आईटी की नौकरी छोड़कर बैंबो मैन बन गए शिंदे, कमा रहे हैं करोड़ों में

0
- Advertisement -

आप जो सुबह उठकर प्ला​स्टिक का ब्रश इस्तेमाल करके अपने दांतों को चमकाते हैं वो हमारे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाते हैं. पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए योगेश शिंदे ने अपनी मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर बैंबो इंडिया की शुरुआत की. आज योगेश की कंपनी बांस के विभिन्न तरह के प्रोडेक्ट बनाकर बेच रहे हैं. बांस हमारे पर्यावरण के लिए नुकसानदायक भी नहीं होते हैं.

योगेश शिंदे ने कहा कि नौकरी के दौरान मैं दूसरे देशों के लिए काम करता था तो मुझे लगता था कि मैं अपने देश के लिए क्यों नहीं कुछ कर रहा हूं. तभी मेरे दिमाग में बांस से टूथब्रश बनाने का आइडिया आया. योगेश कहते हैं कि इस बिजनेस से हम हर साल 13.5 लाख किलोग्राम प्लास्टिक वेस्ट होने से बचाते हैं. इस काम में 2500 किसानों को रोजगार मिला है. योगेश ने कहा कि शुरू में जब मैंने बांस को लेकर रिसर्च किया तो पता चला कि भारत बांस का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है. हमें केवल बांस के पेड़ के बारे में पता है लेकिन बांस का घास भी होता है, जो सबसे तेजी से बढ़ता है.

योगेश ने कहा कि प्लास्टिक की चीजों को रिप्लेस करने के लिए सबसे पहले हमारी टीम ने उन चीजों पर रिसर्च करना शुरू किया जिनका लोग सबसे अधिक दैनिक जीवन में प्रयोग करते हैं. इस रिसर्च में पता चला कि प्लास्टिक ब्रश का सबसे अधिक इस्तेमाल भारत में होता है. सबसे पहले हमने प्लास्टिक ब्रश को रिप्लेस करके बैंबो ब्रश बाज़ार मे उतारा. प्लास्टिक से आजादी दिलाने के लिए हमने 2016 में 15 अगस्त को अपनी इस कंपनी की नींव रखी. प्लास्टिक हमारे लिए वरदान है लेकिन इसका अत्यधिक प्रयोग हमारे सेहत के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं. बैंबू से ब्रश के अलावा योगेश की कंपनी डेस्क आर्गनाइजर, गिफ्टिंग आइटम और बैंबू स्पीकर भी तैयार करते हैं. जूही चावला, दिया मिर्जा और रणदीप हुड्डा जैसे सितारे भी बैंबो ब्रश का इस्तेमाल करते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here