हरियाणा में कांग्रेस अपने सिंबल पर लड़वाएगी मेयर व पार्षद का चुनाव, इच्छुक उम्मीदवारों को करना होगा ये काम

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चंडीगढ़। हरियाणा के तीन जिलों में मेयर व पार्षदों के चुनाव के लिए तमाम दलों ने मोर्चा संभाल लिया है। इन चुनावों को लेकर जहां भाजपा ने चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं, वहीं कांग्रेस ने भी इन पदों पर चुनाव लडऩे वालों से आवेदन मांगे हैं। हालांकि भाजपा तो आरंभ से ही नगर निगम चुनावों को गंभीरता से लेते हुए अपने सिंबल पर चुनाव लड़ती रही है, मगर इस बार कांग्रेस ने भी अपने चुनाव निशान पर उम्मीदवारों को मैदान में लाने का फैसला किया है। इसके चलते ही कांग्रेस ने पहली बार चुनाव लडऩे के इच्छुक नेता व कार्यकर्ताओं से आवेदन मांगे हैं।

होने हैं मेयर व पार्षदों के चुनाव-

बता दें कि राज्य के कई शहरों में जल्द ही मेयर व पार्षदों के चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी है, इनकी तिथि घोषित होना बाकि है। बता दें कि राज्य के पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों के चुनाव होने निर्धारित हैं। कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि इस बार तीनों नगर निगम चुनावों में मेयर व पार्षदों को अपने सिंबल पर चुनाव मैदान में उतारा जाएगा। इसके लिए कांग्रेस ने इच्छुक नेता व कार्यकर्ताओं से आवेदन मांगे हैं।

कांग्रेस ने जारी की है ये सूचना-

कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए सूचना जारी की है, जिसके तहत पंचकूला, अंबाला व सोनीपत नगर निगम से मेयर व पार्षद का चुनाव लडऩे की इच्छा रखने वालों से आवेदन मांगे गए हैं। इस सूचना में कहा गया है कि पंचकूला नगर निगम के लिए कार्यकर्ता 5 दिसंबर 2020 को सुबह 10 बजे से चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय कोठी नंबर-140 सैक्टर 9 बी में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 दिसंबर 2020 निर्धारित की गई है। इसी प्रकार से अंबाला नगर निगम हेतु कार्यकर्ताओं को अंबाला जिला कांग्रेस कमेटी में आवेदन करना होगा। आवेदन करने की तिथि 5 दिसंबर और आखिरी तिथि 7 दिसंबर तय की गई है। इसी प्रकार से सोनीपत के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय नजदीक रेस्ट हाऊस, सुभाष चौक सोनीपत में आवेदन करना होगा। आवेदन करने की तिथि व अंतिम तिथि उपरोक्त ही रहेगी।

सिंबल पर चुनाव को लेकर रही है कांग्रेस में धड़ेबाजी-

याद रहे कि फरीदाबाद नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस में जमकर धड़ेबाजी का खेल चला था। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर कांग्रेस सिंबल पर अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़वाने के इच्छुक थे, जबकि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा इसके खिलाफ थे। यह मामला कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी तक भी गया था। मगर अंत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ही चली थी और कांग्रेस ने सिंबल पर चुनाव ना लडऩे का निर्णय लिया था। हालांकि कांग्रेस को इसका नुक्सान भी उठाना पड़ा था। कांग्रेस समर्थित कई पार्षद चुनाव जीतकर आए थे। तब तंवर ने दलील दी थी कि यदि कांग्रेस सिंबल पर उम्मीदवार उतारे जाते तो बहुमत कांग्रेस को मिलता। पंरतु कांग्रेस ने अब प्रदेश के सभी नगर निगम में पार्टी सिंबल पर ही चुनाव लडऩे का निर्णय लिया है। वैसे भी इस बार से हरियाणा की सभी नगर निगम व परिषदों में मेयर व अध्यक्ष का चयन आम जनता द्वारा चुनाव के माध्यम से किया जाएगा। जबकि पहले जीते हुए पार्षद ही मेयर व अध्यक्ष का चुनाव करते थे।

 

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