परिवार संग आई 11 साल की बच्ची ने कहा, पढ़ाई जरूरी, लेकिन लड़ाई भी जरूरी

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photo source bbc
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New Delhi: किसान आंदोलन में शामिल होने परिवार संग आई 11 साल की बच्ची गुरसिमरत कौर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने जो काला कानून पास किया है। मैं उसके विरोध में यहां आई हूं। बच्ची ने कहा कि यहां रहने पर परेशानी तो है, जैसे रात को मच्छर काटते हैं,लेकिन मुझे परवाह नहीं, और हम गोलियों से भी नहीं डरते हैं। गुरसिमरत कौर ने कहा कि वह छठवीं क्लास की छात्रा हैं, और 10 तारीख से उसकी परीक्षा भी शुरु होने वाले हैं। जिसके लिए वह घर से किताब भी लेकर आई है। उनकी टीचर उन्हें रिवीजन के लिए कहती हैं, और मोबाइल के माध्यम से वह ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रही है। कौर कहती हैं कि जिस तरह से पढ़ाई जरूरी है, उसी प्रकार से लड़ाई भी जरूरी है। कौर आगे कहती हैं कि वह अपनी मां, पिता के साथ आई है, और तब तक यहीं पर रहेंगे जब तक केंद्र की मोदी सरकार काला कानून वापस नहीं ले लेती।

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गुरसिमरत कौर की मां सुखबीर कौर ने कहा कि मेरी बेटी, पति व उनके दो भाई यहां आए हैं। हम यहां अत्याचार के खिलाफ हो रहे संघर्ष में शामिल होने आए हैं, और जब तक यह संघर्ष चलेगा, हम यहीं पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम कमजोर नहीं है, और न ही कोई हमे कमजोर समझे। उन्होंने कहा कि रब पर हमे काफी उम्मीद है कि जल्द ही हमारे हक में फैसला आएगा। क्योंकि रब भी उन्ही की मदद करता है जो सच के साथ खड़ा है।

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