रोशन के पिता हैं रिक्शा चालक, बिहार अंडर-17 में बेटे का हुआ चयन

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New Delhi: भारत में क्रिकेट की तुलना में किसी और खेल को फॉलो नहीं किया जाता है। यहीं कारण है कि आज हर दूसरे बच्चे का सपना क्रिकेटर बनने का हो रहा है। ऐसा ही एक सपना बिहार के एक युवा ने भी देखा है। लेकिन इस युवा को अपना सपना पूरा करने के लिए कई कठिनाईयों से होकर गुजरना पड़ा है। इस युवक का नाम है रोशन। जिनके परिवार को अपनी किसी निजी कारणों की वजह से पटना शहर छोडऩा पड़ा। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिवार का खर्च चलाने के लिए रोशन के पिता ने बिहार की सडक़ों पर रिक्शा भी चलाया। वहीं रोशन भी परिवार की मदद के लिए कहीं भी जाकर काम करते थे। लेकिन इन सबके बीच अपने सपने को पीछे छूटने नहीं दिया। रोशन को बिहार अंडर-17 में शामिल किया गया है।


क्या कहते हैं रोशन
रोशन बताते हैं कि वह रोजाना यह सोचकर सो जाते थे कि अगले दिन किसी न किसी एकेडमी से फोन आएगा। और एकेडमी में शामिल होने के लिए बुला लिया जाएगा। रोशन ऐसा इसलिए सोचते थे क्योंकि क्रिकेट का प्रशिक्षण लेने के लिए काफी पैसे लगते हैं, और उनके पास पैसे नहीं थे। रोशन बताते हैं कि उन्हें खुशी है कि बिहार की डीएमएस क्रिकेट एकेडमी की मदद से उन्हें युवा क्रिकेट एकेडमी लीग 2020 में खेलने का मौका मिला है।
इनसे मिली प्रेरणा
रोशन कहते हैं कि वह एक गरीब परिवार से हैं, लेकिन उनके सपने बड़े हैं। जिसे वह हर हाल में पूरा करेंगे। वह रोजाना घंटों अभ्यास करते हैं। रोशन कहते हैं कि इंडियन टीम न आईपीएल में कई ऐसे क्रिकेटर आए। जो मेरी ही तरह गरीब परिवार से थे। अगर वह मेहनत कर इंडियन टीम में खेल सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं। रोशन को विश्वास है कि वह एक दिन टीम इंडिया के लिए जरूर खेलेगा।

source india times hindi

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