुप्पी बेहद ही रहस्यमयी लग रही है।

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